गो-माता, जय श्रीराम कहलवाया, मुकंदर की मॉब लिंचिंग: बीवी बोली- अफसर 20 हजार रुपए दे गए, इतने तो शौहर को दफनाने में खर्च हुए

मुकंदर की मॉब लिंचिंग: बीवी कह रही है - 20 हजार रुपए दे गए, इतने तो शौहर को दफनाने में खर्च हुए।
 
🤔 यह तो मुकंदर की बहू का वीडियो देखकर नहीं आया था, लेकिन उसके बाद सुनकर भी ऐसा लगता है कि वह अपने पति की मॉब लिंचिंग का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। 20 हजार रुपए देने का मतलब यह नहीं कहेंगे कि वह खुश है या फिर उसकी बीमारी को ठीक करने के लिए पैसे खर्च करती है, शायद वे अपने पति को दफनाने में खर्च कर रहे हैं ताकि किसी और ना करे। यह तो एक सस्ता तरीका है अपने पति की मॉब लिंचिंग को रोकने की।
 
मोब लिंचिंग का यह मामला बहुत गंभीर है। मैं समझता हूँ कि जब भी कोई ऐसा घटना होती है तो सामाजिक संतुलन टूट जाता है, लेकिन इस मामले में तो सब कुछ बिगड़ गया है।

मुकंदर की पत्नी ने कहा है कि शौहर ने उन्हें 20 हजार रुपये दिए थे, जिनके साथ वे अपने पति का अंतिम संस्कार कराने गए। यह बहुत बड़ा खर्च था, लेकिन मैं समझता हूँ कि जब भी कोई ऐसा होता है तो तुरंत पैसे देना पड़ते हैं।

लेकिन मोब लिंचिंग के बाद ऐसा नहीं होना चाहिए। यह तो एक बड़ा अपराध है। मैं उम्मीद करता हूँ कि जैसे ही घटना की जांच होगी, तो पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लेगी।

मैं अपने दोस्तों से भी कहूँगा, हमें कभी भी ऐसी घटनाओं में शामिल नहीं होना चाहिए। हमारी एकता और सामाजिक संतुलन को बनाए रखना ही सबसे अच्छा है। 🤝
 
😔 इस गलस मोब लिंचिंग की बात सुनकर बहुत दुख हो रहा है। मुकंदर जैसे व्यक्ति को भी इतनी दुसरवाही नहीं की जानी चाहिए। शायद पूरा मामला बदलाव की जरूरत से परेशान हुआ हो। मोब लिंचिंग ऐसे तो हमारे समाज की सबसे बड़ी बुराईों में से एक है। उसके लिए बात करनी चाहिए, उसे रोकना चाहिए। पुलिस ने पहले से ही शौहर को दफनाने के खर्च में 20 हजार रुपए देने का फैसला किया तो यह बिल्कुल सही नहीं है। उसके बजाय शौहर को सजा देनी चाहिए।
 
मोब लिंचिंग का यह सिरा तो कितना चोट पहुंचाता है... जैसे मुकंदर की बीवी ने कहा है 20 हजार रुपए देना तो शौहर को दफनाने में खर्च हुआ, यह तो बहुत ही दुखद स्थिति है। लिंचिंग के पीछे क्या जिज्ञासा है, इतना भोजन कर कुछ नहीं बनता, यह तो हमारी समाज की गहरी समस्या है।
 
😔 यह बहुत दुखद जानकारी है। मोब लिंचिंग का यह विषय हमारे समाज के लिए बहुत चिंताजनक है। यह तो न केवल शहीद के परिवार को दर्द पहुंचाता है, बल्कि समाज में भी भयानक स्थिति बन जाती है। मुझे लगता है कि ऐसे मामलों में पुलिस और अदालत को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। शहीद के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और उनके मामले में उचित जांच करवानी चाहिए। हमें यह भी सोचना चाहिए कि ऐसे हिंसक व्यवहार को रोकने के लिए हमें एक साथ आना चाहिए और समाज में शांतिपूर्ण समाधान ढूंढने की जरूरत है।
 
मुझे ये बात बहुत चिंता का विषय लगती है... मुकंदर की मॉब लिंचिंग की जांच करने की सरकार को तेजी से चलनी चाहिए। ये एक गंभीर मामला है, जिसमें एक व्यक्ति की जान जा गई है।

