क्या गांधी परिवार ने महात्मा गांधी का सरनेम चुराया: ‘नेहरू-इंदिरा ने देशवासियों को समस्या माना’; पीएम मोदी ने कौन से 4 बड़े दावे किए

सरदार सरोवर परियोजना के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका सपना देखा था, नेहरू जी ने इसकी आधारशिला रखी थी, और कई दशकों बाद मैंने इसका उद्घाटन किया। यही कांग्रेस की हालत है। वे सिर्फ कल्पना करते हैं, लेकिन उसे लागू नहीं कर पाते। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब इस परियोजना के लिए मुझे 3 दिन अनशन पर बैठना पड़ा था।'
 
मोदी जी, तुम्हारी बोली सुनकर तो बहुत अच्छा लगा, लेकिन सच्चाई बताओ, सरदार सरोवर परियोजना कितने दशकों से चली आ रही है? और क्या हमने उसके लिए 3 दिन अनशन कराने की जरूरत थी? मुझे लगता है कि यह परियोजना हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन उसमें से कुछ भी नहीं हो रहा है। तुम्हारी सरकार ने इस परियोजना को कहाँ ले जाया है? मुझे लगने लगा कि यह परियोजना हमारे देश के लिए केवल एक कल्पना है, और उसे लागू नहीं किया जा रहा है। 🤔
 
मोदीजी को तो याद होगा जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उनका यह बहुत ही दिलचस्प बयान सुनकर लगा कि वे कल्पनाशील हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर कांग्रेस ने 80 साल पहले इस परियोजना को शुरू किया था, तो आज क्या होता। मोदीजी के दिनों से बेहतर समय नहीं होता।
 
मेरे बचपन की यादें ऐसी हैं जैसे पलक झपक लेती हैं... जब सारदार सरोवर परियोजना शुरू हुई थी, तो हमारे गृह मंत्री थे पी.वी. नरसिंह राव, और वे इस परियोजना को बहुत महत्व देते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि नेहरू जी ने इसकी आधारशिला रखी थी, और मोदी जी ने इसका उद्घाटन किया। यह तो सच है कि हमारे देश की परंपरा बहुत पुरानी है, लेकिन आजकल कुछ चीजें अलग हो गई हैं... मुझे लगता है कि अगर सारदार सरोवर परियोजना बन रही थी, तो शायद हमारे गृह मंत्री नरसिंह राव जी इसका नाम देना चाहते थे।
 
प्रधानमंत्री जी ने सरदार सarovार परियोजना के बारे में बोले तो मैंने हंसी मारी 🤣, खासकर जब उन्होंने कहा कि कांग्रेस वास्तव में सपने देखती है, लेकिन उसे लागू नहीं कर पाती। यह बिल्कुल सच है! हमारे देश में बहुत सारे सपने होते हैं, लेकिन सोना उधारने की तरह उन्हें भी चालू नहीं कर पाते। लेकिन फिर भी, सरदार सarovार परियोजना जैसी बड़ी बातों को देखने और समर्थन करने के लिए मैं हमेशा तैयार हूं 🤝
 
मेरे दोस्तों को लगता है कि प्रधानमंत्री जी ने सरदार सरोवर परियोजना को बहुत सम्मानपूर्वक बताया है। मैंने भी इस परियोजना को बहुत पसंद किया है, खासकर वहां के संग्रहालय और प्रादेशिक जीव विविधता। लेकिन मुझे लगता है कि उनकी बातें थोड़ी मुद्देदार भी लग रही हैं।

मैंने एक छोटा सा डायग्राम बनाया है जिसमें परियोजना के विभिन्न चरणों को दिखाया गया है। यहाँ है:

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| प्रकल्प |
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| नेहरू जी
v
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| संग्रहालय| | प्रादेशिक |
| | | जीव विविधता |
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| गुजरात के मुख्यमंत्री
v
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| परियोजना | | अनशन पर बैठना|
| | | (3 दिन) |
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मुझे लगता है कि यह डायग्राम परियोजना के विभिन्न चरणों को समझने में मदद करेगा। 🤔
 
मोदी जी को यह बोलने में क्या गलत है? वह तो याद रहे की पटेल साहब ने इस परियोजना का सपना देखा था, और जब नेहरू जी ने आधारशिला रखी, तब भी कांग्रेस ने उसका समर्थन नहीं किया था। वह तो याद रहे की गुजरात में 2001 की दंगों के बाद, हमें बहुत ही मुश्किल समय मिला, और मैंने अपने अनशन के लिए शहीद भाई पटेल साहब का आभार महसूस किया था। मोदी जी, वह तो याद रहे की 3 दिनों का अनशन करना कोई आसान बात नहीं है, और हमें उसके लिए बहुत ही परिश्रम करना पड़ा था। 🤔
 
🤔 सरदार सरोवर परियोजना तो हमेशा से ही बहुत ही बड़ी चुनौती रही। मैं नहीं समझ पा रहा कि यह इतना मुश्किल है कि नेहरू जी ने आधारशिला रखी थी, लेकिन 70 साल बाद भी इसका समापन नहीं हो सका। और नरेंद्र जी गुजरात का मुख्यमंत्री होने पर भी इस परियोजना को लागू करने के लिए क्या थोड़ा धैर्य रखना पड़ता, तो? मुझे लगता है कि सब कुछ सही से नहीं चल रहा। 🤷‍♂️
 
🤣🌊😂 👴♂️💪 पटेल जी का सपना याद करो? 🤯 प्रधानमंत्री जी तो भूल गये हैं! 3 दिन अनशन पर बैठने क्यों? 😅👀 "कांग्रेस की हालत" 🙄 मोदी जी की अपनी हालत और सोच लेना चाहिए! 😉🤷‍♂️ 👍
 
