ट्रम्प दुनिया का $6.7 लाख करोड़ जब्त कर सकते हैं: क्या इसलिए अंधाधुंध सोना खरीद रहे देश, दुनिया में अंदरखाने क्यों मची इतनी उथल-पुथल

अमेरिकी सेनानी, डोनाल्ड ट्रम्प के वित्त मंत्री ने बताया है कि अगर वह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को एक ही समय में अपने पैसे निवेश कर लेते, तो वे दुनिया के सोने की खजाने को जितना चाहें, उतना ही जब्त कर सकते हैं। इस बात का मतलब यह है कि ट्रम्प सरकार ने अपने पास 6.7 लाख करोड़ रुपये का सोना जमा कर लिया है।

लेकिन फिर सवाल उठता है, क्यों ऐसी बड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे देश भारत और अन्य दुनिया को अंधाधुंध तरीके से करते हैं? इसके पीछे कुछ विशेष reason तो नहीं हैं?

भारत सरकार ने अपनी आर्थिक नीति में बदलाव लाने के बाद से, देश में सोना की कीमतें बढ़ने लगी हैं। रोज 10 हजार-20 हजार रुपए गिर-चढ़ रहा है। इसके पीछे कारण क्या है?
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे देश में जो भी हमारे आसपास सोने की खजाने लगते हैं, वह विदेशों में जमा ही कर रहे हैं। यह तो एक बड़ा सवाल है कि क्यों हमारी सरकार अपने देश में सोना जमा नहीं कर रही है।

मुझे लगता है कि इससे बहुत बड़ी समस्या हो सकती है, क्योंकि अगर विदेशों में जो सोना जमा होता है, वह हमारे देश के लिए खतरा बन सकता है।

मैंने एक बार अपने दादाजी से पूछा था, 'दादाजी, आप कभी सोचते हैं कि अगर हमारे देश में भी ऐसा सोना होता तो वह कैसे हमारी सरकार के लिए फायदेमंद होगा?'

उनके जवाब में उन्होंने कहा, 'बेटा, यह सच्चाई है कि जब हम अपने देश में सोना जमा करते, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती आती है।'

लेकिन लगता है आजकल की सरकार मैंने कभी नहीं सोचा था, वह तो विदेशों में सोना जमा कर रही है, हमारे देश में नहीं।
 
मुझे लगता है कि अगर सरकार ने इतनी बड़ी मात्रा में सोना खरीदने वाला निर्णय लिया, तो फिर भी यह सवाल उठता है कि इसके पीछे ऐसी बड़ी राशि कैसे इकट्ठा की गई? क्या यह सरकार द्वारा अपने मुद्रास्फीति नियंत्रण के प्रयासों से जुड़ा हुआ है? और अगर हाँ, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हमें चिंतित होने की जरूरत नहीं। बाकी बातें तो मुझे लगता है कि सरकार ने अपने सोने की खरीद के पीछे सच्चे रationale को छिपाया है।
 
ये तो एक बड़ा सवाल है 🤑... दुनिया में सबसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं ने भी इतना सोना जमा करने की कोशिश नहीं की। लेकिन भारत सरकार ने ऐसा बदलाव क्यों किया, जिससे सोने की कीमतें बढ़ गई हैं? मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ बड़ी बातें हो सकती हैं। शायद सरकार ने सोचा होगा कि अगर देश में सोना अधिक मांग में आता है, तो यह रोजगार बनाने और अर्थव्यवस्था बढ़ाने में मदद करेगा। लेकिन एक तरफ ऐसी बड़ी मात्रा में सोना खरीदने के बाद भी इससे देश को फायदा नहीं होगा।
 
