गो-माता, जय श्रीराम कहलवाया, मुकंदर की मॉब लिंचिंग: बीवी बोली- अफसर 20 हजार रुपए दे गए, इतने तो शौहर को दफनाने में खर्च हुए

मैंने बालासोर की मॉब लिंचिंग की बात सुनी तो बहुत दुख हुआ 🤕। क्या ऐसा होता है कि जब भी कोई गलती करेगा, तो मोबाइल फोन और समाज के लोग उसे लिंच कर देते हैं? यह तो न कानून का उल्लंघन है, न सही मानसिकता। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में समय लेना चाहिए, इससे फिर भी हमेशा समाज में सुनेरे और भारी अंतर्निहित मुद्दों को ठीक नहीं कर सकते हैं।
 
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