भारत में तीन साल के बच्चों में प्लास्टिक बोतल से दूध पिलाने पर लाखों माइक्रोप्लास्टिक कण पहुंच जाते हैं।
प्लास्टिक फीडिंग बोतल में कई खतरनाक केमिकल्स होते हैं जो शिशुओं के विकास में बाधा बन सकते हैं। गर्म करने, उबालने या लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान इन केमिकल्स प्लास्टिक बोतल से रिलीज होकर दूध या पानी में मिल सकते हैं।
BPA (बिसफेनॉल-ए) एक खतरनाक केमिकल है जो प्लास्टिक को मजबूत और पारदर्शी बनाता है। इसे कई फूड कंटेनर्स और फीडिंग बोतलों में इस्तेमाल किया जाता है।
BPA के दुष्प्रभावों में शामिल हैं:
- हार्ट डिजीज
- लिवर डिजीज
- मेटाबॉलिक प्रॉब्लम्स (जैसे मोटापा और डायबिटीज)
- कुछ प्रकार के कैंसर
शिशु और छोटे बच्चों के शरीर में BPA की अधिकता से विकास में बाधा आ सकती है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
माइक्रोप्लास्टिक भी शिशुओं के लिए बहुत खतरनाक है।
लंबे समय तक प्लास्टिक बोतल से दूध पिलाने पर शिशु के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक और कई खतरनाक केमिकल्स पहुंच सकते हैं। इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
इस लिए डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि शिशुओं को दूध पिलाने के लिए नॉन-प्लास्टिक विकल्प अपनाएं।
ग्लास, स्टील या अन्य नॉन-प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल करना चाहिए।
प्लास्टिक फीडिंग बोतल में कई खतरनाक केमिकल्स होते हैं जो शिशुओं के विकास में बाधा बन सकते हैं। गर्म करने, उबालने या लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान इन केमिकल्स प्लास्टिक बोतल से रिलीज होकर दूध या पानी में मिल सकते हैं।
BPA (बिसफेनॉल-ए) एक खतरनाक केमिकल है जो प्लास्टिक को मजबूत और पारदर्शी बनाता है। इसे कई फूड कंटेनर्स और फीडिंग बोतलों में इस्तेमाल किया जाता है।
BPA के दुष्प्रभावों में शामिल हैं:
- हार्ट डिजीज
- लिवर डिजीज
- मेटाबॉलिक प्रॉब्लम्स (जैसे मोटापा और डायबिटीज)
- कुछ प्रकार के कैंसर
शिशु और छोटे बच्चों के शरीर में BPA की अधिकता से विकास में बाधा आ सकती है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
माइक्रोप्लास्टिक भी शिशुओं के लिए बहुत खतरनाक है।
लंबे समय तक प्लास्टिक बोतल से दूध पिलाने पर शिशु के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक और कई खतरनाक केमिकल्स पहुंच सकते हैं। इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
इस लिए डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि शिशुओं को दूध पिलाने के लिए नॉन-प्लास्टिक विकल्प अपनाएं।
ग्लास, स्टील या अन्य नॉन-प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल करना चाहिए।