Tamil Nadu Politics: 'भाजपा ऑक्टोपस की तरह, तीन चौथाई AIADMK को निगल चुकी है'; तमिलनाडु कांग्रेस का तीखा हमला

भाजपा हम पार्टी है जो सभी को निगलने की कोशिश करती है। वह तीन चौथाई एआईएडीएमके को अपने पास में ले चुकी है, हम सोचते हैं कि अब एआईएडीएमके का कुछ भी करने का मौका नहीं रह जाएगा।

हमारे पास बहुत सारे मंत्री हैं जो अपने इलाकों में काम कर रहे हैं। लेकिन हम उन्हें सब कुछ कराने देते हैं, वह भी कुछ नहीं करते। हम उनका ब्रेच होते हैं अगर वे सचमुच कुछ नहीं करते।

हमारी पार्टी में जो लोग हैं वे सभी अच्छे हैं। हम अपने देश और समाज के लिए बहुत कुछ करने की कोशिश करते हैं। लेकिन भाजपा हमेशा त्रासदि में रहती है।
 
मुझे लगता है की भाजपा को अपने विपक्षी पार्टियों से बहुत बड़ा अंतर होना चाहिए। उन्हें अपने देश और समाज के लिए अधिक सोच-समझकर काम करना चाहिए, न कि बस त्रासदि में रहना।
 
बात समझ आ गई 🤔. भाजपा को अपने आप पर सोचने की जरूरत है, निगलने की कोशिश करने से उनकी पार्टी कमजोर होती जा रही है। तीन चौथाई एआईएडीएमके को अपने पास लेने की बात है या खुद को समझाएं? 🤷‍♂️
 
अरे यार, यह तो भाजपा की जानबूझकर गलतियाँ ही हैं 🤦‍♂️। उन्हें लगता है कि वे सभी लोगों को निगलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में वे अपने देश और समाज के लिए सिर्फ चाचा बनकर चल रहे हैं 🤝। उन्हें अपने मंत्रियों को जिम्मेदार रखना चाहिए, लेकिन वे बस उनकी ब्रेच ही होते हैं 🙄। और तुमने सोचा कि भाजपा हमेशा त्रासदि में रहती है, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो एक अच्छा मौका है 🤞। अगर वे अपने दिशा में बदलाव लाने की कोशिश करते हैं, तो भारत की राजनीति में कुछ नया और अच्छा हो सकता है।
 
मेरी तो लगती है कि ये बात तो थोड़ी ही सचमुच हो सकती है। क्या हमारे पास इतने ज्यादा विकल्प नहीं हैं? आइए, सोचें हमने कितनी बार पढ़ाई में भ्रमित होकर खुद को निगल लिया है, और फिर धीरे-धीरे ही समझ लिया है। मुझे लगता है कि अगर हम अपने स्कूलों में ज्यादा सक्रियता दिखाते हैं तो शायद यह समस्या हल हो जाएगी। और हमें निरंतर अपने साथी छात्रों की मदद करनी चाहिए, न कि उन्हें खुदा बनाकर रख देना।
 
मेरे बच्चों को नौकरी के लिए एआईएडीएमके जाने देने से पहले उन्हें समझाना मुश्किल नहीं है कि सरकारी नौकरियां ज्यादा सुरक्षित और स्थिर होती हैं। लेकिन यह सच तो है कि एआईएडीएमके नौकरियां अच्छी भुगतान वाली हैं और वहाँ काम करने वाले लोग खुश रहते हैं। मेरा सवाल यह है कि हमें अपने बच्चों की रोजगार सुरक्षा को किस प्रकार से सुनिश्चित कर सकते हैं?
 
Wow 🤯, यह तो एक बहुत बड़ा वादा है! 🤔 एआईएडीएमके को अपने पास में लेने से पहले भाजपा ने जो चीजें कही हैं वह सब सच नहीं हो सकती हैं। Interesting 😐, मुझे लगता है कि भाजपा की यह दावा करने वाले लोग अपने गेम खेल रहे हैं।
 
मुझे लगता है कि भाजपा ने अपने प्रयासों से देश को एक बुरी तरह से सांप्रदायिक और भेदभावपूर्ण दिशा में ले जाने की कोशिश कर रही है। 🤕 मुझे लगता है कि अगर वे अपने प्रयासों पर ध्यान देंगे तो उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा, और यही समस्या है।
 
