फर्जी वीडियो के जरिए सिख गुरुओं का किया अपमान, AAP ने उठाई भाजपा के मंत्री के इस्तीफे की मांग

भाजपा नेताओं की इस चाल को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपने नेताओं में से एक, मनोज तिवारी के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह फर्जी वीडियो उनके देश की धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक सम्मान को खतरे में डाल रहा है, जिसमें भाजपा नेताओं ने सिख धर्म के पवित्र गुरु श्री गुरु तेग़ बहादुर जी का नाम लटकाया गया है।

आप के नेताओं ने कहा, "भाजपा नेताओं द्वारा जानबूझकर बनाए गए इस फर्जी वीडियो से हमें बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है कि उन्होंने अपने पूर्वजों और समाज के मूल्यों का अपमान करने की कोशिश की है।"

प्रदर्शनकारियों ने कहा, "हम यहां अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और हमें भाजपा द्वारा किए गए इस मोड़े का विरोध करने की जरूरत है।"
 
क्या ये देश अब चोरी की बात नहीं कर सकता? 🤥 पहले तो यह फर्जी वीडियो आता था, फिर तो भाजपा नेताओं ने इसका प्रचार शुरू किया और अब आम आदमी पार्टी दोस्तों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। यह सारा खेल क्यों बना रहेगा? लोग तो समझ नहीं पाएंगे कि सरकार का मुखिया भी बुराई में मिल जाता है।
 
ये देखकर मुझे बिल्कुल सहमति है 😊, भाजपा नेताओं की इस चाल से आम आदमी पार्टी को खुद को मजबूत और राजनीतिक ताकत बनाने का मौका मिल रहा है। यह फर्जी वीडियो उनके लिए एक बड़ा मोड़ हो सकता है, जिससे उन्हें अपने समर्थकों में नई जिंदगी देने का मौका मिलेगा।

लेकिन यह भी सच है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस मामले में बहुत साफ और स्पष्ट बोलावा दिया है, जिससे उनकी पक्षपात को और मजबूत किया गया है। 🤝
 
ये तो बिल्कुल सही है 🤔, यह फर्जी वीडियो से हमारी धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक सम्मान पर हमला कर रही है, लेकिन क्या हमें उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि भाजपा नेताओं की यह चाल उनके वोटों को खोने की वजह बनेगी, और वे अपनी गलतियों से सबक लेंगे।
 
यह तो बहुत शर्मिंदगी की बात है कि भाजपा नेताओं ने अपने पूर्वजों और समाज के मूल्यों का अपमान करने की कोशिश की है। देश की धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक सम्मान को खतरे में डालने वाली चालें कभी भी सही नहीं हो सकती। प्रदर्शनकारियों ने बिल्कुल सही कहा, हमें अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी चाहिए और ऐसी गलत चालों का विरोध करना चाहिए। यह दिखाना भी जरूरी है कि हमारा समाज इतना मजबूत है कि वह इस तरह के अपमान को सहन नहीं कर सकता। 🚫👊
 
बहुत बुरा है यह, बहुत बुरा 🤕। तेज़ देश में इतनी मुश्किल लग रही है, और फिर भी लोगों ने सिख धर्म के पवित्र गुरु का नाम लटकाया जाना। यह ठीक नहीं है 🙅‍♂️। अगर वो चाहते थे तो किसी अन्य चीज़ पर चर्चा करें, और नाम लटकाने की जरूरत नहीं।
 
भ्रष्टाचार से भरी हुई भाजपा नेताओं की ये खिलवाड़ तो फ़र्जी वीडियो बनाकर देश के धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक सम्मान को खतरे में डाल रही है। यह बहुत बुरी बात है जिस पर हमारे नेताओं की सरकार को खेद करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों की बात सुनकर लगता है कि हमारे देश में सच्चाई और न्याय की लड़ाई बहुत जरूरी है।
 
मुझे लगता है कि भाजपा नेताओं की यह चाल साफ तौर पर गलत है, लेकिन प्रदर्शनकारियों द्वारा जो विरोध किया गया है वाह! वहाँ अपनी बोली और मुद्रा के साथ भी बहुत अच्छा लग रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि अगर हम तीनों पार्टियों को एक साथ लेकर इस मुद्दे पर चर्चा करें, तो शायद हमें और विचार करने की जरूरत नहीं होगी।
 
