बिहार के मोतिहारी में स्थित विराट रामायण मंदिर ने अपनी भव्यता और शक्ति दिखाई है, जिसने पूरे भारत में चर्चा में लोक है। इस मंदिर में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया गया है, जिसकी ऊंचाई 56 फीट है। यह शिवलिंग अयोध्या के राम मंदिर से भी ऊंचा है।
विराट रामायण मंदिर का निर्माण मोतिहारी के कैथवलिया गांव में किया गया है, जो बिहार के मोतिहारी जिले में स्थित है। इस मंदिर का प्लेटफॉर्म यानी बेस बन चुका है और शिलान्यास के बाद से आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें 100 गुना तक बढ़ चुकी हैं।
इस मंदिर को पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड बनवा रहा है और इसमें वाल्मीकि, विश्वामित्र, दशरथ जैसे रामायण के 22 प्रमुख पात्रों की भव्य मूर्तियां लगेंगी। इसे बनाने के लिए RO का पानी, करीब 3 लाख क्विंटल सरिया और राजस्थान के लाल पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है।
विराट रामायण मंदिर की भव्यता और शक्ति ने आसपास के इलाकों में विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी। यह मंदिर बिहार के लिए एक नई आयाम पेश करेगा और राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
इस मंदिर का निर्माण होने से विराट रामायण मंदिर कैथवलिया गांव को एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल की पहचान बनाएगा। यहां पर यात्रियों और तीर्थयात्रियों के लिए कई आकर्षक स्थल और पर्यटन गतिविधियां होगी।
विराट रामायण मंदिर का निर्माण मोतिहारी के कैथवलिया गांव में किया गया है, जो बिहार के मोतिहारी जिले में स्थित है। इस मंदिर का प्लेटफॉर्म यानी बेस बन चुका है और शिलान्यास के बाद से आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें 100 गुना तक बढ़ चुकी हैं।
इस मंदिर को पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड बनवा रहा है और इसमें वाल्मीकि, विश्वामित्र, दशरथ जैसे रामायण के 22 प्रमुख पात्रों की भव्य मूर्तियां लगेंगी। इसे बनाने के लिए RO का पानी, करीब 3 लाख क्विंटल सरिया और राजस्थान के लाल पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है।
विराट रामायण मंदिर की भव्यता और शक्ति ने आसपास के इलाकों में विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी। यह मंदिर बिहार के लिए एक नई आयाम पेश करेगा और राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
इस मंदिर का निर्माण होने से विराट रामायण मंदिर कैथवलिया गांव को एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल की पहचान बनाएगा। यहां पर यात्रियों और तीर्थयात्रियों के लिए कई आकर्षक स्थल और पर्यटन गतिविधियां होगी।