मामलों की जांच करते समय मैंने सोचा कि लाश के टुकड़े करने के 35 टुकड़े बांटकर, पत्नी को प्रेशर कुकर में उबालकर हत्या करने वाले अजय गुप्ता का यह कैसे हुआ। अगर हम लाश के टुकड़ों की तरह सोचें, तो यह विवेकानंद के जीवन पर दोहराया गया मामला है।
इस मामले में पत्नी की घर में ही हत्या कर दी गई, 20 साल की प्रेग्नेंट थी। विवेकानंद दलित हैं, जबकि मान्या लिंगायत समुदाय से थीं। दोनों ने 6 महीने पहले ही शादी की थी।
हम यह नहीं कह सकते कि अजय गुप्ता और विवेकानंद एक-दूसरे जैसे हैं, या उनकी हत्याओं में कोई संबंध है। लेकिन दोनों मामलों में हत्यारा ने अपने खिलाफ आरोपित किया है, जबकि उनके पत्नी को प्रेशर कुकर में उबालकर हत्या कर दी गई।
हम समझते हैं कि लाश के टुकड़े करने वाले अपराधी को अक्सर एक मानसिक बीमारी की समस्या होती है, जिससे वह ऐसा करता है। यह भावनात्मक अस्थिरता, संवेदनशीलता की कमी, और मनोवैज्ञानिक मुद्दों पर नज़र डालता है।
हम देख सकते हैं कि हत्यारे को अक्सर उनकी पत्नी या उनके प्रेमियों की हत्या करने के लिए मजबूर किया जाता है, और फिर उनका प्रयास होता है कि वे अपने अपराध को छिपाने में सफल हो जाएं।
हम समझते हैं कि जब एक पत्नी को प्रेशर कुकर में उबालकर हत्या कर दिया जाता है, तो यह एक बहुत ही दर्दनाक और विनाशकारी घटना होती है। इस तरह के अपराधों में अक्सर मनोवैज्ञानिक समस्याएं, संवेदनशीलता की कमी, और व्यक्तिगत संघर्ष शामिल होते हैं।
हम यह नहीं कह सकते कि अजय गुप्ता और विवेकानंद दो-दूसरे जैसे हैं, या उनकी हत्याओं में कोई संबंध है। लेकिन हम समझते हैं कि जब एक पत्नी को प्रेशर कुकर में उबालकर हत्या कर दिया जाता है, तो यह एक बहुत ही दर्दनाक और विनाशकारी घटना होती है।
इस मामले में पत्नी की घर में ही हत्या कर दी गई, 20 साल की प्रेग्नेंट थी। विवेकानंद दलित हैं, जबकि मान्या लिंगायत समुदाय से थीं। दोनों ने 6 महीने पहले ही शादी की थी।
हम यह नहीं कह सकते कि अजय गुप्ता और विवेकानंद एक-दूसरे जैसे हैं, या उनकी हत्याओं में कोई संबंध है। लेकिन दोनों मामलों में हत्यारा ने अपने खिलाफ आरोपित किया है, जबकि उनके पत्नी को प्रेशर कुकर में उबालकर हत्या कर दी गई।
हम समझते हैं कि लाश के टुकड़े करने वाले अपराधी को अक्सर एक मानसिक बीमारी की समस्या होती है, जिससे वह ऐसा करता है। यह भावनात्मक अस्थिरता, संवेदनशीलता की कमी, और मनोवैज्ञानिक मुद्दों पर नज़र डालता है।
हम देख सकते हैं कि हत्यारे को अक्सर उनकी पत्नी या उनके प्रेमियों की हत्या करने के लिए मजबूर किया जाता है, और फिर उनका प्रयास होता है कि वे अपने अपराध को छिपाने में सफल हो जाएं।
हम समझते हैं कि जब एक पत्नी को प्रेशर कुकर में उबालकर हत्या कर दिया जाता है, तो यह एक बहुत ही दर्दनाक और विनाशकारी घटना होती है। इस तरह के अपराधों में अक्सर मनोवैज्ञानिक समस्याएं, संवेदनशीलता की कमी, और व्यक्तिगत संघर्ष शामिल होते हैं।
हम यह नहीं कह सकते कि अजय गुप्ता और विवेकानंद दो-दूसरे जैसे हैं, या उनकी हत्याओं में कोई संबंध है। लेकिन हम समझते हैं कि जब एक पत्नी को प्रेशर कुकर में उबालकर हत्या कर दिया जाता है, तो यह एक बहुत ही दर्दनाक और विनाशकारी घटना होती है।