यह बहुत ही गंभीर मामला है! प्रदर्शनकारियों की बात सुनकर लगता है कि भाजपा नेताओं ने फिल्म के दृश्य को सिर्फ अपने राजनीतिक लाभ के लिए बदलने की कोशिश की है, और यह बहुत ही अस्थिरता का कारण बन सकता है
 
मुझे लगता है कि ये पूरा मामला बहुत अजीब लग रहा है 🤔। क्या हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत नहीं है कि वीडियो सच है? और फिर भी अगर वीडियो सच है, तो हमें सोच लेना चाहिए कि क्या ऐसा होने पर हमारी धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक सम्मान खतरे में है। लेकिन यह सवाल जरूर उठना चाहिए, न कि तुरंत आरोप लगाना।

मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी ने सही बात कही है, हमें अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी चाहिए, लेकिन इससे पहले हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी तरक्की और विकास में नुकसान नहीं पहुंच रहा है।

यह देखकर मुझे थोड़ा बेचैनी लग रही है कि पूर्वजों और समाज के मूल्यों का अपमान करने की कोशिश किया जा रहा है, हमें अपने समाज को और भी मजबूत बनाने की जरूरत है।
 
🤔 भाजपा नेताओं की यह चाल से आम आदमी पार्टी को बहुत ज्यादा परेशानी हुई है, लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ और होने की संभावना है। अगर हम इस वीडियो को देखें तो यह जरूरी नहीं है कि इसमें भाजपा नेताओं ने सिख धर्म के पवित्र गुरु श्री गुरु तेग़ बहादुर जी का नाम लटकाया गया है, शायद इसमें कुछ गलत फेल हुआ हो सकता है या यह वीडियो जरूरी नहीं है।

लेकिन मुझे लगता है कि प्रदर्शनकारियों का कहना बिल्कुल सही है कि भाजपा नेताओं द्वारा जानबूझकर बनाए गए इस वीडियो से हमें आश्चर्य नहीं है। अगर हम अपने देश की धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक सम्मान को लेकर बात करें तो जरूरी है कि हमें अपने नेताओं को सावधानी से चुनना होगा।
 
भाजपा द्वारा जो फर्जी वीडियो बनाया गया है वह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। लेकिन फिर भी, हमें यह नहीं कह सकते कि यह पूरी तरह से एक-sided काम है।

कुछ लोगों का कहना है कि वीडियो बनाने वालों ने सच्चाई को पकड़ लिया था, जबकि दूसरों का मानना है कि यह एक गलत तरीका से किया गया है।

मेरी बात यह है कि हमें अपने समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को स्वीकार करने की जरूरत है, लेकिन एक साथ इस विविधता के भीतर रहने की कोशिश करनी चाहिए।

हमें यह नहीं कह सकते कि हमें तुरंत प्रदर्शन कर देना चाहिए या हमें अपने अधिकारों की लड़ाई छोड़नी चाहिए। इसके बजाय, मैं इस मुद्दे पर अधिक चर्चा करने और सोच-विचार करने की जरूरत है।
 
क्या ये बात तो बस सोचकर नहीं आ रही है कि भाजपा नेताओं की ऐसी चालें देश की राजनीति को गहरे जहर में डाल रही हैं? यह फर्जी वीडियो सिर्फ न केवल हमारी धर्मनिरपेक्षता को खतरे में लाता है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक सम्मान को भी तोड़ देता है।

क्या ये हमारे पूर्वजों और समाज के मूल्यों का अपमान करने की कोशिश नहीं है, लेकिन यह तो बस एक चुटखा है कि भाजपा नेता इतने बूढ़े लगते हैं कि वे अपने पूर्वजों के नाम को लटकाते हुए भी सोचते हैं।

अब ये देश में हमारी आवाज़ को सुनने की जरूरत है, हमारे अधिकारों की लड़ाई लड़ने की जरूरत है। हमें अपने नेताओं को यह सिखाना चाहिए कि राजनीति में जीने का तरीका और भी अधिक ईमानदारी से चलना चाहिए।
 
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