मैं समझता हूँ कि शौहर ने अपनी पत्नी को 20 हजार रुपए दिया था, लेकिन यह तो उनकी मृत्यु के बाद नहीं दिया गया। यह एक बड़ा सवाल है कि इतने पैसे क्यों सामने रखे गए।

मुझे लगता है कि जांच में पता चलेगा कि शौहर ने अपनी पत्नी को मारने के लिए पैसे देने का फैसला क्यों किया। यह एक बहुत बड़ा सवाल है, और इसकी जांच करने वाली टीम को भी ध्यान से चालू करना चाहिए।
 
अरे ये बात तो बहुत ही गंभीर है, मुकंदर की जिंदगी और परिवार का यह संघर्ष और भी अधिक दुःखद हो गया है। मोब लिंचिंग के इस दुर्भाग्यपूर्ण घटने को देखकर मुझे बहुत दुख होता है - यह तो एक व्यक्ति की जान जैसे भी मायने रखती है, फिर उसकी पत्नी और परिवार को इतना दर्द क्यों हुआ? 20 हजार रुपए, ये संख्या तो उसके शौहर को दफनाने में खर्च हुए हैं... अरे यह कैसे संभव है?
 
मोब लिंचिंग की बात सुनकर मुझे बहुत दुःख होता है। यह कैसे हो सकता है कि एक व्यक्ति को अपने परिवार से भागने के लिए छोड़ दिया जाए और फिर उसकी मॉब लिंचिंग कर दी जाए। 🤯

मुकंदर की बीवी ने 20 हजार रुपये बताए हैं कि उन्होंने अपने पति को दफनाने के लिए इतना खर्च किया है। यह बहुत पागल है क्या? पहले उसकी जान काट दें और फिर इतना खर्च करने की जरूरत कैसे है? 😂

मुझे लगता है कि हमारे समाज में लड़कियों और महिलाओं के प्रति सहिष्णुता कम हो गई है। अब कोई भी उनकी बात नहीं सुनता, बस उन्हें अपने पति को दफनाने के लिए मजबूर करता जा रहा है। यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है और हमें इसके बारे में बात करनी चाहिए। 💔
 
मोब लिंचिंग पर पूरा सोशल मीडिया हैरान होना चाहिए, और फिर भी ऐसी बातें होती रहती हैं तो यह कैसा समाज बनेगा। अगर शौहर के परिवार को इतना पैसा देने की जरूरत है तो सबसे पहले उन्हें मरने वाले के गुमनाम होने की जांच करनी चाहिए। यह बिल्कुल सही नहीं है।
 
मोब लिंचिंग का यह बहुत ही दुखद उदाहरण है, जो हमें सोचने पर मजबूर करता है 🤔 मुकंदर की बीवी ने कहा कि पुलिस ने शौहर को इतने खर्च में दफनाने के लिए 20 हजार रुपए दिए, यह तो बहुत ही अजीब लग रहा है...
 
तो यह मुकंदर की बहुत ही गंभीर स्थिति है 🤕। मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि ये मोब लिंचिंग कैसे हुआ और इसके पीछे क्या सच्चाई है। बीवी ने 20 हजार रुपये दिए और अभी तक पुलिस कुछ भी नहीं कर सकी? यह तो बहुत ही शर्मनाक है 🤦‍♂️। मुझे लगता है कि हमें इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए और बेहतर पुलिस संसाधनों की आवश्यकता है।
 
मोब लिंचिंग का यह सब सच में बहुत दुखद लग रहा है 🤕। मुकंदर की बीवी जैसे व्यक्ति को इतनी ज्यादा दंडित करना नहीं चाहिए। 20 हजार रुपये इतने से शव को दफनाने का खर्चा हो सकता है, लेकिन यह मोब लिंचिंग है ना। क्यों तो उन्हें ऐसी बात करने से पहले सोचा जाना चाहिए। उनके प्रेम की कहानी कितनी रोचक थी, और अब वो ऐसा ही एक अंतिम दिन भी नहीं मिला। 🙏

मोब लिंचिंग को रोकने के लिए हमें अपने समाज में जागरूकता फैलानी चाहिए। हमें अपने नेताओं से पूछना चाहिए कि वो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कर सकते हैं। हमारे देश के इस तरह से बड़े परिवर्तन लाने में शायद हम सभी की मदद की जाएगी।
 
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