अरे भाई, यह ट्रम्प सरकार की बात तो बहुत ही दिलचस्प है, लेकिन हमें सोचना चाहिए कि ये कैसे होगा। अगर वे इतना सोना खरीद लेते हैं तो ये हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा। और फिर भी, उन्होंने ऐसी बड़ी मात्रा में सोना जमा करने का क्या कारण है? मुझे लगता है कि यह सरकार की आर्थिक नीति बदलने के बाद भारत में सोने की कीमत बढ़ने का कोई दुर्भाग्यपूर्ण सिद्धांत नहीं है। हमारे पैसे को कम करने का तरीका तो यही होगा। और फिर भी, सरकार से कोई जवाब नहीं मिल रहा है, खैर, ये दुनिया है जिसमें हर चीज़ के पीछे एक reason होता है, हमें बस सोचना होगा। 🤔
 
अरे, देखिए, भारत में सोने की कीमतें बढ़ने लगी, तो क्या सरकार ने ऐसा इसलिए किया है कि वे अपने लोगों को अच्छे रिटर्न देना चाहते हैं? या फिर यह तो और भी जटिल बात है, जैसे कि सरकार ने सोने की खरीद-फरोख्त में कुछ नया-नया नियम बनाए हैं, जिससे सोने की कीमत बढ़ जाती है... लेकिन यह तो देशवासियों के लिए अच्छा नहीं है, क्या?
 
अरे ये ट्रम्प दुनिया को अपने सोने से भरना चाहते हैं? लेकिन फिर भारत और अन्य देशों ने इतनी तेजी से खरीदारी की कि अब उनका पास 6.7 लाख करोड़ रुपये का सोना जमा हो गया है? ये तो बिल्कुल असमान खेल है 🤯

मेरे अनुसार, भारत में सोने की कीमतें बढ़ने का एक बड़ा कारण यह है कि हमारी सरकार ने आर्थिक नीति में बदलाव लाया है। इससे देश में विश्वसनीयता और सुरक्षा की भावना बढ़ गई है, जिससे निवेशकों को आकर्षण मिल रहा है और सोने की कीमतें बढ़ रही हैं। इसके अलावा, भारत में सोने की मांग बढ़ने के साथ-साथ, हमारे देश में सोना खनाने वाली कंपनियों ने अपनी उत्पादन क्षमता में वृद्धि की है, जिससे सोने की उपलब्धता भी बढ़ी है।
 
सोचो तो इस तरह सरकार हमेशा सोना खरीदती रहती, परन्तु जब दुनिया में आर्थिक विनाशकारी संकट आ गया, तो एक साथ पैसे निवेश करने की बात निकल पड़ी... 😏

अब भारत में सोना खरीदते समय यही सवाल उठता है कि क्यों इतना बड़ा पैमाने पर? मुझे लगता है कि इसके पीछे सरकार की बाजार में अनुभव और तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता हो सकती है। भारत में हमेशा सोना एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, लेकिन अब सरकार ने इसकी व्यवस्था बदल दी है ताकि हम अपनी आर्थिक स्थिरता को बनाए रख सकें।

क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था में कई ऐसे कारक जैसे कि मनी सर्च और इन्फ्लेशन टैक्टर्स शामिल हैं, इसी कारण सरकार ने विशेष रूप से इस मामले में सावधानी बरतने का फैसला किया है।
 
मुझे लगता है कि भारत सरकार ने सोने की कीमतें बढ़ाने का यही तरीका अपनाया है। अगर हम सोचते हैं तो देश में आर्थिक विकास बहुत अच्छा चल रहा है, इसलिए सरकार ने फैसला किया कि वित्त मंत्री को जितना सोना खरीदना है उतना खरीद लेना। इसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ।
 
अरे, ये तो बहुत बड़ी बात है लोगों को! भारत में सोना खरीदने वाली सरकार के पीछे क्या फायदा है? देश के आर्थिक विकास में सहायता करने की बात करें, लेकिन अगर हम तुरंत 6.7 लाख करोड़ रुपये जुटाने की कल्पना करें, तो यह सिर्फ एक अन्याय है। इससे देश के गरीबों को फायदा नहीं होगा, बल्कि उन्हें और अधिक मुश्किल में डाल दिया जाएगा।

क्या सरकार ने इस बात पर विचार किया है कि लोग सोना खरीदकर कैसे अपनी राहों को आसान बनाएंगे, या फिर केवल अपने पास जमा कर रही है?
 
