बोलते हैं तो यह बात है कि कोई भी खिलाड़ी जो अपना राष्ट्र के लिए खेल रहा है, उसको अपने अधिकारों के साथ नहीं चलने दिया जाना चाहिए। ये हमारे टीम में ऐसा होने की तैयारी नहीं करता। और बात बांग्लादेश की, वो खिलाड़ियों को राज्य सरकार से समर्थन मिला, लेकिन भारतीय प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया है। यह सिर्फ इसलिए नहीं है कि हम उनकी ताकत पर भरोसा करते हैं, बल्कि हमें उम्मीद थी कि हम उन्हें अपने खेल में विकसित करने का मौका दें।