US के यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से मिले थे दलाई लामा? बौद्ध धर्मगुरु के दफ्तर का आया रिएक्शन

दलाई लामा के दफ्तर ने अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से मिलने के दावों को खारिज कर दिया है. बौद्ध धर्मगुरु के ऑफिस ने रविवार (8 फरवरी, 2026) को आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि दलाई लामा कभी भी एपस्टीन से मिले नहीं हैं और न ही उन्होंने अपनी तरफ से किसी को उनसे मिलने या बातचीत करने की इजाजत दी है. दलाई लामा के ऑफिस ने कहा है कि एपस्टीन फाइल्स में जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स दलाई लामा को एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश कर रही है.
 
मुझे लगता है कि यह सब बहुत अजीब है 🤔📝, दफ्तरों में ऐसी बातें तो बिल्कुल नहीं होती. आपने देखा होगा कि जब कोई व्यक्ति किसी गलत चीज़ में लिप्त होता है, तो उसके ऑफिस वहां लोग हमेशा उसके पीछे रहते हैं और उसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। लेकिन डेलाई लामा के दफ्तर ने ऐसा नहीं कहा है कि उन्होंने कभी भी एपस्टीन से मुलाकात की, बस इसलिए खारिज कर दिया है ताकि यह साबित कर सकें कि वह पूरी तरह से सच्चे हैं। लेकिन शायद वास्तविकता यह है कि उनके पास उस व्यक्ति को मिलने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करने का मौका नहीं मिला।
 
अरे, यह तो बहुत अजीब है कि कैसे एक अमेरिकी यौन अपराधी को बौद्ध धर्मगुरु से मिलने का दावा किया जाता है? लोगों की निजता और सुरक्षा का यह दावा तो बहुत खतरनाक है... फिर भी, मुझे लगता है कि दलाई लामा के ऑफिस ने सही कदम उठाए हैं, क्योंकि अगर वे सच नहीं बता रहे हैं तो यह सब एक बड़ा झूठा खेल होगा।
मेरी बात की बात करो, ज्यादातर लोग ध्यान से देखेंगे कि ऐसा पूरा मामला कैसे चलने लगा, और फिर भी, यह एक बड़ा सबक है कि हमारी निजता और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखी जाए.
 
मुझे लगता है कि यह सब तो बहुत ही अजीब है, यह कहानी तब तक वास्तविक होने की शंका करनी चाहिए। मैंने देखा है कि ये बातें अक्सर लोगों को बहुत ही भटकाव में डालती हैं। सोशल मीडिया पर इतनी फैली जानकारी क्या सच है? यह हमेशा से एक सवाल रहा है, और अब जब दलाई लामा के ऑफिस ने इस बात को खारिज कर दिया, तो मुझे लगता है कि यह सब बस एक बड़ी झूठी कहानी है।
 
अरे, तुमने देखा या नहीं कि दफ्तर के लोग अब क्यों ऐसा करने लगे हैं? यह तो बहुत बड़ा मूर्ख व्यवहार है! दलाई लामा से जुड़े हुए कोई भी पुरुष चोर या बलात्कारी नहीं होना चाहिए। उनके दफ्तर ने इस तरह से बोलकर उसकी छाप मिटाने की कोशिश कर रहे हैं तो फिर वाकई में कुछ भी गलत नहीं है? और तुमने देखा कि कैसे मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स लोगों को ध्यान में रखते हैं? तो फिर तुम लोग इस तरह की चाल चल रहे हो ताकि दलाई लामा को नुकसान पहुंचाया जा सके? अरे, यह तो बहुत बड़ा मूर्ख व्यवहार है!
 
ਦਲੈ ਲਾਮਾ ਨੂੰ ਫੇਸਬੁੱਕ ਪੋਸਟਾਂ 'ਤੇ ਵੀ ਜੇਫਰੀ ਏਪਸ਼ਟੀਨ ਦੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ. ਇਸ ਗੱਲ 'ਤੇ ਆਪਣੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਕੋ਷ਿਸ਼ ਕਰਨੀ ਪਈ, ਲੇਕਿਨ ਫਿਰ ਵੀ ਉਸ ਦੇ ਗੱਲਾਂ 'ਚੋਂ ਬਹੁਤ ਅਜਿਹੇ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ ਪਛਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜੋ ਉਹਨਾਂ ਲੱਗੇ ਅਚਾਨਕ ਘਟਦੇ.
 
अरे, यह तो बहुत अजीब लग रहा है कि अमेरिकी नागरिक जेफरी एपस्टिन पर यौन अपराधों के आरोप लगें और फिर तो दलाई लामा से उनकी मुलाकात के दावे हो जाते हैं... और फिर आधिकारिक बयान में खारिज कर दिया जाता है! यह तो बहुत अजीब लग रहा है, मुझे लगता है कि लोग कुछ गलत समझ गये होंगे।
 
अरे, ये बहुत ही खास बात है! तो क्या वास्तव में कोई भी ऐसी बात नहीं है? दलाई लामा के ऑफिस ने कह दिया है कि वह कभी भी जेफरी एपस्टीन से मिले नहीं हैं, तो फिर चीजों को कैसे समझने का तरीका है? यह तो एक बहुत बड़ा विवाद हो सकता है, लेकिन शांति से बात करनी चाहिए। क्या हमें थोड़ी और जानकारी मांगनी चाहिए, या फिर बस ध्यान देना चाहिए कि तो कैसे कुछ गलत हुआ?
 