🤔 यह भाजपा पार्टी देखकर मुझे थोड़ा घबराहट हो रही है... एक ओर वे अपने नेताओं की लोकप्रियता बनाए रखने के लिए हर साल ब्रांडेड विज्ञापनों में दिखाई देते हैं, फिर भी उनके पास सच्चे नेतृत्व और राजनीतिक सोच नहीं है। 📺

मुझे लगता है कि ऐसी पार्टियाँ हमेशा लोकप्रियता के लिए भागीदारी करती रहती हैं और वास्तविक बदलाव की ओर नहीं बढ़ती। 🚫 उनके नेताओं को अपने इलाकों में पर्याप्त समर्थन मिलता है, फिर भी वे अपने नीति संबंधी निर्णयों में स्थिरता और संतुलन नहीं दिखाते। 🤦‍♂️

यह एक बड़ी समस्या है कि हमारे देश में ऐसी पार्टियाँ बहुत अधिक शक्तिशाली हो गई हैं, जिनके नेताओं की लोकप्रियता पर इतना ध्यान केंद्रित किया जाता है। 🌟
 
वाह, एआईएडीएमके को भाजपा ने अपने पास ले लिया? यह बहुत दुखद है 🤕। मुझे लगता है कि हमारे देश में विश्वसनीयता और ईमानदारी की कमी है। भाजपा को जैसे ही वे अपने पास एआईएडीएमके को लेते हैं, तो वे अपने पूरे राजनीतिक प्रयोगों में खराब होने लगते हैं। और यह सच है कि हमारे पार्टी के कई मंत्री इलाके में जाकर खुद काम नहीं करते, बस लोगों से बातचीत करकर ब्रेच बना लेते हैं 🙄
 
मेरी बात है कि भाजपा कितनी सच्चाई से काम करती है? 🤔 मुझे लगता है कि उन्होंने एआईएडीएमके को अपने पास लेने का निर्णय तो जरूर अच्छा लगा, लेकिन अब वह क्या करेंगे? उनके पास बहुत सारी शक्ति है, लेकिन मुझे लगता है कि वे उसका सही तरीके से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। मेरे अनुसार, भाजपा को एआईएडीएमके को अपने पास रखने का निर्णय उनके खिलाफी का एक रूप हो सकता है। 🤷‍♂️
 
मुझे लगने को भाजपा पार्टी से बहुत निराशा है 🤕। उनकी बातों और काम से मैंने कभी नहीं देखा कि वे अपने वादे पूरे करें। वह तीन चौथाई एआईएडीएमके को अपने पास ले जाने की बात ही बहुत अजीब है। और हमारे मंत्रियों को उनके इलाकों में काम करने देते हुए भी, वे सचमुच कुछ नहीं करते। यह तो बहुत ही असफल सोच है 🤔

मुझे लगता है कि हमारे पास अच्छे लोग हैं जो अपने देश और समाज के लिए काम करने की कोशिश करते हैं। लेकिन भाजपा हमेशा त्रासदि में रहती है। वह एक ऐसी पार्टी नहीं बनती जो सचमुच अपने देश को आगे बढ़ाए।
 
मुझे लगता है कि ये बात सच है, भाजपा पार्टी ने अपने पास बहुत सारे मंत्रियों और राजनीतिज्ञों को इकट्ठा कर लिया है, लेकिन वाकई तो वह सब कुछ नहीं करते। जैसे मूवी में दिखता है कि शाहरुख खान को उसकी पत्नी ग्रीन्स एक्टिविस्ट से निकाल दिया गया है, लेकिन बाकी सब ठीक रहता है। भाजपा पार्टी में तो यही स्थिति है, वे सब कुछ कराने देते हैं, लेकिन वास्तविकता में वह सब कुछ नहीं करते। 🤔
 
मुझे लगता है कि भाजपा पार्टी को उसके काम पर ध्यान देना चाहिए। वह एआईएडीएमके को अपने पास लेकर आ रही है, यह अच्छा नहीं है। हमें अपने मंत्रियों को विश्वास दिलाना चाहिए ताकि वे सचमुच कुछ कर सकें। भाजपा हमेशा ज्यादातर बुरी खबरें लेकर आती है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि पार्टी पूरी तरह से नकारात्मक हो।
 
