लड़की पसंद कर लो, फंसाने का काम हमारा': कॉन्ट्रेक्ट लेकर संगठित अपराध हैं हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन।
सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के सेक्सटॉर्शन को गंभीर अपराध बताया है, जिसमें 6 महीने से 10 साल तक की सजा हो सकती है।
वहीं, एकम न्याय फाउंडेशन की संस्थापक दीपिका नारायण भारद्वाज कहती हैं, 'हमारे पास बलात्कार, हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन के कई मामले आते हैं, जिनमें से कुछ हम पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
अक्सर महिला अपनी मर्जी से संबंध बनाती है, लेकिन बाद में उसी पर बलात्कार का केस दर्ज कर देती है। कई बार यह पैसे वसूलने के लिए किया जाता है। कुछ मामलों में वकील और पुलिस भी इसमें शामिल पाए गए।
सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के सेक्सटॉर्शन को गंभीर अपराध बताया है, जिसमें 6 महीने से 10 साल तक की सजा हो सकती है।
वहीं, एकम न्याय फाउंडेशन की संस्थापक दीपिका नारायण भारद्वाज कहती हैं, 'हमारे पास बलात्कार, हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन के कई मामले आते हैं, जिनमें से कुछ हम पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
अक्सर महिला अपनी मर्जी से संबंध बनाती है, लेकिन बाद में उसी पर बलात्कार का केस दर्ज कर देती है। कई बार यह पैसे वसूलने के लिए किया जाता है। कुछ मामलों में वकील और पुलिस भी इसमें शामिल पाए गए।