'US का अच्छा पार्टनर नहीं भारत', ट्रेड डील से पहले निक्की हेली के बेटे का एंटी इंडिया पोस्ट

अमेरिका में एक ऐसे व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर भारत की आलोचना की है, जिसने अपने पिता के रूप में प्रसिद्धि, लेकिन इस बात से खुद को अलग दिखाया है कि उसने विवेक रामास्वामी जैसे लोगों से जुड़ाव बनाए रखने के बजाय, अमेरिका की आलोचना करने में अपनी रुचि बढ़ाने की कोशिश की है.

नलिन हेली, जो 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' नाम से प्रसिद्ध है, ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि भारत अमेरिका का अच्छा दोस्त नहीं रह गया है. वह अमेरिका को सस्ता लेबर भेजता है, ईरान से तेल खरीदता है, और रूस से हथियार मिलते हैं. इसके अलावा, नलिन ने कहा है कि भारत सरकार सस्ती है.

नलिन ने यह दावा भारत को अमेरिका का अच्छा दोस्त नहीं रहने जाने के बाद किया है, जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर चर्चा में है. इसके साथ ही, नलिन ने अमेरिका को अपने कई दोस्तों के साथ रिश्तों पर फिर से सोचने की जरूरत कही है.

इस बयान से पहले, विवेक रामास्वामी ने एक वीडियो में भारत के साथ अमेरिका के संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया था. लेकिन अब, नलिन हेली ने विवेक रामास्वामी की इसी ओर नीतियों के बारे में आलोचना की है.

नलिन का बयान भारत और अमेरिका के ट्रेड डील पर चर्चा के समय इस तरह आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों पर बहस छिड़ गई है. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी इस पर अपनी टिप्पणियां दी हैं, जिसमें कहा गया है कि भारत कभी अमेरिका से दोस्ती का दावा नहीं किया है. इसके अलावा, कई लोगों ने नलिन हेली और उनकी मां निक्की हेली के बयान को अलग किया है, जहां पहली निक्की हेली ने कहा था कि अमेरिका को भारत के साथ दोस्ती बनाए रखने के लिए जरूरत है.
 
नलिन हेली के बयान से हमें यह सीखने का मौका मिलता है कि आलोचना करने का सही तरीका होता है, पर इसके साथ ही हमें अपने विचारों को ठीक से समझने और उनके पीछे की बातचीत को समझने की जरूरत होती है. हमें यह भी याद रखना चाहिए कि दुनिया में हर देश अपने तरीके से चलता है, और जब कोई देश किसी अन्य देश की आलोचना करता है तो वह खुद अपनी आलोचना करने में भी अक्सर देरी करता है. हमें यह भी समझना चाहिए कि दोस्ती बनाने और संबंधों को मजबूत रखने के लिए समय और प्रयास लगता है, इसलिए हमें धैर्य रखकर और सोच-समझकर अपने विचारों को व्यक्त करने की जरूरत होती है. 🤔
 
ज्यादातर बार ऐसे लोग जैसे नलिन हेली खुद को विपक्ष में रखते हैं तो वे अपने बयान से दूसरों को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं. अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर चर्चा कर रहे हैं और लोग अपनी राय रखते हैं तो एक तरफ नलिन हेली इस बात पर जोर दे रहा है कि अमेरिका सस्ता लेबर भेजता है. लेकिन ऐसा नहीं है, लोगों को पता है कि भारत में कई जगहों पर अमेरिकी कंपनियां अपनी फैक्ट्री खोल रही हैं और उन्हें सस्ता लेबर नहीं देते हैं.
 
मुझे लगता है कि इस बारे में बहुत सोच-समझकर बात करनी चाहिए. नलिन हेली के बयान को समझने की जरूरत है, लेकिन हम भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती की परिभाषा को भी स्पष्ट रूप से नहीं कर पाए हैं. अमेरिका ने वास्तव में तो हमारे देश को दिसंबर 2020 में 'प्री-क्लीयरन्स शिप' समझौते से दिया था, जिसमें कहा गया था कि अगर हमें हस्तांतरण पर समय लेते हैं तो अमेरिका ने हस्तक्षेप नहीं किया. लेकिन फिर भी उन्होंने हमारे साथ बिल्डिंग रिलेशनशिप करने में हिचकिचाना शुरू कर दिया है.

हमें यह समझना चाहिए कि अमेरिका और भारत के बीच संबंध बहुत जटिल हैं और दोनों पक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इस बात पर ध्यान देते हैं. हमें इन्हीं बातों पर विचार करना चाहिए, न कि केवल एक ही पक्ष पर टिप्पणी करनी.
 