मैंने भारत में जो चीजें देखी हैं, वाह... 🤯 सोने की कीमतें बढ़ना तो समझ में आता है, लेकिन रोज 10 हजार-20 हजार रुपए गिरना... ये बात तो दिल को छू जाती है! 😔

मैंने अपने grandfather ke baar bataaya tha, jab woh beta tha, toh ve kaha karte the ki jo aurat hain, unhein kuchh nahi milti. Lekin ab toh wo khaas tarah ki auraton ko milti hai... 💸

Aur, ye tohi nahin, Bharat ka real estate market toh bahut hi naya hai... 🏠📈 pehle koi bhi vyakti aapne apne house ki keemat bahut hi choti hai, lekin ab toh wo bhoot hi mehnge ho gaye hain! 😮

Main socha kaha, ye sab to ek vishay par adharit hai... 🤔 Bharat mein jo economic system tha, woh ab to kuchh badal gaya hai. Main samajhta hu ki yeh sab ek nayi cheez hai... aur humein bas dekhna padega, ki yah sab kitna achha ho gaya hai ya nahi? 🤔
 
क्या यह तो बहुत अजीब बात है 🤔 कि अमेरिकी सरकार इतना सोना जमा कर लेती है, जबकि हम भारत में तो सोना खरीदने के लिए बाजार से निकलता ही नहीं दिखता। शायद उनके पास और बहुत अच्छी आर्थिक नीतियां हों जिससे उन्हें इतना सोना मिल सकता है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही दिलचस्प बात है 🤑 कि अमेरिकी सेनानी, डोनाल्ड ट्रम्प, अपने सरकार में इतना सोना जमा कर लिया है। लेकिन फिर भी, हमारे देश में, सोना खरीदने की बात करते समय, तो बहुत सावधानी बरती जाती है 🤔। क्या यह इसलिए होता है, कि हमें पता नहीं है कि उनके पास इतना सोना कितना है? या फिर, हमें अपने सोने को बहुत सावधानी से रखने की जरूरत है, क्योंकि अगर वह ट्रम्प सरकार को मिलता है, तो हमें खोने वाले हैं 🤑
 
मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अमेरिका इतना सोना खरीद लेगा? 6.7 लाख करोड़ रुपये तो बहुत बड़ा पैसा है! मुझे लगता है कि अगर सरकार ने सोना खरीदने का फैसला किया, तो शायद उन्हें इसकी माँग बढ़ने की जरूरत नहीं थी। भारत में सोना की कीमतें बढ़ रही हैं? यह तो अच्छा है, हमारे पैसे अधिक काम करेंगे। लेकिन फिर सरकार कहाँ से इतना पैसा लेगी? और क्या वे इससे देश में रोजगार बनाएंगे या नहीं?
 
अरे, ये बात तो बहुत दिलचस्प है! अमेरिका से आइटू खरीदने वाली सरकार ने इतनी बड़ी मात्रा में सोना जमा किया है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था में बदलाव करने के बाद हमारे देश में भी सोने की कीमतें बढ़ गई हैं। मुझे लगता है कि ये दोनों किसी तरह से जुड़े हुए हो सकते हैं।

क्या यह सरकार ने अपनी नई आर्थिक नीति के तहत बाजार पर प्रभाव डालने की कोशिश कर रही है? और अमेरिकी सरकार ने भी अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए इस तरह का फैसला किया? ये सवाल जरूरी हैं।
 
यह तो बहुत आश्चर्यकारी बात है कि अमेरिकी सेनानी डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने इतनी बड़ी मात्रा में सोना खरीद लिया है। पर हमें यह नहीं समझना चाहिए कि भारत और अन्य देश सोना खरीदकर दुनिया को धोखा दे रहे हैं।

कुछ ऐसा तो है कि भारत में सोना की मांग बढ़ रही है, इसलिए इसकी कीमतें बढ़ गई हैं। यह तो एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था की तरह है, जहां लोगों की पसंद और आवश्यकताओं के आधार पर बाजार में बदलाव आ जाता है।

