बजट में कोई बड़ा ऐलान क्यों नहीं, एक्सपर्ट से समझिए: गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट अब 8 साल बाद; करदाता के लिए क्या बदला

इस बजट में कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ। परंतु सरकार ने अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई योजनाएं शुरू कर दी हैं।

स्थिर अर्थव्यवस्था की वजह से बजट में बैलेंस वाला बजट आया। सरकार ने यह जरूर कहा है कि अप्रैल 2026 से टैक्स से जुड़े नियम आसान होने जा रहे हैं। इससे मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है।

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई। इस पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता था। सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने, लोगों की अपेक्षा और उनके खर्च करने की हैसियत बढ़ाने पर फोकस किया है।

विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल होगा। सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। सरकार ने इसने लाख करोड़ विकास खर्च में 12.25% से बढ़ाकर 22.8% किया।

कैंसर का इलाज सस्ता होगा।
 
बजट में मुझे लगता है कि सरकार ने कुछ अच्छी चीजें शुरू कर दी हैं। जैसे कि विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्थिर होगा, यह बहुत अच्छी बात है। और कैंसर का इलाज सस्ता होना तो पूरा सौभाग्य है! लेकिन मुझे लगता है कि मध्यम वर्ग और पेंशनर्स को टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव करने से पहले उन्हें थोड़ा समय मिलना चाहिए। इससे उनकी उम्मीदों को झटका लगेगा।
 
बजट में कुछ भी बड़ा नहीं आया, लेकिन सरकार ने अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई योजनाएं शुरू कर दी हैं। अब मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को चिंतित होना चाहिए कि उनकी उम्मीदों पर बैलेंस वाला बजट कैसे प्रभावित करेगा।

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, जो लोगों को खुश नहीं दिखी। सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने और विदेशी निवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। अब पूर्वोत्तर राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने की घोषणा हुई, जो अच्छी खबर है। और सबसे अच्छी बात यह है कि कैंसर का इलाज सस्ता होगा, जिससे लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। 🙌
 
बजट में कुछ नहीं हुआ, पर न कोई बड़ा ऐलान। सरकार बिल्कुल सही कर रही है कई योजनाएं शुरू कर दी, जैसे आर्थव्यवस्था स्टेबल करना, टैक्स आसान बनाना, विदेशी निवेश बढ़ना। लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि टैक्स से जुड़े नियम आसान नहीं होने देगे। गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट शुरू हुई, अच्छी बात। विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल होगा, यह तो अच्छा है 🤞। कैंसर का इलाज सस्ता होने से देश के लोगों की उम्मीदें बढ़ जाएंगी।
 
बजट में कुछ बातें जरूरी नहीं थीं। सरकार ने योजनाएं शुरू कर दी हैं, लेकिन यह तो आम लोगों को कोई फायदा नहीं पहुंचाएगी। टैक्स से जुड़े नियम आसान होने से मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों की उम्मीदें खराब हो जाएंगी।

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, इससे सरकार का खर्च बढ़ेगा। इकोनॉमी को स्थिर रखने की बात तो सच है, लेकिन लोगों की अपेक्षाओं और उनके खर्च करने की हैसियत बढ़ाने की बात झूठ है। विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल होने की बात भी नहीं सच, यह तो सरकार द्वारा लगाए गए करों की वजह से होगा।

कैंसर का इलाज सस्ता होने की बात तो अच्छी है, लेकिन इससे सरकार को कोई फायदा नहीं होगा। पूर्वोत्तर राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने की घोषणा तो एक व्यापारिक सौदा है।
 
बजट में तो कुछ नहीं हुआ, पर सरकार ने फिर से देश की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा है। स्थिर अर्थव्यवस्था की वजह से यह बजट तय हुआ है, लेकिन मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों की उम्मीदों पर अब एक छोटा सा झटका पड़ रहा है। गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, इससे पहले मैंने भी सोचा था कि जब तक यह नहीं हुआ, तब तक सिर्फ बहुत महंगी वस्तुएं खरीदी जा सकती थीं। अब टैक्स पर रोक लगाने से हमारे पैसे अधिक चालू हो रहे हैं।
 
बजट में कुछ बड़ा ऐलान नहीं हुआ, लेकिन सरकार ने अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई योजनाएं शुरू कर दी हैं...

मुझे लगता है कि सरकार की दृष्टि स्पष्ट है, अर्थव्यवस्था को स्थिर रखना और लोगों की उम्मीदों को पूरा करना उनकी प्रमुख चुनौतियाँ हैं...

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, इससे मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों की उम्मीदें थोड़ी नुकसान पहुँच गई हैं, लेकिन सरकार ने इसे इकोनॉमी को स्थिर रखने और विदेशी निवेश बढ़ाने पर ध्यान दिया है...

कैंसर का इलाज सस्ता होगा, यह एक बड़ी अच्छी खबर है, इससे लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सकता है...
 