मुझे लगता है कि यह सब बिल्कुल भी सही नहीं है। मैंने तो कल देखा था कि अमेरिकी फिल्मों में ऐसी ही सीनें होती हैं जैसे कि किसी एक लोग को और दूसरे लोग से बातचीत करने की इजाजत नहीं है, लेकिन वास्तविकता तो अलग है। मुझे लगता है कि यह सब तो फिल्मों की तरह ही है। और ये मीडिया रिपोर्ट्स तो वाकई हंसाने वाली हैं। दफ्तर से जो बयान आया, वह तो बहुत अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा झूठा मैच है।
 
अरे, यह तो थोड़ा अजीब लग रहा है... दलाई लामा के ऑफिस ने पहले से ही कह दिया है कि वे अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से कभी मिले नहीं हैं, तो फिर क्यों? और यह तो पता चलता है कि उनके ऑफिस में थोड़ा खलासा होने वाला है, लेकिन फिर भी देख रहे हैं कि कैसे मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर ऐसी बातें चलने लगी हैं. तो यह तो एक अच्छा सबक है कि हमेशा जांच-जांच करनी चाहिए, लेकिन फिर भी थोड़ी सी अनिश्चितता बनी रहती है... 🤔
 
मैंने खुशी से पढ़ा कि दफ्तर ने ऐसे झूठे दावों को खारिज कर दिया 🙌. ये सब मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स ही थीं जो लोगों को गलत जानकारी दे रही थीं। दलाई लामा एक महान धर्मगुरु हैं और उनका समय कुछ भी ऐसा नहीं है जिससे वे निपटने के लिए मजबूर हो। मुझे लगता है कि यह बात देखकर हमें ध्यान रखना चाहिए कि हर कोई हमारी तस्वीर बनाने की कोशिश करता है, लेकिन सच्चाई हमेशा सामने आती है।
 
मैंने देखा है तो इस बात पर बहुत चर्चा हो रही है, मैं तो सोचता हूं कि यह बात बिल्कुल अनावश्यक है। क्योंकि अगर दलाई लामा ने कभी भी जेफरी एपस्टीन से मिलने का फैसला किया होता, तो उनके पास ऐसे विशेषज्ञ सलाहकार होते जिन्हें इस तरह की बातचीत करने की सलाह दी जाती। लेकिन यहां तक कि उनके पास भी नहीं था। अब मुझे लगता है कि बहुत सी चीजों पर हम तो ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
 
तभी तो ऐसा लगता है कि मीडिया बस मच्छर की तरह घूम रहे हैं 🐜. दिल्ली में ये मच्छर पूरा दिन दलाई लामा की बात कर रहे थे, और तभी जेफरी एपस्टीन से उनकी मुलाकात हो गई। नहीं, नहीं, नहीं! अब यह तो कोई मजाक नहीं है। और फिर तो दिल्ली में क्या बोले? 🤔

मेरे खयाल में दलाई लामा जी की दफ्तर ने अपने बयान से बहुत बड़ा नुकसान निकला होगा। अब ये सब मीडिया करारा हो गया है। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा है कि दलाई लामा जी ने ऐसा बयान दिया है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
 
मैंने भी सुना है यह बात, लेकिन मुझे लगता है कि सबकुछ ठीक से नहीं हुआ है. दफ्तर ने तो कह दिया है कि दलाई लामा कभी भी एपस्टीन से मिले नहीं हैं, लेकिन फिर भी मीडिया में इतनी बातें हो रही हैं कि लगता है कि सबकुछ एक खेल की तरह है. मुझे लगता है कि सच्चाई को ढूंढना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन तो हमें कम से कम पूरी सच्चाई जानने का प्रयास करना चाहिए.
 
अरे ये तो बहुत बड़ा विवाद हो गया है... यह तो मुझे भी आश्चर्यचकित कर दिया है कि कैसे मीडिया रिपोर्ट्स सोशल मीडिया पोस्ट्स और फाइल्स में लोगों की जिंदगी को इतना बिगाड़ सकते हैं... दलाई लामा जी की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, और ऐसी गलत खबरें फैलाने से तो उनकी खुशी नहीं होगी, बल्कि हमारी समाज में भी घमासान होना पगल है 🤦‍♂️...
 
मुझे लगता है कि यह बातें सच नहीं होंगी, दरोगा, दफ्तर में बहुत चतुराइyon होती हैं और वो किसी भी बात को ध्यान से सुन लेते हैं। तो फिर ये बताया गया कि दलाई लामा ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की, लेकिन मुझे लगता है कि यह बातें सच नहीं होंगी। ज्यादातर मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में ऐसी गड़बड़ी होती रहती है, तो फिर दफ्तर में किसी भी बात को खारिज करने में समय लगता है।
 
मेरी बात है कि ये सब क्यों हो रहा है? दलाई लामा जी के ऑफिस ने तो कह दिया है कि उनके साथ कभी भी जेफरी एपस्टीन की मुलाकात नहीं हुई, लेकिन फिर तो मीडिया और सोशल मीडिया लोगों को लगा रहे हैं कि दोनों की कोई बातचीत हुई। यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि दलाई लामा जी की सुरक्षा और गोपनीयता का ध्यान रखा जाए।
 
🤔 मुझे यह तो वाकई अजीब लगा कि मीडिया ऐसा बातचीत करने की कोशिश करता है जिससे किसी को भी नुकसान हो सकता है 🤕 और फिर इसके बाद दुनिया सोचती है कि यह क्या हुआ 🙃 अब तो लोगों में ऐसी गलिचपाई होने लगी है कि कोई भी सोच रहा है कि मीडिया कितनी सच्ची है 💯 याद रखें, मीडिया केवल तो एक दृष्टिकोण है जो हमें पेश करता है 📺 और कभी-कभी यह दृष्टिकोण गलत हो सकता है 🤔
 
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