नलिन हेली का बयान सुनकर मुझे लगता है कि वह सचमुच अमेरिका के बारे में कुछ नहीं जानता. भारत अमेरिका का अच्छा दोस्त नहीं रह गया है? यह तो बहुत आसान है! लेकिन उसने ये नहीं कहा कि अमेरिकी सरकार किस तरह से भारत के खिलाफ काम कर रही है. 🤔

और तो और, नलिन हेली ने कहा है कि अमेरिका ईरान से तेल खरीदता है, रूस से हथियार मिलते हैं... लेकिन उसने नहीं बताया कि भारत भी ऐसा ही करता है. भारत हमेशा से एक खिलाड़ी बनकर दुनिया को चकमा देता रहा है! 🤹‍♀️

मुझे लगता है कि नलिन हेली और उसकी मां निक्की हेली का बयान अमेरिकी राजनीति की जड़ों को साबित करता है. लेकिन हमें अपनी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि हम अमेरिकी सरकार के ऐसे बयानों पर विरोध कर सकें. 🗣️

क्या हमें अमेरिका को भारत के साथ दोस्ती बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है? जी बिल्कुल! हमें अपने देश की महत्वपूर्णता को समझने की जरूरत है और हमारे देश के साथ अमेरिका के रिश्तों पर मिलकर विचार करने की जरूरत है. #भारतकादोस्तीहै #अमेरिकासस्तीलेबर
 
नलिन हेली का बयान सचमुच चिंताजनक है! मुझे लगता है कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि भारत और अमेरिका के संबंधों में खुशियां और चुनौतियां दोनों हैं। नलिन का कहना कि अमेरिका भारत को सस्ता लेबर भेजता है, ईरान से तेल खरीदता है, और रूस से हथियार मिलते हैं... यह सच नहीं है। हमें अमेरिकी सरकार पर खुली आलोचना करनी चाहिए, लेकिन हमें भारत के प्रति निरंतर सहानुभूति रखनी चाहिए। 🤔
 
नलिन हेली की बात है तो अच्छी नहीं है, वह सस्ती हेली और कम उम्र के लड़के भेजता है 🤦‍♂️, ईरान से तेल खरीदता है तो फिर कहेंगे कि अमेरिका तेल से नहीं निकलेगा 💨, रूस से हथियार मिलते हैं तो देश में शांति कैसे रहेगी? 🤔
 
मुझे लगता है कि नलिन हेली के बयान से कुछ गलत समझने की जरूरत है। अमेरिका-भारत संबंधों पर बात करने से पहले, हमें यह जानना चाहिए कि अमेरिकी और भारतीय दोनों पक्षों में अपनी-अपनी रुचियां और हित होते हैं। लेकिन यह बात जरूरी नहीं है कि भारत अमेरिका से हमेशा दोस्ती करेगा या न करेगा।

जैसे-जैसे समय बदलता रहता है, हमें अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है। अगर हम अभी भारत और अमेरिका के बीच अच्छी-खासी संबंधों की बात कर रहे हैं, तो यह भी एक बात है जिस पर विचार करने की जरूरत है कि इन दोनों प्रणालियों में उनकी अपनी-अपनी चुनौतियां और फायदे हैं।

लेकिन नलिन हेली का बयान सिर्फ इतना नहीं है। यह हमें अमेरिकी राजनीति और उसके प्रभावों पर विचार करने की जरूरत बनाता है, जिसमें कई तरह की मंशाएं और हित हो सकते हैं।
 
मुझे लगता है कि यह बयान बहुत अजीब है, जैसे अगर मैं अपनी बेस्टफ्रेंड से कहूं कि मैं उनके साथ गलतियां कर रहा था, तो वे मेरी बात नहीं समझेंगे। अमेरिका और भारत दोनों देश अपने रिश्तों को मजबूत बनाने की जरूरत है, न कि घटित करने. और फिर भी उन्होंने क्यों ऐसा कहा।
 
मुझे ये सवाल ताज़ा है - हम अपने देश से बात करते समय, विदेशी रिश्तों पर कितना ध्यान देते हैं? अमेरिका जैसे देश में लोग भारत को अच्छा दोस्त नहीं कह सकते, तो क्या हम अपने देश से बात करते समय उनके बयान पर ध्यान न दें? 🤔

मुझे लगता है कि अमेरिकी लोग भारत से जुड़े हुए हैं, लेकिन वे हमारे देश को अच्छा दोस्त नहीं कह सकते. हमें अपने देश के बारे में और जानने की जरूरत है, ताकि हम विदेशी रिश्तों पर सही से बात कर सकें। 🌎

क्या अमेरिका भारत को सच्चा दोस्त नहीं बन सकता? क्या हमें अपने देश के लिए और जानने की जरूरत है? 🤓
 
