ED छापे के बाद ममता की इमरजेंसी-मीटिंग में क्या हुआ: I-PAC स्टाफ के लिए ‘सीक्रेट गाइडलाइंस’ लागू, क्या रेड से BJP को नुकसान होगा

नहीं तो यह वास्तव में बड़ा हुआ। ED की छापेमारी के बाद I-PAC को यह तीन गाइडलाइंस देना सुनकर बहुत अजीब लगा। पहले, डिजिटल क्लिनिंग पर फोकस करने की बात सही है, लेकिन यह तो ED की छापेमारी के बाद शायद थोड़ा चिंताजनक लग रहा है। और दूसरा, किसी भी कर्मचारी से सोशल मीडिया पर रेड या पार्टी के काम को लेकर कमेंट नहीं करना... यह तो एकदम नया खेल है!
 
नेताओं को सोशल मीडिया पर हाव-भाव करना चाहिए, लेकिन भ्रष्टाचार को पकड़ने वालों को भी यह देखना चाहिए कि उनके पास हस्तक्षेप नहीं करने का तरीका है या नहीं। ED की छापेमारी ने I-PAC को सख्त आदेश दिया है, और अब डिजिटल क्लिनिंग पर फोकस करना होगा। लेकिन यह सवाल उठता है कि सरकार क्यों इस तरह के प्रयास कर रही है? क्या वे अपनी पार्टी को सोशल मीडिया से दूर रखना चाहती हैं?
 
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