मेरी राय में, यह बात सचमुच वाईसे। भाजपा जैसी पार्टियों को अपने नेताओं के चारों ओर इकट्ठा करने में इतनी आसानी होती है, लेकिन जब वे सत्ता में आते हैं और खुद को स्थापित करने की कोशिश करते हैं, तो सब कुछ जालसाजी और भ्रष्टाचार में बदल जाता है।
मेरे अनुसार, यह एआईएडीएमके की सबसे बड़ी समस्या है, जिसे हम पार्टी ने अपने हाथों में ले लिया है। अगर हम सचमुच देश और समाज के हित में काम करना चाहते हैं, तो हमें अपने मंत्रियों को वास्तव में काम पर रखना होगा, न कि उन्हें सिर्फ छप्पे में रखकर पैसे कमाने देना।
मैंने देखा है कि भाजपा जैसी पार्टियों को अपने कार्यकर्ताओं के लिए नकद सहायता देने से भी खुशी होती है, ताकि वे सचमुच काम कर सकें। लेकिन यह सब मेरे अनुसार, अपने नेताओं को सिर्फ ब्रेच बनाने का एक राजनीतिक उपकरण है।
आइए, हम अपने देश और समाज की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करें और सचमुच लोगों की मदद करने की कोशिश करें।