ग्रीनलैंड पर रातोंरात पलट क्यों गए ट्रम्प: बोले- ताकत इस्तेमाल नहीं करूंगा; यूरोप की धमकी से डरे या कोई छिपी वजह

ट्रम्प ने 21 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऐलान किया था कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगी, लेकिन ताकत से नहीं। अब इस धावकी ने रुककर, यह कह दिया है कि हमें ग्रीनलैंड में किसी भी तरह का हमला नहीं करना है।

ट्रम्प के ऐसे बयान से यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका वास्तव में ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगा या नहीं। कई देशों ने पूछा है कि क्या ट्रम्प की पॉलिसी से NATO और UN के नियमों का उल्लंघन किया गया है।

ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक हिस्सा है, और डेनमार्क NATO में शामिल यूरोपीय देशों में से एक है। NATO के आर्टिकल-5 के मुताबिक, किसी एक देश पर हमला पूरे NATO देशों पर हमला माना जाएगा।

ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर अपने हमले को ताकत से नहीं करने के बारे में कहा, लेकिन यह सवाल उठता है कि अमेरिका वास्तव में ऐसा कब करेगा।

अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प की पॉलिसी से NATO में बंटवारे और इलाके में बड़े युद्ध का खतरा है।

ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की पॉलिसी को लेकर अमेरिका में ही विरोध हो रहा है, क्योंकि इससे यूरोपीय देशों से रिश्ते बिगड़ेंगे, जिसका ट्रेड पर असर पड़ेगा और अमेरिका को अरबों डॉलर का नुकसान होगा।

ट्रम्प की इस पॉलिसी को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के दिग्गज नेता मिच मैकोनेल ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश अमेरिका के सहयोगियों का भरोसा तोड़ देगी।

इस प्रकार, ट्रम्प की इस पॉलिसी से अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बड़ा खलल पड़ गया है, और यह सवाल उठता है कि आगे क्या होगा।
 
ये तो ट्रम्प की भाषा है तो लोग देखेंगे, पर याद रखो, देश की सुरक्षा के लिए हमें एक साथ मिलकर बात करनी चाहिए 🤝, नहीं तो हमारे बच्चों की future को कोई भी खतरा न लगे।

ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा करने की बात बहुत दिलचस्प है, लेकिन ये सवाल उठता है कि क्या हमारी सेना वहाँ तैनात कर पाएगी। और अगर नहीं, तो क्या हमें अपनी सुरक्षा के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए? 🤔
 
अरे भाई, यह ट्रम्प की पॉलिसी से बहुत बड़ा मुद्दा है। पहले तो अमेरिका ने कहा था कि वह ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगी, लेकिन अब उन्होंने बोल दिया है कि नहीं होगा, तो यह कैसे संभव है? मुझे लगता है कि इससे अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बहुत बड़ा तनाव पैदा होगा। ट्रम्प की पॉलिसी से NATO और UN के नियमों का उल्लंघन किया गया है, और यह सवाल उठता है कि आगे अमेरिका ऐसा क्या करेगा। 🤔

ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक हिस्सा है, और अगर अमेरिका वहाँ पर हमला करेगा, तो इससे NATO के आर्टिकल-5 में उल्लिखित सिद्धांतों का उल्लंघन करना होगा। यह बहुत बड़ा खतरा है और मुझे लगता है कि अमेरिका को इस मुद्दे पर थोड़ी सोच लेनी चाहिए। 🌎

मिच मैकोनेल जी ने भी बोल दिया है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश अमेरिका के सहयोगियों का भरोसा तोड़ देगी, और यह सवाल उठता है कि आगे क्या होगा। मुझे लगता है कि इससे बहुत बड़ा विवाद पैदा हो सकता है। 🚨
 
मुझे ये विचार है कि अगर हम अपनी प्राकृतिक संपदाओं पर अधिक ध्यान दें, तो हमें खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, और भूमि संरक्षण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान से यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में हम अपने आसपास के वातावरण को समझ रहे हैं। 😊
 
अरे यार, तो डॉनल्ड ट्रम्प ने अब ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कह दी है, लेकिन ताकत से नहीं। यह तो थोड़ा अजीब लग रहा है कि पहले तो वह कहते हैं कि अमेरिका वास्तव में ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगी, फिर कह देते हैं कि नाहीं करना।

मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से अजीब है, और इसका मतलब तो यूरोपीय देशों के लिए बहुत खतरनाक है। NATO और UN के नियमों का उल्लंघन करने के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या ट्रम्प वास्तव में ऐसा करेगा या नहीं।

लेकिन अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश करता है, तो इससे NATO और यूरोपीय देशों के लिए बहुत बड़ा खतरा होगा। मुझे लगता है कि इसे रोकने की जरूरत है, और जल्द से।

अगर ट्रम्प की पॉलिसी से अमेरिका-यूरोपीय देशों के बीच संबंध खराब हो जाएंगे, तो इससे अमेरिका को भी बहुत नुकसान होगा। हमें इस पर ध्यान रखना चाहिए और जल्द से जल्द कुछ करना चाहिए।
 
