नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 13 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें परसेंटाइल घटाने के लिए कहा गया है। अब -40 मार्क्स तक के स्टूडेंट काउंसलिंग के लिए योग्य होंगे।
इस नोटिफिकेशन के बाद, NEET PG 2025 की कट-ऑफ परसेंटाइल जीरो कर दी गई है, जिससे सभी कैटेगरी के स्टूडेंट्स को यह एग्जाम में पास करने का अवसर मिलेगा।
इस फैसले ने विभिन्न डॉक्टरों और ऑर्गनाइजेशन्स से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। उनमें से एक यह भी है कि यह कैसे प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का नेक्सस चल रहा है।
डॉ अनिल कुमार नायक, IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहते हैं, 'इस फैसले से जो लोग SC/ST/OBC स्टूडेंट्स को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें यह कहना चाहिए कि यह सबके लिए किया गया है।'
हालांकि, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने इस फैसले का विरोध किया है, जिसके प्रमुख डॉ बिभू आनंद सवाल कहते हैं, 'प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलवाने का ये एक नेक्सस चल रहा है।'
इस फैसले से कई सवाल उठे हैं। उनमें से एक यह भी है कि इस तरह के परिवर्तनों से वास्तव में क्या बदलेगा, और कैसे यह एग्जाम की समग्र गुणवत्ता को प्रभावित करेगा।
इस नोटिफिकेशन के बाद, NEET PG 2025 की कट-ऑफ परसेंटाइल जीरो कर दी गई है, जिससे सभी कैटेगरी के स्टूडेंट्स को यह एग्जाम में पास करने का अवसर मिलेगा।
इस फैसले ने विभिन्न डॉक्टरों और ऑर्गनाइजेशन्स से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। उनमें से एक यह भी है कि यह कैसे प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का नेक्सस चल रहा है।
डॉ अनिल कुमार नायक, IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहते हैं, 'इस फैसले से जो लोग SC/ST/OBC स्टूडेंट्स को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें यह कहना चाहिए कि यह सबके लिए किया गया है।'
हालांकि, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने इस फैसले का विरोध किया है, जिसके प्रमुख डॉ बिभू आनंद सवाल कहते हैं, 'प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलवाने का ये एक नेक्सस चल रहा है।'
इस फैसले से कई सवाल उठे हैं। उनमें से एक यह भी है कि इस तरह के परिवर्तनों से वास्तव में क्या बदलेगा, और कैसे यह एग्जाम की समग्र गुणवत्ता को प्रभावित करेगा।