मध्य प्रदेश रेलवे विभाग की एक बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है, जहां रिटायर कर्मचारियों को दिए गए चांदी के सिक्के वास्तव में तांबे के निकले हैं। इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान में 2023 से 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को दिए गए चांदी के सिक्के वास्तव में तांबे के निकले हैं।
रेलवे विभाग ने बताया है कि यह धोखाधड़ी 'सिल्वर स्कैम' के रूप में जानी जाएगी। रेलवे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय सम्मान स्वरूप दिए गए चांदी के सिक्के असल में तांबे के निकले हैं। इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान में 2023 से 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को दिए गए चांदी के सिक्के वास्तव में तांबे के निकले हैं।
पीड़ित रिटायर कर्मचारियों ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन) जांच की मांग की है। वे इस पूरे मामले का पर्दाफाश करना चाहते हैं ताकि रेलवे के भीतर और बाहर बैठे असली गुनहगारों का खुलासा हो सके।
रेलवे विभाग ने बताया है कि यह धोखाधड़ी 'सिल्वर स्कैम' के रूप में जानी जाएगी। रेलवे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय सम्मान स्वरूप दिए गए चांदी के सिक्के असल में तांबे के निकले हैं। इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान में 2023 से 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को दिए गए चांदी के सिक्के वास्तव में तांबे के निकले हैं।
पीड़ित रिटायर कर्मचारियों ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन) जांच की मांग की है। वे इस पूरे मामले का पर्दाफाश करना चाहते हैं ताकि रेलवे के भीतर और बाहर बैठे असली गुनहगारों का खुलासा हो सके।