🤔 ट्रम्प जी की ग्रीनलैंड पर दावा करने वाली बात तो देख लिया है मेरा, लेकिन ताकत से नहीं करने की बात में शंका है। अगर वास्तव में अमेरिका जाने लगे तो यह पूरा उत्तर भारत ही नष्ट हो जाएगा। 🌟
 
तो वाह, ट्रम्प का यह बयान सुनकर मुझे थोड़ा आश्चर्यकारी लगा 🤔। ताकत से नहीं करने का मतलब कौन सा है, अमेरिकी शक्ति और नीतियों के साथ लोगों को समझने की जरूरत है। क्या अमेरिका वास्तव में ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगा, यह सवाल अभी भी है जिस पर हमें बोलते रहना चाहिए। पूरे दुनिया को इस पर ध्यान रखना चाहिए, खासकर यूरोपीय देशों को जो अपने साथी सहयोगियों को भी नहीं समझा सकते हैं। नाटो और यूएन के नियमों का उल्लंघन करने का खतरा है, लेकिन यह तो हमें सावधान रहने पर ही देखना चाहिए। 🙏
 
नाथन डेलकोर्स जैसे चित्रपट निर्माताओं को अपनी नई फिल्म के लिए ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की इस पॉलिसी से बेस कराना होगा। यह सोचकर मुझे बहुत दुख हुआ। इससे पहले यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच बहुत अच्छे रिश्ते थे। अब यह तो फिल्म निर्माण की तरह है जहां हर साल नयी प्लॉट बनती है।
 
यार, यह ट्रम्प का बोलबाला हो गया है कि वे ग्रीनलैंड पर हमला नहीं करेंगे, लेकिन इसका मतलब क्या? की अमेरिका खुद मुश्किल में पड़ जाएगा और पूरा नाटो देशों पर हमला करना पड़ेगा? यह बिल्कुल भी सही नहीं है, ग्रीनलैंड हमारे विश्वास की जगह देने की सोच रहा है 🤔। ट्रम्प की पॉलिसी से अमेरिकी-यूरोपीय रिश्तों पर गहरा नुकसान हो सकता है, और यह हमारे खिलाफ दुनिया भर में खतरा बन जाएगा।
 
मुझे लगता है कि ट्रम्प जी ने गलती से कह दिया, ग्रीनलैंड पर हमला करने से पहले उन्हें यह सोचना चाहिए कि इससे वास्तव में अमेरिका और यूरोप के बीच कोई सुधार नहीं होगा। मुझे लगता है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क की एक अच्छी तरह से समझी जाने वाली समस्या है, और हमें इस पर हलके में देखना चाहिए। 🤔
 
ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर ऐसी बातें करना नज़मानी नहीं है। ज़रूर ये हमेशा सोच कर देखें, कि वो अपनी इस तरह की घोषणाओं का अंदाजा पहले भी लगा चुके है या नहीं। और जब प्रश्न उठता है तो पुरानी परंपराओं का उल्लंघन होने का डर है। यह सोच कर देखेंगे, कि नेटोज़ में ऐसी बातें करने का अंदाजा ट्रम्प कभी नहीं लगाया था।
 
मैंने तो देखा था कि ट्रम्प जी बहुत गुस्से में रहते हैं 🤯, लेकिन कभी-कभी वे इतने भारी शब्दों में बोलते हैं कि दूसरों को उनकी बात समझने का मौका नहीं मिलता।

अब तो ग्रीनलैंड पर अमेरिका कब्जा करने की बात सुनकर मुझे लगता है कि यह एक बड़ा व्यापारिक जोखिम है, अगर हमें इसके लिए तैयार नहीं होते।

क्योंकि ग्रीनलैंड अमेरिका को बहुत पैसे कमाने की संभावना देता है, और यदि ट्रम्प जी इसे कब्जा कर लेते हैं तो वे यहां पर खनिज संसाधनों का उपयोग करके अपने अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं।

लेकिन नाटो और यूएन के नियमों का उल्लंघन करने से हमें चिंता होती है, क्योंकि इससे शांति के लिए एक और खतरा उत्पन्न होता।
 
यार, तो ट्रम्प ने अपने बयान में से एक सवाल पैदा कर दिया है कि वास्तव में वह ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे या नहीं? यह बात सुनकर लगता है कि वह पूरी तरह से मुश्किल में आ गए हैं। पहले तो वे कह रहे थे कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगी, लेकिन अब उन्होंने यह कह दिया है कि हमें उस पर हमला नहीं करना चाहिए। यह एक बहुत बड़ा बदलाव है, और लगता है कि ट्रम्प की पॉलिसी से अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच संबंध खराब हो जाएंगे।

मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है, और हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है। NATO और UN के नियमों का उल्लंघन करने के बारे में लोगों को चिंतित होने की जरूरत है। यह एक बहुत बड़ा खतरा है, और हमें इसके बारे में जागरूक रहने की जरूरत है।
 
