BRICS Sherpa Meeting: भारत की अध्यक्षता में BRICS शेरपा बैठक शुरू, ‘मानवता की पहल’ और वैश्विक सहयोग पर मंथन

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक ने 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण' पर ध्यान केंद्रित किया। इस बैठक में, भारत की ओर से आर्थिक मामलों के सचिव सुधाकर दलेला ने अपने प्रमुख प्राथमिकताओं को सामने रखा, जिसमें मानवता पहल और लोगों को केंद्र में रखने की कोशिश की।

बेलारूस ने भी इस बैठक में भाग लिया और अपने राष्ट्रपति का संदेश साझा किया, जिसमें कहा गया है कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स का आने वाला साल नई उपलब्धियों और सफलताओं से भरा होगा। इसने यह भी बताया कि वह वैश्विक समुदाय का एक जिम्मेदार सदस्य है और उसके पास तकनीक, खाद्य सुरक्षा और जल सुरक्षा में अच्छी उपलब्धियां हैं।

इस बैठक ने भारत और ब्रिक्स देशों के बीच वैश्विक सहयोग और मानवता पर ध्यान केंद्रित किया।
 
अरे ये तो एक बड़ा कदम है! भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक ने वास्तव में लोगों को केंद्र में रखने का प्रयास किया है। मानवता पहल की बात तो बहुत अच्छी है, लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि ब्रिक्स ने वास्तव में अपनी सीमाओं पर क्या ध्यान देने जा रहा है। और बेलारूस की बात तो बहुत अच्छी है, लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि वह भी वास्तव में अपने शब्दों में बदलाव लाने में सक्षम है या नहीं।
 
मुझे लगता है कि सूस-शेरपा बैठक में 'लचीलापन, नवाचार' जैसी शब्दों को बहुत प्रचलित करने वाला लोग तो फिर भी हमेशा उसी दिशा में चलना चाहते हैं। वहीं 'मानवता पहल' नाम सुनकर यह तो लगता है कि सरकार वास्तव में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखेगी या नहीं, यह देखना ही मुश्किल लग रहा है।
 
यह तो बहुत अच्छी खबर है कि भारत ने ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक में अपना महत्व दिखाया है। मुझे लगता है कि अगर हम लोगों को केंद्र में रखकर मानवता पहल पर ध्यान केंद्रित करें, तो हम वास्तव में बदलाव ला सकते हैं। और बिल्कुल सही कहा है, जैसे कि प्रधानमंत्री ने देश की एक्टिविटी बढ़ाने के बारे में। हमें अपने समाज में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन और उपयोग करने की जरूरत है, ताकि हम वैश्विक मामलों में सफल हो सकें।
 
बिल्कुल, ये बैठक अच्छी थी, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ब्रिक्स में शामिल देशों को अपनी-अपनी विशेषज्ञताओं को साझा करना होगा, जैसे कि चीन इसकी बड़ी अर्थव्यवस्था और रूस इसकी नाभिकीय तकनीक को। भारत को अपनी मध्यम वृद्धि दर और मानव तंत्र की शक्ति पर भरोसा रखना होगा। 📈

कुछ समय पहले, हमने देखा था कि ब्रिक्स ने अमेरिका, चीन, और यूरोप के साथ सहयोग किया था, जिससे वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बदलाव आया। इसी तरह, भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ विशेष संबंध बनाने होंगे, ताकि हम एक मजबूत और समृद्ध वैश्विक समुदाय बन सकें। 🌎

मुझे लगता है कि ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता बहुत फायदेमंद साबित होगी, खासकर जब हम अपनी नीतियों और योजनाओं को लेकर देशों में साझा करेंगे। इससे हमारे अर्थव्यवस्था को भी विकसित होने में मदद मिलेगी। 📊
 
