अमेरिका के डॉलर कैसे विश्व स्तर पर आधार बन गए, जानें करें किसी भी करेंसी को इस दर्जा प्राप्त करना कैसे है?
डॉलर विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला वित्तीय मुद्रा बन गया है। इसका स्थापन 1792 में अमेरिकी सरकार ने किया था। इसके पीछे की कहानी बहुत रोचक है।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, अमेरिका ने अपनी आर्थिक सहायता देने के लिए कई देशों को मदद की। इन देशों ने अपनी करेंसियों को सोने में बदलने का विचार किया। इसके लिए अमेरिकी सरकार ने डॉलर को $35 प्रति औंस की दर से सोने में बदलने का वादा किया।
1944 में ब्रिटेन और अन्य 44 देशों के नेताओं ने अमेरिकी सरकार के साथ बैठक की। इस मौके पर उन्होंने अपनी करेंसियों को डॉलर से जोड़ने का फैसला किया। इससे अमेरिका के पास विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली करेंसी मिल गई।
अब देशों ने भी अपनी करेंसियों को डॉलर से जोड़ने का फैसला किया। इससे अमेरिकी सरकार को विश्व स्तर पर आर्थिक शक्ति प्राप्त हुई। आजकल डॉलर विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली करेंसी बन गया है।
डॉलर विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला वित्तीय मुद्रा बन गया है। इसका स्थापन 1792 में अमेरिकी सरकार ने किया था। इसके पीछे की कहानी बहुत रोचक है।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, अमेरिका ने अपनी आर्थिक सहायता देने के लिए कई देशों को मदद की। इन देशों ने अपनी करेंसियों को सोने में बदलने का विचार किया। इसके लिए अमेरिकी सरकार ने डॉलर को $35 प्रति औंस की दर से सोने में बदलने का वादा किया।
1944 में ब्रिटेन और अन्य 44 देशों के नेताओं ने अमेरिकी सरकार के साथ बैठक की। इस मौके पर उन्होंने अपनी करेंसियों को डॉलर से जोड़ने का फैसला किया। इससे अमेरिका के पास विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली करेंसी मिल गई।
अब देशों ने भी अपनी करेंसियों को डॉलर से जोड़ने का फैसला किया। इससे अमेरिकी सरकार को विश्व स्तर पर आर्थिक शक्ति प्राप्त हुई। आजकल डॉलर विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली करेंसी बन गया है।