'हिंदू-बौद्ध-क्रिश्चियन काउंसिल हसीना के पालतू कुत्ते': यूनुस के एडवाइजर बोले- सेक्युलरिज्म हटेगा, शरिया नहीं आएगा; भारत हमें भूटान न समझे

अरे, शेख हसीना पर अपने सरकार की घाटकताओं को सुधारने के लिए भारत द्वारा बांग्लादेश में एक ऐसी काउंसिल बनाने का फैसला किया गया था, जिसमें हिंदू, बौद्ध और क्रिस्टियन सभी समुदायों को शामिल किया जाएगा। इस परिषद के माध्यम से हम अपने पड़ोसी देश के साथ संबंध बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन इस परिषद में हिंदू, बौद्ध और क्रिस्टियन सभी समुदायों को शामिल करना एक जटिल काम होगा।

शेख हसीना की सरकार के खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे, जिनमें से सबसे बड़ा आरोप वहां की संविधानिकता और संसदीय प्रणाली को तोड़ना, धर्म-निरपेक्षता की दिशा में कदम उठाने के बाद भी कई सामाजिक और धार्मिक हिंसा के मामलों में शामिल रहना आदि थे।
 
मुझे लगता है कि यह अच्छा फैसला हो सकता है, लेकिन पहले तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर किसी की आवाज़ सुनी जाए। मेरी बेटियाँ हमेशा कहती हैं कि दोस्तों की तरह काम करना और समाज में शांति बनाए रखना बहुत जरूरी है। लेकिन यह परिषद तो एक अच्छा विचार है, अगर हम इसके माध्यम से अपने पड़ोसी देश के साथ बेहतर संबंध बनाने की कोशिश करेंगे।
 
अरे वो तो बहुत अच्छी बात है! 🤩 एक ऐसी परिषद बनाने का फैसला किया गया है जिसमें हमारे पड़ोसी देश के सभी समुदायों को शामिल किया जाएगा। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा सोचा गया होगा, खासकर जब हमारे देश और पड़ोसी देश के बीच संबंध मजबूत करने की बात आती है। लेकिन अभी भी कई सवाल उठते हैं, जैसे कि क्या यह परिषद वास्तव में सभी समुदायों को एक साथ ला पाएगी? और क्या यह सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को दूर करने में मदद करेगी? 🤔
 
बांग्लादेश में जो परिषद बनाई जा रही है, वह जरूर एक अच्छा कदम होगा, लेकिन हमें यह सोचकर भी नहीं चूकना चाहिए कि इसमें सभी समुदायों को शामिल करना आसान होगा। शेख हसीना की सरकार पर लगे आरोप वाकई बहुत गंभीर हैं, और अगर हम इनमें से कुछ समाधान नहीं ढूंढ पाएंगे, तो यह परिषद भी सफल नहीं होगी।
 
बात हुई ना के? यह तो एक अच्छा विचार है कि हम अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी बेहतर संबंध बनाने की कोशिश करें। लेकिन सच में, शेख हसीना की सरकार पर बहुत सारे आरोप लगाए गए थे। मैंने अपने दोस्तों और परिवार के लोगों से बात की है और कहा है कि अगर हम उनके साथ संवाद करना शुरू करेंगे, तो क्या परिणाम निकलेगा।

लेकिन मुझे लगता है कि इस परिषद को सफलतापूर्वक बनाना बहुत आसान नहीं होगा। हमें अपने पड़ोसी देश की समस्याओं को समझना होगा और उनके साथ सहयोग करना होगा। और यह एक अच्छा विचार है कि हमारी सरकार ने इस परिषद में सभी समुदायों को शामिल करने का फैसला किया है। लेकिन अब देखना होगा कि आगे क्या होता है।

मुझे लगता है कि हमें अपने पड़ोसी देश से जुड़ने के लिए पहले उनकी समस्याओं को समझना होगा। और फिर ही हमें एक अच्छे संवाद की शुरुआत करनी होगी। 🤔
 
अरे, यह एक अच्छा फैसला है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस परिषद में सभी समुदायों को बराबर मौका मिलने दिया जाए। शेख हसीना की सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर, हमें यह सोचकर आगे नहीं बढ़ना चाहिए कि सब ठीक है। हमें ये ध्यान रखना होगा कि परिषद में शामिल समुदायों की अलग-अलग जरूरतों और चिंताओं को भी ध्यान में रखना होगा।
 
अरे, यह तो बहुत अच्छा निड़ाह है! 😊 हमारा देश हमेशा से पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाने की कोशिश करता आया है। लेकिन, शेख हसीना की सरकार में ऐसे भी बहुत सारे गलतियाँ हो रही थीं जैसे कि हम तो उनके खिलाफ आरोप लगाते रहते थे। और अब जब उन्होंने इस तरह की परिषद बनाने का फैसला किया, तो मुझे लगता है कि यह एक अच्छा निर्णय होगा। लेकिन, हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि सभी समुदायों को शामिल करना आसान नहीं होगा, खासकर जब हमारे देश में धर्म-निरपेक्षता की बात करने पर कई लोग सुनने में नहीं आते।
 
बात बोलते हैं! 🤔 बांग्लादेश में ऐसी परिषद बनाने का फैसला तो अच्छा है, लेकिन हमें सोचنا होगा कि यहाँ सभी धर्मों की संख्या एक-एक होती है! 🙃 शेख हसीना की सरकार पर आरोप लगाने का मतलब यही है कि उनके पास बहुत बड़ा मुद्दा है, लेकिन हमें उम्मीद है कि इस परिषद से वे दोस्ती और समझ बढ़ाएंगे। 😊
 
बड़े भाई, यह परिषद विचार करने योग्य हो सकती है, लेकिन हमें पहले सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि हम अपने पड़ोसी देश के साथ खुद को अच्छी तरह से जानते हैं। शेख हसीना की सरकार की हर कदम पर नज़र रखना भी एक मुश्किल काम होगा, लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं तो फिर क्यों?

मुझे लगता है कि इस परिषद में शामिल होने से पहले हमें अपने पड़ोसी देश के बारे में अच्छी तरह से जानने की जरूरत है। इसके अलावा, यह परिषद हमारे फोरम की अपनी खामियों को भी उजागर करेगी, जैसे कि टिप्पणियों की नीति और शीर्षक चयन में बहुत सारी अनिश्चितता।
 
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