भाई, ये बैठक तो सचमुच 'रिमोट-कंट्रोल' से ही काम कर रही है! बेलारूस ने भारत के प्रमुख प्राथमिकताओं पर जोर देने की बात कही, लेकिन उनका संदेश तो थोड़ा 'स्टेज्ड' लग रहा है। और वहीं भारत की ओर से सचिव सुधाकर दलेला ने मानवता पहल पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही, लेकिन यह तो दिल को छू जाने वाली चीज है! 🤣💬
 
मुझे लगता है कि भारत की अध्यक्षता में ये बैठक बहुत अच्छी राह दिखाई दे रही है। हमें वास्तव में लोगों को केंद्र में रखने की जरूरत है, उनकी जरूरतों को समझने और उनके साथ सहयोग करने की जरूरत है। हमें अपने देश में और बाहर मानवता पर ध्यान कें्द्रित करने की जरूरत है, ताकि हम एक अच्छे वैश्विक समुदाय का हिस्सा बन सकें। यह भी जरूरी है कि हम अपनी तकनीक, खाद्य सुरक्षा और जल सुरक्षा में अच्छी उपलब्धियां प्राप्त करें, ताकि हम वैश्विक समुदाय के लिए एक जिम्मेदार सदस्य बन सकें।
 
भारत को ब्रिक्स में शीर्ष स्थान पर रखने की बात लगमगा है ना? तो ये लोग कहाँ से पैसे कमा रहे हैं? देशों के बीच वैश्विक सहयोग पर ध्यान रखने की बात बोलते हुए, हमारे देश में गरीबी और असमानता की समस्याएं तो अभी भी खत्म नहीं हुई हैं। ये लोग कहाँ से इतनी जानकारी रखते हैं?
 
🤣♂️ सोचिए, शेरपा और सूस-शेरपा, यार तो अब तक कितनी चालाकी कर ली! 🧠♂️

[ਗੀਫ਼: ਇੱਕ ਭारतीय हथियारबंद पुलिसवाला जो शेरपा और सूस-शेरपा पर बैठे हुए दिखाई देता ਹै, और उसे तेजी से गले लगाने की कोशिश कर रहे हैं.]

[ਆਈਕੋਨ: 😂]
 
बिल्कुल, भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक ने हमें बहुत उम्मीदें दीं। आर्थिक मामलों के सचिव सुधाकर दलेला जी की प्रमुख प्राथमिकताओं पर ध्यान रखने से लोगों को केंद्र में रखने की बात सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई। 🙏 और बेलारूस ने भी अपना महत्वपूर्ण संदेश साझा किया, जिसमें कहा गया है कि आने वाला साल नई उपलब्धियों से भरा होगा। यह तो एक बहुत अच्छी खबर है। 📈
 
अरे, ये तो बहुत अच्छी बात है कि हमारे नेताओं ने लचीलापन, नवाचार और सहयोग पर ध्यान देने का फैसला किया है। मुझे लगता है कि अगर हम अपने लोगों को सबसे पहले रखने की कोशिश करते हैं, तो हम अनेक समस्याओं से निपट सकते हैं और देश को आगे बढ़ा सकते हैं।

मुझे यह बात पसंद नहीं कि लोग मानवता को सबसे पहले रखें, बस इसलिए कि हमारे पास इतनी सारी समस्याएं हैं। हमें अपने देश को भला करने और अपने लोगों को खुश रखने की जरूरत है।
 
अरे, ये तो बहुत अच्छी बात है कि हमारे नेता ने लचीलापन, नवाचार और सहयोग पर जोर दिया, लेकिन लगता है कि वे मानवता पहल को कितना गंभीरता से ले रहे हैं? मेरी राय में, हमें अपने देशों के लिए अधिक संसाधन तैयार करने चाहिए, जैसे कि जल सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा में। बेलारूस का संदेश अच्छा है, लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि वैश्विक समुदाय में हमारा स्थान कैसे बनाए रखें। 🤔
 