इसके अलावा, भारत सरकार ने आर्थिक नीति में बदलाव लाने के बाद से, देश में विभिन्न उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार पैदा करने पर जोर दिया है। इससे भी सोना की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
 
मेरे दोस्तो 🤔, यह बात तो बहुत ही रोचक है! लेकिन मुझे लगता है कि ट्रम्प सरकार ने सिर्फ़ अपने पैसे जमा करने के लिए सोना खरीदा है, नहीं तो वे दुनिया के सबको भी ऐसा ही करने का मौका देंगे।

मेरी राय में ट्रम्प सरकार ने ज्यादा पैसे जमा कर लिए हैं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि सोना कीमत बढ़ाने के साथ-साथ उनके खिलाफ भी है। और दूसरा सवाल, अगर हम अपने पैसे एक ही समय में सभी देशों में निवेश कर लेते, तो फिर इन्सान को क्या मिलेगा? बस़ ना बस़ सोना की कीमतें बढ़ने के साथ-साथ हमारे पैसे भी कम हो जाएंगे।
 
मुझे लगता है कि यह बात ही नहीं समझ आई, वास्तव में भारत में सोने की कीमतें बढ़ने के पीछे कुछ बड़ी चीज़ क्या हो सकती हैं? तो पहले अमेरिकी सरकार ने इतना सोना खरीद लिया, फिर भी हमारे देश में सोने की कीमतें बढ़ गई हैं, यह तो अच्छा नहीं लगता। शायद हमारे देश में सोने की मांग कम हुई है, या फिर खनन क्षमता कम हो गई, या फिर इसके लिए हमें अधिक पैसे देने पड़ रहे हैं?
 
यह तो बहुत बड़ी बात है! मैं सोचता हूँ कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने वित्तीय निवेशों पर इतनी जोर देती हैं क्योंकि वे हमेशा से यह चाहती रही हैं कि उनकी अर्थव्यवस्थाओं में अधिक रिकवरी और लाभ हो। लेकिन मुझे लगता है कि इससे हमारे देश को भी फायदा हो सकता है, अगर हम अपनी आर्थिक नीतियों में बदलाव लाते हैं और अपने सोने की खजाने को अच्छी तरह से प्रबंधित करते हैं।

मुझे लगता है कि सरकार को अपने सोने की खजाने को बेचने से पहले उसकी मूल्य पर एक अच्छी रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए। और फिर हमें यह तय करना होगा कि हम अपने सोने की खजाने को कहाँ रखेंगे और इसके लिए हमें कौन सी नीतियां अपनाती हैं।

मैंने देखा है कि जब भारत में आर्थिक सुधार की कोशिशें की जाती हैं, तो लोगों की आय बढ़ने लगती है और बाजार में वृद्धि होती है। इसलिए, मुझे लगता है कि अगर हम अपनी आर्थिक नीतियों में बदलाव लाते हैं और सोने की खजाने को अच्छी तरह से प्रबंधित करते हैं, तो हमारे देश को भी फायदा हो सकता है।
 
अरे भाई, तुमने सुना है कि अमेरिकी सरकार ने अपने पास 6.7 लाख करोड़ रुपये तक का सोना जमा कर लिया है? यह तो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तरह ही लगता है... लेकिन मुझे लगता है कि इससे हमारे देश को कुछ सबक मिल सकते हैं। जब भारत सरकार ने अपनी आर्थिक नीति में बदलाव लाने के बाद से, तो देश में सोना की कीमतें बढ़ने लगी हैं... यह एक अच्छा संकेत है कि हमारी अर्थव्यवस्था में कुछ बदलाव आ गया है।

लेकिन, भाई, मुझे लगता है कि इसके पीछे कारण कुछ और भी हो सकते हैं। क्या हमारी सरकार ने अपने निर्यात-निमंत्रण की नीतियों में बदलाव लाने के बाद से, यह बढ़ने का कारण बना है? या फिर कुछ और? मुझे लगता है कि हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
 
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