तो ट्रम्प ने अब ग्रीनलैंड पर हमला करने से रुक दिया, लेकिन यह तय नहीं हुआ की वास्तव में वे कब्जा करेंगे या नहीं। और यह सवाल तो बहुत दिलचस्प है, क्योंकि अब यूरोपीय देशों को अपने साथी देशों पर हमला करने का डर होने लगा है। मुझे लगता है कि ट्रम्प की इस पॉलिसी ने अमेरिका और यूरोप के बीच बहुत बड़ा तनाव फैलाया है। और अगर हम सोचते हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका का हिस्सा नहीं है, तो यह सवाल और भी ज्यादा दिलचस्प होता है। मुझे लगता है कि ट्रम्प ने इस स्थिति को बहुत अच्छे से समझ लिया था, लेकिन अब यह सवाल उठता है कि आगे क्या होगा।

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Wow! 🤯 ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर पॉलिसी से नाटो और यूरोपीय देशों के बीच बड़ा खलल पड़ा है। यह सवाल उठता है कि आगे अमेरिका क्या करेगा, और यूरोपीय देशों को इससे कैसे निपटना होगा। 🤔
 
यह बयान सुनकर तो मुझे लगता है कि अमेरिकी नेताओं को अपने कार्यकाल के दौरान चिंतन करने की जरूरत है। पहले यह कह दिया जाता था कि ये रूस पर हमला करेंगे, फिर संयुक्त अरब अमीरात पर हमला करने की बातें की गईं, और अब ग्रीनलैंड पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मुझे लगता है कि ये सभी बयान सोचने का अवसर देते हैं।

क्या वास्तव में अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगा? यह सवाल अभी भी जवाब नहीं है। और अगर ऐसा होता है तो इससे NATO और UN के नियमों का उल्लंघन होगा। मुझे लगता है कि अमेरिकी नेताओं को अपनी कार्यशैली को थोड़ा सोच-समझकर चलानी चाहिए।
 
अरे, तो ट्रम्प ने अब ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कह दी है लेकिन ताकत से नहीं। यह बहुत अजीब लग रहा है। पहले से ही अमेरिका-यूरोपीय संबंधों में खलल पड़ने की चिंता थी, और अब ट्रम्प के बयान से यह सवाल उठता है कि वास्तव में अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगा या नहीं। 🤔

ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक हिस्सा है, और इससे अमेरिका-यूरोपीय संबंधों पर विभिन्न प्रश्नचिह्न लग गए हैं। NATO में भी इस बात से ज्यादा चिंता है कि ट्रम्प की पॉलिसी से NATO के नियमों का उल्लंघन किया गया है।

ट्रम्प के बयान से यह सवाल उठता है कि अमेरिका वास्तव में ऐसा कब करेगा। और इसके बाद क्या होगा, यह भी चिंता का विषय है। 🤯
 
ट्रम्प की बात बहुत अच्छी लगी, लेकिन फिर से यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगा या नहीं। अगर नहीं, तो ऐसा क्यों कह रहे हैं। इससे अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच संबंधों में थोड़ा सा बदलाव आ सकता है, लेकिन यह अच्छी बात भी है कि शांति को बढ़ावा मिले।
 
मुझे लगता है कि ट्रम्प की इस पॉलिसी से नाटो और UN के नियमों का उल्लंघन किया गया है, लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि अमेरिका वास्तव में ग्रीनलैंड पर कब्जा करेगा या नहीं। 🤔

ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक हिस्सा है, और NATO में शामिल यूरोपीय देशों में से एक है। यह तो समझना आसान है कि क्या होना चाहिए, लेकिन क्या होगा, इसकी जानकारी नहीं है।

अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प की पॉलिसी से NATO में बंटवारे और इलाके में बड़े युद्ध का खतरा है। इससे अमेरिका को अरबों डॉलर का नुकसान भी होगा, जिसका हमें पता नहीं चला है कि यह कितना होगा। 🤑

लेकिन अगर हम ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की पॉलिसी को लेकर अमेरिका में ही विरोध की बात देखें, तो इससे यूरोपीय देशों से रिश्ते खराब होने का खतरा है। इस तरह की स्थिति से हमें दूर रहना चाहिए। 🙏

मुझे लगता है कि ट्रम्प की इस पॉलिसी ने अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बड़ा खलल पड़ाया है, और अब यह सवाल उठता है कि आगे क्या होगा। 🤔

ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की पॉलिसी को लेकर अमेरिका में 70% लोगों ने विरोध किया है, जो यूरोपीय देशों से रिश्ते खराब करने का खतरा है। इससे हमें खेद है और हमें इस तरह की स्थिति से दूर रहना चाहिए। 🙏

नाटो के आर्टिकल-5 के अनुसार, किसी एक देश पर हमला पूरे NATO देशों पर हमला माना जाएगा। इससे अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बड़े संघर्ष का खतरा है, जिसका हमें पता नहीं चला है कि यह कितना होगा। 🤑

ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की पॉलिसी को लेकर अमेरिका में 40% लोगों ने ट्रम्प की समर्थन करने की बात कही है, जो यूरोपीय देशों से रिश्ते खराब करने का खतरा है। इससे हमें खेद है और हमें इस तरह की स्थिति से दूर रहना चाहिए। 🙏
 
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