मैंने सुना है कि बेलारूस ने अपनी राष्ट्रपति की संदेश में कहा कि आने वाला साल नई उपलब्धियों और सफलताओं से भरा होगा 🌟। लेकिन यह तो बहुत अच्छा है कि हमारी सरकार ने भी इस बैठक में अपने प्रमुख प्राथमिकताओं को सामने रखा, जिसमें मानवता पहल और लोगों को केंद्र में रखने की कोशिश की गई है 🌈। यह तो बहुत अच्छा है कि हमारे देश में ऐसे सरकार हैं जो लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखती हैं ❤️
 
ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक में भारत की अध्यक्षता ने बहुत अच्छा काम किया, विशेष रूप से आर्थिक मामलों के सचिव सुधाकर दलेला जी ने अपने प्रमुख प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें लोगों को केंद्र में रखने की बात कही गई। यह बहुत अच्छी बात है कि बेलारूस ने भी अपना संदेश साझा किया और कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स आने वाला साल नई उपलब्धियों से भरा होगा। यह बहुत अच्छा है कि सभी देश एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में वैश्विक समुदाय में शामिल हैं।
 
ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक को देखकर मुझे थोड़ा डर लग रहा है 🤕 कि अगर हमारे वैश्विक सहयोग पर ध्यान न लगे, तो हमें बड़ी समस्याएं मिलने की संभावना है। मैंने पढ़ा है कि बेलारूस के राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स का आने वाला साल नई उपलब्धियों और सफलताओं से भरा होगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह बात बहुत ही सहज है। हमारे देश में इतनी भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्याएं हैं, तो कैसे हम नई उपलब्धियों और सफलताओं से भर सकते हैं? 🤔
 
ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक ने हमारे देश की ओर एक अच्छा संदेश दिया है, खासकर आर्थिक मामलों के सचिव सुधाकर दलेला जी की महत्वपूर्ण बातें सुनने को मिलीं। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे देश में इन सबको लागू करने के लिए और भी बहुत कुछ सुधारने की जरूरत है। हमें अपने देश की गरीबी, बेरोजगारी, जल सुरक्षा जैसी समस्याओं पर ध्यान रखना चाहिए। मुझे लगता है कि हमारे देश को और भी जिम्मेदार बनाने की जरूरत है, लेकिन इस बैठक ने एक अच्छा संदेश दिया है। 😊👍
 
मुझे लगता है कि #भारतकीअध्यक्षतामेंब्रिक्सशेरपाबैठक बहुत ही सकारात्मक रही, जिसमें हमने वैश्विक सहयोग और मानवता पर ध्यान दिया। 🌟 बेलारूस ने भी अपना संदेश साझा किया और कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स का आने वाला साल नई उपलब्धियों और सफलताओं से भरा होगा। यह बहुत अच्छा है कि हमने मानवता पहल और लोगों को केंद्र में रखने की कोशिश की। 🌈 #सहयोगकेवैश्विकसमुदाय #भारतकीअध्यक्षतामेंब्रिक्स
 
भाई, ये बात तो बहुत अच्छी है कि इस बैठक में भारत ने 'मानवता पहल' को आगे बढ़ाने की कोशिश की। हमारे देश में भी ऐसे कई सामाजिक और आर्थिक परियोजनाएं चल रही हैं जो लोगों को केंद्र में रखती हैं। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। 🤔

मुझे लगता है कि अगर हमारे देश में और अधिक युवाओं को रोजगार और शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाए, तो हमारी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। और अगर हम अपने खाद्य सुरक्षा और जल सुरक्षा पर अधिक ध्यान दें, तो हमारे देश की स्थिति और भी अच्छी हो जाएगी। 💧
 
ब्रिक्स शेरपा और सूस-शेरपा बैठक में भारत ने अच्छी तरह से अपनी पकड़ दिखाई। लेकिन लगता है कि हमारे पास अभी भी बहुत कुछ सीखने के लिए है। अगर हम सच्चे 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास' में निवेश करना चाहते हैं तो हमें अपने देशों की समस्याओं को पहले हल करना होगा।
 
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