क्या भारत ने ट्रम्प के टैरिफ की काट निकाल ली: यूरोपियन यूनियन के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ हुई; इससे आप पर कितना असर होगा, यह सवाल अब हमारे पास नहीं रहेगा। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच आज मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA हो गया है। 16वें भारत-यूरोपीय समिट के दौरान पीएम मोदी ने इसका ऐलान किया। इससे 200 करोड़ लोगों का साझा मार्केट तैयार होगा, जो दुनिया की 25% GDP कवर करेगा।
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दोनों ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा है। इसे डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ का जवाब माना जा रहा है।
यूरोपियन यूनियन के साथ FTA करने से भारत को कई फायदे होंगे, जिनमें शामिल हैं:
भारत के कपड़े और चमड़े पर EU अभी 10% ड्यूटी लगाता है। FTA के बाद यह तुरंत प्रभाव से 0% जाएगा। इससे यूरोप में भारतीय कपड़े, जूते सस्ते होंगे और उनकी डिमांड भी बढ़ेगी।
सरकार अभी इन पर 110% टैरिफ लगाती है। अगले 5 से 10 सालों में यह घटकर 10% रह जाएगा।
भारतीय सरकार ने तुरंत से कुछ चुनिंदा यूरोप में बनी कारों पर टैरिफ घटाने पर सहमति जताई है। ये कारें 15,000 यूरो (16.3 लाख रुपए) से ज्यादा कीमत की होंगी।
मशीनरी, केमिकल्स, फार्मा, आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस सर्विसेज और टेलिकॉम जैसे हाई-वैलू सर्विस सेक्टर में दूसरे देशों के मुकाबले टैरिफ कम लगेगा। इससे यूरोप में इन सेक्टर की डिमांड भी बढ़ेगी।
भारतीय सरकार ने तुरंत से कुछ चुनिंदा सेक्टरों पर टैरिफ घटाने पर सहमति जताई है, जिसमें शामिल हैं मशीनरी, केमिकल्स, फार्मा, आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस सर्विसेज और टेलिकॉम।
इस समझौते से यूरोपीय यूनियन को भी कई फायदे मिलेंगे, जिनमें शामिल हैं:
यूरोपीय यूनियन अपना 17.3% ट्रेड अमेरिका के साथ करता है। इससे इस देश के लिए भारत के साथ व्यापार बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में JNU के प्रोफेसर स्वर्ण सिंह कहते हैं कि यह समझौता EU के लिए अमेरिका के खिलाफ एक जियो-पॉलिटिकल इंश्योरेंस के रूप में सामने आ सकता है।
अमेरिकी टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर रिश्ते बिगड़े हैं। वहीं, भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए गए हैं।
इस समझौते में यूरोपीय यूनियन और भारत की रक्षा सहायता बातचीत भी शामिल होगी।
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दोनों ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा है। इसे डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ का जवाब माना जा रहा है।
यूरोपियन यूनियन के साथ FTA करने से भारत को कई फायदे होंगे, जिनमें शामिल हैं:
भारत के कपड़े और चमड़े पर EU अभी 10% ड्यूटी लगाता है। FTA के बाद यह तुरंत प्रभाव से 0% जाएगा। इससे यूरोप में भारतीय कपड़े, जूते सस्ते होंगे और उनकी डिमांड भी बढ़ेगी।
सरकार अभी इन पर 110% टैरिफ लगाती है। अगले 5 से 10 सालों में यह घटकर 10% रह जाएगा।
भारतीय सरकार ने तुरंत से कुछ चुनिंदा यूरोप में बनी कारों पर टैरिफ घटाने पर सहमति जताई है। ये कारें 15,000 यूरो (16.3 लाख रुपए) से ज्यादा कीमत की होंगी।
मशीनरी, केमिकल्स, फार्मा, आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस सर्विसेज और टेलिकॉम जैसे हाई-वैलू सर्विस सेक्टर में दूसरे देशों के मुकाबले टैरिफ कम लगेगा। इससे यूरोप में इन सेक्टर की डिमांड भी बढ़ेगी।
भारतीय सरकार ने तुरंत से कुछ चुनिंदा सेक्टरों पर टैरिफ घटाने पर सहमति जताई है, जिसमें शामिल हैं मशीनरी, केमिकल्स, फार्मा, आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस सर्विसेज और टेलिकॉम।
इस समझौते से यूरोपीय यूनियन को भी कई फायदे मिलेंगे, जिनमें शामिल हैं:
यूरोपीय यूनियन अपना 17.3% ट्रेड अमेरिका के साथ करता है। इससे इस देश के लिए भारत के साथ व्यापार बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में JNU के प्रोफेसर स्वर्ण सिंह कहते हैं कि यह समझौता EU के लिए अमेरिका के खिलाफ एक जियो-पॉलिटिकल इंश्योरेंस के रूप में सामने आ सकता है।
अमेरिकी टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर रिश्ते बिगड़े हैं। वहीं, भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए गए हैं।
इस समझौते में यूरोपीय यूनियन और भारत की रक्षा सहायता बातचीत भी शामिल होगी।