मुझे ये घटना बहुत दुखद लग रही है
... क्या लोग समझते हैं कि शव जलाने से कोई इलाज नहीं होता? यह तो एक अजीब बात है। मेरी राय में जो महिलाएं चिता से अस्थियां निकालकर अपने पास ले गईं, उनके मन में कुछ गहरी दर्द और चोट लग रही थी। लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसा ही किया। जीवन में हमेशा कुछ नई समस्याएं आती रहती हैं, बस उनसे निपटने की जरूरत है।
क्या सोचते हैं कि शव जलाने वाले लोगों को पहले भी ऐसे कई मामले देखने को मिलेंगे? और अगर हमारे समाज में इतनी सीमित जानकारी क्यों है?
क्या सोचते हैं कि शव जलाने वाले लोगों को पहले भी ऐसे कई मामले देखने को मिलेंगे? और अगर हमारे समाज में इतनी सीमित जानकारी क्यों है?