एनसीपी विधायक दल की बैठक आज, बारामती से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं सुनेत्रा पवार

सुनेत्रा पवार ने एनसीपी की कमान संभाल ली: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई मृत्यु के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को एनसीपी की नेतृत्व भूमिका संभालने का मौका मिल गया। इस दौरान, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास पर मुलाकात की, जहां अजित पवार के विभागों पर विवाद करने लगे।

इस बैठक में, पार्टी के नेताओं ने सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने की अनुमति देने का फैसला किया, जिससे उन्हें पार्टी की नेतृत्व भूमिका में आने का मौका मिलेगा। यह फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति से लिया गया।

अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई मृत्यु के बाद, एनसीपी को नई दिशा देने की जरूरत थी। इस फैसले से, सुनेत्रा पवार को पार्टी की नेतृत्व भूमिका में आने का मौका मिलेगा, जिससे पार्टी की नई दिशा तय करने का अवसर मिलेगा।
 
मुझे ये गड़बड़ी सुनकर आश्चर्य हो गया … क्या एनसीपी का नया नेता वास्तव में सुनेत्रा पवार को चुना गया या फिर बस ऐसा कह दिया गया? .. मैं समझ नहीं पाया कि अजित पवार के बाद कौन होगा … और वास्तव में उन्होंने एनसीपी में क्या बदलाव करने का सोचा था ... यह तो अच्छा है कि पार्टी के नेताओं ने सहमति दी, लेकिन मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत जल्दी हुआ …
 
मुझे लगता है कि सुनेत्रा पवार एक अच्छी नेता बन सकती हैं... उनको समय देना चाहिए और समझना चाहिए कि एनसीपी की जिंदगी कितनी मुश्किल हुई है। मुझे लगता है कि वे अपने पति के विभागों को अच्छी तरह से समझेंगी और पार्टी को नई दिशा देने में मदद करेंगी। 🤞
 
बात है सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान लेने की, यह अच्छा फैसला है, हमें उम्मीद है कि वे अच्छी तरह से नेतृत्व करेंगी। अजित पवार की मृत्यु के बाद, पार्टी को नई दिशा देने की जरूरत थी, और अब यह सब हुआ। मुझे उम्मीद है कि सुनेत्रा पवार नेतृत्व भूमिका में आने के लिए तैयार होंगी। हमें उम्मीद है कि वे पार्टी को अच्छी दिशा में ले जाएंगी।
 
अजित पवार की गली गलीची हुई अब सुनेत्रा पवार को एनसीपी पर नियंत्रण है 🤝, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें फिर से एक नई दिशा खोजने की जरूरत है, जिससे पार्टी को और भी मजबूत बनाया जा सके। पूरे राज्य की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है।
 
🤔 सुनेत्रा पवार एनसीपी की कमान ले रही हैं... लगता है उन्हें अजित पवार जैसी मजबूती और नेतृत्व कौशल की जरूरत थी, और अब उनकी बुराई नहीं देखी जाएगी। मुझे लगता है फिर से एनसीपी में बदलाव आ गया है, और यह बिल्कुल सही है। पार्टी को नई दिशा देने की जरूरत थी, और अब उन्होंने ऐसा करने का अवसर मिला। 🚁
 
ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਨੇ ਦੱਸਿਆ, ਪਰ ਮੈਂ ਸੋਚਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਜੇਕਰ ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਨੇ ਗਏ ਫ਼ਰਜ਼ 'ਤੇ ਸੋਚਦੇ ਹੋਣ, ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪਰਿਵਾਰ ਲਈ ਬੜੀ ਭਾਰੀ ਗੁਜ਼ਰਦਾ ਸੀ, ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਕੋਲ ਥੋੜ੍ਹਾ ਵੀ ਸਮਾਂ ਰਿਹਾ ਸੀ... 🤔

ਪਰ ਫ਼ਰਜ਼ 'ਤੇ ਅਨੁਕੂਲ ਨਹੀਂ ਹੋਣ, ਉਹ ਆਪਣੇ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ 'ਚ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਸਨ, ਤੇ ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਸੋਚਣ ਵੀ ਪੈਣਾ ਪੈਂਦਾ ਸੀ...

ਮੈਂ ਆਖਣਾ ਨਹੀਂ ਚਾਹੁੰਦਾ ਕਿ ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਦੀ ਗੱਲ 'ਚ ਕੋਈ ਝਗੜਾ ਬਣੇ, ਪਰ ਉਹਨੂੰ ਆਪਣੇ ਸਿਧਾਂਤਾਂ ਬਾਰੇ ਵੀ ਘਟਨਾ ਲਈ ਤਿਆਰ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਸੀ...

ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਦੇ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਨੁਕਸਾਨ ਭੋਗਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਭੀ ਅਸੀਂ ਨਹੀਂ ਹਾਂ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜਾਣ-ਪਛਾਣ 'ਚ ਕੋਈ ਤਬਦੀਲੀ ਭੀ ਆ ਸਕਦੀ ਸੀ...

ਅਖ਼ੀਰ ਇਹ ਗੱਲ ਵੀ ਅਸੀਂ ਨੁਕਸਾਨ ਬਣਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਾਂ, ਤੇ ਆਪਣੇ ਭਵਿਖ ਲਈ ਗੱਲਾਂ ਕਰਨੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ...
 
अजित पवार को फिर से प्लेन क्रैश, तो अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पर डटी हुई है 🤕... पार्टी के नेताओं को अच्छा सोचकर इस फैसले में दिलचस्पाई नहीं थी। लेकिन आज से एनसीपी की नई दिशा तय करने का मौका दिया गया। उम्मीद है कि सुनेत्रा भी अपनी बात कह सकेगी, कुछ अच्छा कर सके।
 
अजित पवार के निधन से एनसीपी पर बोझ है 🤕, लेकिन उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार की इस मौके पर पार्टी की नेतृत्व भूमिका में आने का साहस दिखाई देने वाला है। उन्होंने अपने पति के बिना पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए एक नई दिशा ढूंढने की जरूरत है, और इसके लिए उनके पास बहुत सारी चुनौतियाँ होंगी।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति से लिया गया यह फैसला, जो एक अच्छा संकेत है कि उन्हें सुनेत्रा पवार पर विश्वास है। लेकिन पार्टी की नई दिशा तय करने के लिए, उन्हें अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता बनाए रखने की जरूरत होगी।

सुनेत्रा पवार को यह मौका मिला, लेकिन उनके पास यह भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें एनसीपी को एक नई दिशा देने की जरूरत है, और इसके लिए उन्हें अपने नेताओं के साथ मिलकर काम करना होगा।
 
अजित पवार की मृत्यु से एनसीपी को नई दिशा देने की जरूरत है। लेकिन जब भी कुछ नया शुरू होता है, तब ज्यादातर बोलते हैं न कि काम करते। इस मौके पर सुनेत्रा पवार को एक वैकल्पिक दृष्टिकोण लेने का मौका मिलेगा, जिससे एनसीपी की नई दिशा तय करने का अवसर मिलेगा। 🚁
 
सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने का फैसला बहुत ही अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि उनके लिए यह जिम्मेदारी बहुत बड़ी होगी। उन्हें अपने पति अजित पवार के विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत होगी और साथ ही एनसीपी की नई दिशा तय करनी होगी, जिससे पार्टी की नई ऊंचाइयों पर पहुंचने का मौका मिले। 🤞

मुझे लगता है कि सुनेत्रा पवार को अपने पति की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए एक अच्छा नेतृत्व देने की जरूरत होगी। उन्हें एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर पार्टी की नई दिशा तय करनी होगी और अपने राजनीतिक जीवन को एक नई दिशा देने की जरूरत होगी।

इस फैसले से, एनसीपी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने का अवसर मिलेगा, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने राजनीतिक जीवन को एक नई दिशा देने की जरूरत होगी।
 
😊 सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने का फैसला अच्छा है, खासकर जब उनके पति अजित पवार की मृत्यु हुई और उन्हें पार्टी की नेतृत्व भूमिका में आने का मौका मिले। उनकी अनुभव की और शांत व्यक्तित्व से पार्टी को नई दिशा देने में मदद करेगी। यह फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति से लिया गया, जो अच्छा है। अब उन्हें अपने अनुभव और समझदारी से पार्टी की नई दिशा तय करने का मौका मिलेगा।
 
सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने का फैसला अच्छा है लेकिन उनके लिए यह कितना आसान होगा, यह देखना ज्यादा रोचक होगा। मेरा मन है कि उन्हें अपने पति अजित पवार की योजनाओं और निर्णयों को समझने की जरूरत होगी, इससे हमेशा कुछ गलत भी हो सकता है।
 
सुनेत्रा पवार एनसीपी की कमान लेने जा रही हैं... यह फैसला अच्छा है क्या नहीं? पहले कुछ दिनों में ही उनको कैसे आगे बढ़ना होगा, यह तो देखना ही होगा। अजित पवार की मृत्यु से पहले एनसीपी की नेतृत्व भूमिका में थोड़ा अस्थिरता आ गई थी, लेकिन अब सुनेत्रा पवार की कमान लेने से पार्टी को नई दिशा देने का अवसर मिलेगा। फडणवीस जी और अन्य नेताओं ने सहमति से इस फैसले पर हस्ताक्षर किए, तो यह सुनिश्चित करते हैं कि पार्टी को आगे चलकर सफल ढंग से चलने में मदद मिलेगी।
 
सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने का फैसला अच्छा है, लेकिन सवाल उठता है कि वे अजित पवार की नीतियों पर चलने की काबिलियत कहाँ हैं। उन्हें अपनी पत्नी के कदमों को तय करना जरूरी होगा, साथ ही साथ नई दिशा में भारतीय राजनीति की स्थिति को समझना भी।

मुझे लगता है कि अजित पवार की यात्रा में उन्होंने कुछ ऐसा हुआ था, जिस पर सुनेत्रा पवार को ध्यान देना जरूरी होगा। अगर वे पहले से सही रास्ते पर चल रही थीं, तो उनकी कमान संभालने का फैसला सही होता। लेकिन अगर वह कुछ गलत कर रही थी, तो उन्हें अपनी गलतियों से सीखना जरूरी होगा।

अब सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने का मौका मिल गया, लेकिन उनके पास बहुत काम है। उन्हें अपने पति की नीतियों पर चलने की काबिलियत तय करनी होगी, साथ ही नई दिशा में भारतीय राजनीति की स्थिति को समझना जरूरी है।

मुझे लगता है कि यह फैसला अच्छा है, लेकिन सुनेत्रा पवार को अपनी नेतृत्व भूमिका में आने से पहले कई सवालों का जवाब देना होगा।
 
सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने का निर्णय अच्छा है, लेकिन यह देखना रोचक होगा कि वे इस नई भूमिका में अपनी पूरी क्षमता से आगे आ सकेंगी। पहले थोड़ी टिप्पणी करनी चाहिए कि अजित पवार की विधाई की बात तो सुनेत्रा जी को बहुत दर्द होगी, और अब उन्हें नई दिशा देने का मौका मिल रहा है। उम्मीद है कि वे अपने पति की याद में अच्छे निर्णय लेकर पार्टी को आगे बढ़ा सकें।
 
ਮैंनੇ ਸुनੀ ਕਿ ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਦੀ ਪਲੇਨ ਕ੍ਰਾਸ਼ ਵਿੱਚ ਆਈ ਹੈ, ਉਸ ਦੀ ਮਾਂ ਅਤੇ ਜਗਜੀਤ ਪਵਾਰ ਦੀ ਦੁਖਦਾਈ ਨੀਂਹ। ਲੋਕ ਉਸ ਨੂੰ ਘਬਰਾਉਣ ਲੱਗੇ, ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ ਆਖ਼ਰ ਜਗਜੀਤ ਦਾ ਸੋਚ-ਸਮਝਣ ਨਾਲ ਅਜਿੱਤ ਦੇ ਉਹ ਕਾਫੀ ਵਿਰੋਧੀ ਨੈਟਰਲ ਏਜੰਡ ਪਿੱਛੋਂ ਅਸੀਂ ਬਚ ਗਏ। 🤦‍♂️

ਹੁਣ ਉਸ ਕਾਫੀ ਮਿਹਨਤ ਵਾਲਾ ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਉੱਥੇ ਖ਼ਿਆਲ ਚੁਣ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਨੇੜੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਪਠ ਬਣਾ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਅਤੇ ਹੁਣ ਉਹ ਖ਼ਿਆਲ ਦੀ ਟੋਲ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜੋ ਭਵਿੱਖ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਸਫ਼ਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।
 
नमुना यह सुनेत्रा पवार को एनसीपी की कमान संभालने का फैसला अच्छा है, लेकिन कुछ सवाल बाकी हैं। पहले, उन्हें अपने पति अजित पवार के विभागों पर विवाद करने का अनुभव नहीं हुआ, तो यह समझना मुश्किल है कि आगे क्या होगा। दूसरा, एनसीपी को नई दिशा देने का समय आ गया है, लेकिन सुनेत्रा पवार पर भार न लगाना चाहिए। उन्हें अपने पति की विरासत को ध्यान में रखते हुए, पार्टी की नई दिशा तय करने का अवसर मिले।
 
जैसे ही सुनेत्रा पवार एनसीपी की कमान लेने वाली हैं तो उनके लिए सबसे बड़ा चुनौती इस्तामाल देश में होने वाली आर्थिक अस्थिरता का समाधान करना होगी। हमें उम्मीद है कि वह जल्द से जल्द पार्टी को नई दिशा देगी और राज्य के लिए अच्छे निर्णय लेगी।
 
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