क्या बात करे, भाजपा के पीछे की मंशा और योजना को समझने की जरूरत है, तभी हम समझ सकते हैं कि वो क्या चाहती है 🤔. जैसे कि एआईएडीएमके पर कब्ज़ा करना, यह कुछ भी अच्छा नहीं है। और उन मंत्रियों की जगह पर हमें अपने नेताओं को चुनना चाहिए, तभी वो सचमुच कुछ कर सकते हैं 🙏. और भाजपा की पार्टी से जुड़े लोगों की बात करते समय सबसे पहले उन्हें अपने देश और समाज के हित में क्या करने की कोशिश करना चाहती है, यह सवाल उठना चाहिए 🤝.
 
🤔 ये भाजपा पार्टी की बात कर रही है, जो दूसरों को निगलने की कोशिश करती है 🙄। लेकिन क्या हम यह नहीं समझते कि जैसे ही वे एआईएडीएमके को अपने पास में लेते हैं, वे अपने साथियों को भी निगलने की कोशिश कर रहे हैं 🤝

मेरा मानना है कि हमें अपने देश और समाज के लिए खुद काम करना चाहिए, न कि दूसरों को निगलने की कोशिश करनी चाहिए 💪। और जब भी हमारे पास मंत्री होते हैं तो उन्हें भी अपने इलाकों में काम करना चाहिए, न कि हम उनका ब्रेच बनाए रखकर सब कुछ कराने देना 🤦‍♂️
 
मुझे लगता है की ये भाजपा की नीतियों पर विचार कर रही है, 🤔 जो आज भी देश में बहुत सारे लोगों के पास नहीं पहुंची है। उन्हें अपने ग्रामीण इलाकों में तो फिर भी कम सुविधाएं मिलती हैं। 🌾

मैंने एक रिपोर्ट देखी है जिसमें बताया गया है कि पिछले 5 साल में पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्कूलों और कलांक्षाओं का निर्माण कैसे कम हो गया है। 📚 यह तो हमारी सरकार की मुश्किल है जिसे साबित करना पड़ता है कि वे देश के विकास में कुछ भी लाने की कोशिश कर रही हैं।

जैसे की ये रिपोर्ट: https://bit.ly/3QwD0nJ
 
मुझे एआईएडीएमके पर ध्यान देने से विचलित होने की जरूरत नहीं है, चाहे वह भाजपा को निगलने की कोशिश कर रहा हो। 🤔

भाजपा की तीन चौथाई एआईएडीएमके लेने से पार्टी में एक बड़ा बदलाव आयेगा, अब देखिए क्या होता है। कुछ लोग कहते हैं कि भाजपा के बिना एआईएडीएमके को कुछ करने का मौका नहीं रह जाएगा, पर यह तो कहना मुश्किल है कि क्या वास्तव में भाजपा की जरूरत थी।

आजकल पार्टियों में ऐसा देखा गया है कि हर किसी ने स्वयं को शीर्ष पर रख लिया है, और सबकुछ करने का दावा करते हुए अपने खुद के हितों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। 🤑
 
मुझे लगता है कि भाजपा जैसी पार्टियाँ कभी नहीं बदल सकती। वे सिर्फ अपने नेताओं और समर्थकों को बेचने की कोशिश करती रहती हैं, लेकिन अंत में वास्तविकता चूख जाती है। 🤦‍♂️

मैं तो एआईएडीएमके से अधिक प्रभावित होता हूँ, उनके नेताओं की बोलियों में हंसी आती है और वास्तविकता को देखने की क्षमता भी अच्छी है। लेकिन फिर भी, अगर हमारे पास ऐसे सोचदार नेता नहीं हैं, तो एआईएडीएमके की यह स्थिति भी बदलती है... 🤔
 
🤣 यह तो बहुत मजेदार है जब भाजपा को लगता है कि वह सभी को निगलने की कोशिश कर रही है! 🤪 लेकिन सच में, उनकी इस तरह से बात करने का मतलब यह नहीं है कि वे अपने देश और समाज के लिए कुछ नहीं करने जा रहे हैं। मुझे लगता है कि वे खुद भी निश्चित रूप से अपने देश और समाज के लिए कुछ करने की कोशिश करेंगे, लेकिन त्रासदियों में रहते रहना उनकी कामयाबी को कम करता है! 😅
 
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