संसद में हंगामा बढ़ता तो सिक्योरिटी प्रोसिजर और प्रोटोकॉल तुरंत एक्टिव हो जाते हैं। सदन की कार्यवाही रोक दी जाती है और सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई जाती है। अगर कोई बाहरी व्यक्ति हंगामा करता है, तो उसे तुरंत हिरासत में लेकर संसद पुलिस स्टेशन को सौंप दिया जाता है।