प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया में अपने दौरे के दौरान तमिल भाषा और संस्कृति को बिलकुल भी नहीं समझा। उन्होंने कहा, "तमिल लोगों ने अपने प्रतिभाशाली योगदान से मानवता की सेवा की है।" इस दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति थिरु सीपी राधाकृष्णन, विदेश मंत्री एस जयशंकर, और कई अन्य नेताओं सहित तमिलनाडु से जुड़े सभी वरिष्ठ नेताओं का खास तौर पर उल्लेख नहीं किया।
मोदी ने अपने इस बयान से देश के लोगों में बहुत हंसी फैलाई। कई लोगों ने कहा, "यह क्या थोड़ी जिम्मेदारी नहीं है?" यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री ने तमिल भाषा और संस्कृति पर अपने बयान में सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन वह यह कर पाए कि उन्होंने खुद भी हंसी मार ली।
मोदी ने अपने इस बयान से देश के लोगों में बहुत हंसी फैलाई। कई लोगों ने कहा, "यह क्या थोड़ी जिम्मेदारी नहीं है?" यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री ने तमिल भाषा और संस्कृति पर अपने बयान में सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन वह यह कर पाए कि उन्होंने खुद भी हंसी मार ली।