मैं तो सोचता हूँ कि ये प्रधानमंत्री कितने सच्चे हैं... नेहरू जी को आधारशिला रखी थी, लेकिन कल्पना करते रहते हमें तो फिर भी इस परियोजना को शुरू नहीं कर सका। और गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद, तीन दिन अनशन करना? यह तो कुछ भी नहीं है... मैं सोचता हूँ कि सरकार ने इस परियोजना को शुरू करने से पहले बहुत सारे मुद्दों पर चर्चा कर ली होगी, और उन्हें समझने के लिए न ही नेहरू जी तैयार थे, न हम गुजरात का मुख्यमंत्री।
 
मोदी जी ने कांग्रेस को चुनौती देने के लिए सारदार सरोवर परियोजना का जश्न मनाने का फैसला किया, लेकिन वह नहीं बता रहे कि यह परियोजना उनकी पूरी हुई या नहीं? 🤔
 
मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी को सार्थक मिलेगा न कि कांग्रेस वालों के बीच की खुशियाँ। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब हमने कई परियोजनाएँ शुरू कीं जिन्हें कोई नहीं रोक सकता। लेकिन अब देखो, सबकुछ धीमा हो गया है और लोगों को भूलने की जरूरत है। मैं याद करता हूँ जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब हमारी सरकार ने बहुत सारी परियोजनाएँ शुरू कीं जिन्हें लोगों ने बधाई दी।
 
सरदार सरोवर परियोजना 🌊 बहुत ही सुंदर है, और प्रधानमंत्री जी ने इसका पूरा समर्थन किया है । लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने यहां एक छोटी-छोटी बात कह दी। उन्होंने सिर्फ हमें याद दिलाया कि यह परियोजना बहुत बड़ी है, लेकिन उन्होंने इसके पीछे की मास्टरप्लान नहीं बताई । और भारत में राजनीति में ऐसा ही होता रहता है - हमारे नेता हमेशा एक सपने की बात कर रहे हैं, लेकिन वास्तविकता तय करती है। मैं यह उम्मीद करता हूं कि यह परियोजना हमें गुजरात और दिल्ली दोनों में खुशी देगी।
 
मोदीजी तो हमेशा सपनों को सच करने का दावा करते हैं लेकिन ये परियोजना उनकी कितनी मेहनत से बनाई गई है, यह नहीं पता चलता। यह सुनकर लगता है कि उन्हें भी बाकी लोगों की तुलना में अपनी कल्पनाशीलता पर भरोसा करने की जरूरत है। 3 दिन अनशन? शायद वो नहीं बताएं कि वहां से कितनी राहत मिली, ना?

मुझे लगता है कि सरदार सरोवर परियोजना की सफलता एक बड़े सामूहिक प्रयास का परिणाम है, जिसमें कई लोगों ने अपना समय, संसाधन और संघर्ष दिया। अगर मोदीजी कहते हैं कि यह उनकी कल्पना थी, तो फिर क्या हमने सबकुछ सही तरह से किया?
 
मोदीजी क्यों नाराज हो गए, यह तो समझ नहीं आ रहा कि पटेलजी ने यह सपना देखा था और लोग उसे सच्चाई में बनाने लगे? कांग्रेस वास्तव में हमेशा से दिल्ली में खेलती रहती है, वहीं गुजरात में सबकुछ कर लेती है।
 
मोदी जी तो और भी खूबसूरत हुए! 😂 पहले वालों ने सपना देखा था, फिर उसके आधारशिला रखी, अब वहीं कांग्रेस की हालत है? 😉 यह तो एकदम मॉडल बनने की कहानी है। और गुजरात में 3 दिन अनशन पर बैठना? अरे वाह! मैं भी कभी नींद नहीं लेता, तो 3 दिन के साथ, मैंने अपना घर खरीद लिया होगा! 🏠💤
 
प्रधानमंत्री जी ने सरदार सरोवर परियोजना के बारे में बात की, मैं तो बहुत खुश हूँ कि यह प्रोजेक्ट तय हुआ। लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने इसे गुजरात से नहीं छोड़ा। हमारे गाड़ावाली लोगों ने दिन-रात इस परियोजना को पूरा करने में मदद की, और फिर भी उन्होंने क्या माना? 🤔

मुझे लगता है कि अगर उन्होंने गुजरात को अपना बैनर बनाया, तो यह परियोजना जल्दी से पूरी होती। लेकिन ना तो हमारे सरकार में थे, और ना क्या हुआ? 🤷‍♂️

मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि अगर हम गुजरात के मुख्यमंत्री बन जाएं, तो इस परियोजना को तेजी से पूरा करने का प्रयास करेंगे। 🚀
 
मैंने सुना है 😮 कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर परियोजना को लेकर बहुत बात कही 🗣️। मुझे लगता है कि वह बहुत सही बोल रहे थे 🙏, जैसे कि वे हमेशा करते हैं जो चुनावों में जीतते हैं 😊। लेकिन पूछना होगा कि परियोजना क्यों इतनी देर तक शुरू नहीं हुई थी 🤔? और 3 दिन अनशन करने से कुछ तो निकाला जाना चाहिए 🙅‍♂️। मुझे लगता है कि यह परियोजना वास्तव में लोकतंत्र की जीत है 🗡️, जब भी लोगों को एक सपना दिखाया जाता है तो वह सपना सच होना चाहिए 💫
 
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