मुझे ये सब बहुत अजीब लगता है! 🤔 क्योंकि अगर हम अमेरिका और भारत के बीच के रिश्तों पर बात कर रहे हैं तो दोनों देशों ने कभी नहीं कहा है कि वह एक दूसरे के अच्छे दोस्त नहीं हैं. इसके अलावा, अमेरिका भारत से सस्ता लेबर क्यों मांग रहा है? शायद अमेरिकी मजदूरों को कम वेतन पर काम करने की जरूरत है... 🤷‍♂️
 
नलिन हेली के बयान पर मेरा विचार है कि यह बहुत ही अजीब है, खासकर जब हमें पता होना चाहिए कि उनकी मां निक्की हेली ने कहा था कि अमेरिका को भारत के साथ दोस्ती बनाए रखने के लिए जरूरत है. इसके अलावा, मुझे लगता है कि उन्होंने विवेक रामास्वामी जैसे लोगों की आलोचना करने से पहले अपने स्वयं के दृष्टिकोण पर अच्छी तरह से विचार करने में खराब हुए. और फिर भी उन्होंने ऐसा बयान दिया जैसे हम भारत अमेरिका का अच्छा दोस्त नहीं रह गए हैं. 🤔
 
मुझे लगता है की नलिन हेली की बातें थोड़ी मूर्खाने वाली लग रही हैं... अमेरिका से दोस्ती नहीं कहा है, बस व्यापार करना और अपने हितों की रक्षा करना चाहते हैं... और भारत सरकार तो बस आम आदमी के लिए सस्ता मिलता है... लेकिन क्या यही सब है? क्या हम अपने देश की आर्थिक शक्ति पर अमेरिकी व्यापारियों की गरिमा से ज्यादा भरोसा कर रहे हैं?
 
नलिन हेली का बयान बहुत ही दिलचस्प है... मुझे लगता है कि वह अमेरिका की आलोचना करने की स्थिति में है जिससे उसे अपनी पहचान बनाए रखने का मौका मिलता है. लेकिन, मुझे लगता है कि उसकी बातों पर विचार करना चाहिए. अमेरिका-भारत संबंध में शायद ऐसी जटिलताएं हैं जिन्हें वह समझने की जरूरत है.
 
अमेरिका में इन्स्टाग्राम पर तेजी से वायरल होने वाला यह बयान मुझे थोड़ा चिंतित करता है 🤔 नलिन हेली का दावा भारत अमेरिका का अच्छा दोस्त नहीं रह गया है, तो क्यों? क्या हमें इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाएगा कि हमने अपने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना को अमेरिका की रिश्तों की तरह ही बनाए रखा है? 🤷‍♂️

लेकिन इसके अलावा, मुझे लगता है कि इस बयान ने भारतीय समाज को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है। यह बयान हमें अमेरिकी रिश्तों की तुलना करने पर मजबूर करता है, जो हमारे देश की विशेषताओं और मूल्यों को समझ नहीं लेता। 🤦‍♂️

मैं समझता हूं कि हमें अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए कुछ बदलाव करने होंगे, लेकिन इस तरह से बोलकर नलिन हेली और उनकी मां निक्की हेली ने यह जरूरत नहीं समझाई है। हमें अपने देश की विशेषताओं को समझने और अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए, न कि अमेरिकी रिश्तों की तरह। 💬
 
नलिन हेली के बयान से मुझे लगता है कि वह अपने राजनीतिक लाभ के लिए अमेरिकी सरकार को लक्ष्य बिंदु बना रहा है.

विवेक रामास्वामी जैसे व्यक्तियों ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया था, लेकिन अब तो लोग उन्हें आलोचना में डालने की कोशिश कर रहे है.

नलिन ने कहा है कि भारत अमेरिका का अच्छा दोस्त नहीं रह गया है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बयान सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए बनाया गया है.

अमेरिकी सरकार को भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत रखने की जरूरत है, न कि आलोचना करने की.
 
मुझे लगता है कि अमेरिका की आलोचना करने वाले लोगों ने भारत के प्रति गलत धारणा बना रखी है. अमेरिका और भारत के बीच सस्ता लेबर और ईरान से तेल खरीदने जैसे मुद्दे जरूर हैं, लेकिन उन्हें एक दूसरे के खिलाफ ना रखना चाहिए. अमेरिकी और भारतीय अर्थव्यवस्थाओं पर हमारे देश की राय अलग है तो फिर अपनी स्वयं की राय देने में कोई बुराई नहीं है. लेकिन आलोचना करने वालों ने इस मुद्दे पर एकजुटता नहीं बनाई है, इसके बजाय अमेरिका को खराब लेबर वाली स्थिति के लिए अपने देश की जिम्मेदारी बतानी चाहिए.
 
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