तेलंगाना द्वारा अल्मोंट-किड सिरप पर लगाई गई तत्काल रोक।
विस्तृत जांच के बाद तेलंगाना प्रशासन (DCA) ने शनिवार (10 जनवरी, 2026) को बच्चों को दी जाने वाली 'अल्मोंट-किड' सिरप पर लगाई है एक बड़ा अलर्ट। इस बीच, इसका उपयोग करने से पहले तत्काल रोक लगा दी गई है।
इस मामले में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO), कोलकाता से एक लैब रिपोर्ट आ रही थी।
इस रिपोर्ट में, यह पाया गया कि बिहार की कंपनी ट्रिडस रेमेडीज (Tridus Remedies) द्वारा निर्मित बैच नंबर AL-24002 की सिरप मिलावटी और जानलेवा है। आमतौर पर यह दवा बच्चों में एलर्जी, हे-फीवर और अस्थमा के इलाज के लिए डॉक्टरों की ओर से लिखी जाती है।
इस दौरान, इस सिरप में इथाइलीन ग्लाइकॉल नामक एक अत्यंत जहरीला पदार्थ पाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट है, जिसका इस्तेमाल एंटी-फ्रीज और कूलेंट के रूप में होता है।
यदि यह शरीर में चला जाए, तो यह गुर्दे (किडनी) को पूरी तरह फेल कर सकता है, तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है और बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
इस मामले में तेलंगाना DCA के महानिदेशक शहनवाज कासिम ने एक कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे मेडिकल स्टोर, वितरकों और अस्पतालों से इस बैच का स्टॉक तुरंत जब्त करें। वहीं, अभिभावकों से अपील की गई है कि यदि उनके पास इस बैच (AL-24002) की दवा है, तो वे इसका उपयोग बिल्कुल न करें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
इस मामले पर सवाल उठने से पहले, यह एक बड़ा सवाल है कि ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम पर इतनी जाम भर गई क्या?
विस्तृत जांच के बाद तेलंगाना प्रशासन (DCA) ने शनिवार (10 जनवरी, 2026) को बच्चों को दी जाने वाली 'अल्मोंट-किड' सिरप पर लगाई है एक बड़ा अलर्ट। इस बीच, इसका उपयोग करने से पहले तत्काल रोक लगा दी गई है।
इस मामले में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO), कोलकाता से एक लैब रिपोर्ट आ रही थी।
इस रिपोर्ट में, यह पाया गया कि बिहार की कंपनी ट्रिडस रेमेडीज (Tridus Remedies) द्वारा निर्मित बैच नंबर AL-24002 की सिरप मिलावटी और जानलेवा है। आमतौर पर यह दवा बच्चों में एलर्जी, हे-फीवर और अस्थमा के इलाज के लिए डॉक्टरों की ओर से लिखी जाती है।
इस दौरान, इस सिरप में इथाइलीन ग्लाइकॉल नामक एक अत्यंत जहरीला पदार्थ पाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट है, जिसका इस्तेमाल एंटी-फ्रीज और कूलेंट के रूप में होता है।
यदि यह शरीर में चला जाए, तो यह गुर्दे (किडनी) को पूरी तरह फेल कर सकता है, तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है और बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
इस मामले में तेलंगाना DCA के महानिदेशक शहनवाज कासिम ने एक कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे मेडिकल स्टोर, वितरकों और अस्पतालों से इस बैच का स्टॉक तुरंत जब्त करें। वहीं, अभिभावकों से अपील की गई है कि यदि उनके पास इस बैच (AL-24002) की दवा है, तो वे इसका उपयोग बिल्कुल न करें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
इस मामले पर सवाल उठने से पहले, यह एक बड़ा सवाल है कि ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम पर इतनी जाम भर गई क्या?