Weather Update: फिर करवट बदलेगा मौसम, पहाड़ों पर दो दिन बारिश-बर्फबारी के आसार; कई राज्यों में कोहरे का अलर्ट

मौसम एक बार फिर बदलने जा रहा है। पहाड़ी राज्यों में अगले दो दिनों तक बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट और तेज हवाएं चल सकती हैं। मैदानी इलाकों के कई राज्यों में घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी हुई है।

बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने यात्रियों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 10 फरवरी से पहाड़ी राज्यों में गरज के साथ बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड, लद्दाख में बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भी इसी अवधि में बारिश और हिमपात के आसार हैं। 10 फरवरी को हालात ज्यादा बिगड़ सकते हैं।

30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन, भूस्खलन और यातायात बाधित होने के खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

देश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में घना कोहरा देखा जा सकता है, जबकि उत्तराखंड में भी कहीं-कहीं घना कोहरा देखा जा सकता है।

आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बदलाव दिखेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में तापमान करीब दो डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है, इसके बाद अगले दो दिनों में इसमें दो डिग्री की गिरावट संभव है।
 
अरे, ये तो फिर से हमारी पृथ्वी पर जैसी ही बदलाव आ रहे हैं। लेकिन क्या ये बदलाव अच्छे-बुरे में नहीं मिल रहे? 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है, तो फिर हमारी पहाड़ी इलाकों में क्या होगा? मौसम विभाग ने भी हमें सतर्क रहने की सलाह दी है, लेकिन क्या हम उनकी सलाह पर विश्वास कर सकते हैं? 🤔

और ये तो फिर से घना कोहरा आ रहा है। हमारे तटीय इलाकों में भी ऐसा देखा जा सकता है, इसके बाद उत्तराखंड में। तो फिर हमें कहां जाना चाहिए? और क्या हमारे मौसम विभाग ने सही से समझा है? 🌫️

मुझे लगता है कि हमें अपने पेड़ों और पौधों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन फिर भी तेज हवाएं चलने पर वे कहां जाने देंगे। और क्या हमारे मौसम विभाग ने इस बात पर ध्यान देने की कोशिश की है? 🌳

ये तो फिर से एक समस्या है, लेकिन हमें इसका समाधान कैसे ढूंढेंगे? 🤷‍♂️
 
अरे दोस्त, यह तेज हवाएं और बारिश की चेतावनी सुनकर मुझे कुछ खास नहीं लगती, लेकिन फिर भी हमें अपने घरों और जीवन में कुछ बदलाव लाना चाहिए। मेरी राय में, हमें अपने घरों को तैयार करना चाहिए, जैसे कि दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह से बंद रखना, और अगर हमारे पास पंखे हैं, तो उन्हें अच्छी तरह से लगाना।

मैंने अपने घर में एक छोटा सा पंखा लगाया है जिससे मेरे घर में हवा अच्छी तरह से चलती है। और अगर हमारे पास बिजली का कनेक्शन नहीं है, तो हमें अच्छी तरह से लाइट बनानी चाहिए। मैंने अपने दोस्त के घर में एक जेनरेटर लगाया है जिससे वह रात में भी अच्छी तरह से रोशन रहता है।

अब, तेज हवाएं और बारिश की चेतावनी सुनकर हमें अपने खाने के पैसों को सही से रखना चाहिए। मैं हमेशा अपने खाने के पैसों को एक अलग से खाते हुए लेट होने से पहले रखता हूँ ताकि हवाएं और बारिश में कुछ भी न हो।

मुझे लगता है कि हमें अपने घरों में कुछ बदलाव लाने चाहिए ताकि हम तेज हवाओं और बारिश में सुरक्षित रह सकें।
 
बारिश और बर्फबारी की बात तो है लेकिन फिसलन, भूस्खलन और यातायात बाधित होने का खतरा तो वास्तव में चिंताजनक है। उत्तराखंड और लद्दाख जैसे प्रमुख पहाड़ी राज्यों में 10 फरवरी से भारी वर्षा और बर्फबारी की आशंका है, लेकिन फिर भी मौसम विभाग की सलाह को ध्यान में रखते हुए हमें अपनी यात्राएं और किसानी गतिविधियां सावधानी से चलानी चाहिए।
 
बारिश की तैयारी शुरू कर देना चाहिए, नहीं तो जान लेगी 🌨️। पूरे राज्यों में घना कोहरा छाने की बात करने से पहले हवाएं और तापमान की स्थिति को जरूर देखें। 10 फरवरी को भी याद रखें, बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उत्तराखंड, लद्दाख में खूब बारिश हो सकती है, तो वहां के लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। 😬
 
बारिश और बर्फबारी के आसार तय हुए हैं तो फिर भी कई जगहों पर घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी हुई है... तेज हवाएं चलने की संभावना है तो यात्रियों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए 🚨। मैं अपने गांव में भी बारिश के आसार होते हैं तो हमेशा खुश रहते हैं... लेकिन तेज हवाएं चलने पर हमारे घर के दीवारें झूलती रहती हैं... कभी-कभी सड़कें भी फिसलती रहती हैं 😬। मैं आशा करता हूं कि यात्रियों और किसानों को सुरक्षित रखने की कोशिश करें।
 
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