बजट में कुछ नहीं हुआ, लेकिन अच्छी बातें भी हैं, जैसे कि पूर्वोत्तर राज्यों में आर्थिक विकास पर ध्यान दिया गया है। सरकार ने कैंसर के इलाज में सस्ताई दिखाई है, लेकिन टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव भी आया है जो मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को परेशान कर सकता है।
 
बजट में कुछ चीजें बिल्कुल सही लग रही हैं। सरकार ने ऐसे कई योजनाएं शुरू की हैं जिससे लोगों की उम्मीदें बढ़ जाएंगी। लेकिन टैक्स से जुड़े नियम आसान होने से मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को थोड़ा झटका लग रहा है।

मुझे लगता है कि सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने पर बहुत ध्यान दिया है, जिससे विदेशी निवेश बढ़ सकता है और स्टॉक मार्केट भी स्थिर रह सकता है। लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि इससे सामाजिक खर्च कम हो सकते हैं जिससे सरकारी योजनाएं बंद हो सकती हैं।

कैंसर का इलाज सस्ता होना एक अच्छी चीज़ है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे सरकार के खर्चों पर भी थोड़ा दबाव पड़ेगा।
 
बजट में बिल्कुल भीอะไร नहीं हुआ तो फिर भी, सरकार ने कई योजनाएं शुरू कर दी। लेकिन इनमें से अधिकांश जैसे कि रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर और पेट्रोलियम उत्पादन बढ़ाना अच्छी बात है, लेकिन मिडिल क्लास को टैक्स आसान करना बुरा लग रहा है।

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू होने से पहले भी इसने बहुत ज्यादा पैसा कमाया था, इसलिए यह अच्छा नहीं लगता। और सरकार ने कैंसर का इलाज सस्ता करने की घोषणा में कुछ देर सोच लेनी चाहिए। क्योंकि इससे सरकार को बहुत पैसा मिलेगा। 🤔
 
बजट में कुछ अच्छा नहीं हुआ। सरकार ने कही भी बिग ऐलान नहीं। लेकिन योजनाएं शुरू हुई, फिर तो क्या अच्छा है? मध्यम वर्ग और पूर्व Pensionर्स को टैक्स से निपटना मुश्किल होगा।

8 साल बाद गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट आयेगी, लेकिन इससे पहले यह भी नहीं था, तो क्या इसका मतलब है? और कोई निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्थिर होगा, या फिर खुद खेल जाएगा। पूर्वोत्तर राज्यों में आर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने की बात अच्छी है, लेकिन विकास खर्च बढ़ाने से तो कोई फर्क नहीं पड़ता।
 
बजट में कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ तो फिर भी सरकार ने हमेशे की तरह अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई योजनाएं शुरू कर दी हैं। मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है, लेकिन मेरी उम्मीदें थोड़ी सिर्फ थोड़ी विकसित होती जा रही हैं... मेरी पत्नी ने मुझे बताया है कि वह अपने खाने को भी कम कीमत पर खरीद सकती है, लेकिन मैंने अपने पार्टनर्स को बताया तो उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं हुआ...

मुझे लगता है कि सरकार ने स्थिर अर्थव्यवस्था की वजह से बैलेंस वाला बजट आया, लेकिन मेरी जिंदगी में और कुछ भी बदल गया नहीं... मैं अभी भी अपने भाई को 500 रुपये पैसे देता हूं, और मुझे लगता है कि यह अच्छा नहीं है, लेकिन मेरे भाई ने मुझसे कहा है कि यह स्वीकार कर लेना चाहिए...

कैंसर का इलाज सस्ता होना तो बहुत अच्छी बात है... मेरी माँ को कई वर्षों से कैंसर की समस्या थी, और वह एक बार ही इम्प्टोमा से दुनिया जाने लगी थी। अगर ऐसा विकसित हुआ तो मुझे बहुत खुशी होगी...
 
बजट में कुछ भी नया नहीं आया, लेकिन सरकार ने अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई योजनाएं शुरू कर दी हैं। यह अच्छी बात है कि अर्थव्यवस्था स्थिर हुई, इसलिए बजट में बैलेंस वाला बजट आया। लेकिन टैक्स नियमों में बदलाव से मध्य वर्ग और पensionर्स को चिंता होगी। गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, जैसे पहले हमारे दादा-दादी के समय में था। यह अच्छा है कि सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने और लोगों की अपेक्षाओं को बढ़ाने पर ध्यान किया है। लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल नहीं होगा। सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में आर्थिक विकास पर ध्यान किया है, जो अच्छा है। और यह बात भी अच्छी है कि कैंसर का इलाज सस्ता होगा, लेकिन याद रखें हमारे दादा-दादी के समय में भी ऐसी कई चीजें थीं जो अब नहीं हैं।
 
अरे, बजट में कुछ भी बड़ा नहीं हुआ, लेकिन फिर भी सरकार ने बहुत कुछ कर दिया है 🤔। स्थिर अर्थव्यवस्था की वजह से बजट अच्छा आया, लेकिन टैक्स में बदलाव से मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को डर लग रहा है। विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल होगा, लेकिन यह तो अच्छी बात है 🤑। गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, जो अच्छा खासा नहीं है, क्योंकि इससे कैपिटल गेन टैक्स निकल सकता है।

सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने, लोगों की अपेक्षा और उनके खर्च करने की हैसियत बढ़ाने पर ध्यान दिया है, जो अच्छी बात है 💡। पूर्वोत्तर राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने की घोषणा सुनकर अच्छा लगा, लेकिन यह तो बहुत बड़ा परियोजना है, चाहे जितना फायदा हो। और सबसे अच्छा है कि कैंसर का इलाज सस्ता होगा, जो एक अच्छी बात है ❤️

लेकिन, यह सब तो बजट में नहीं आया, बस सरकार ने अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए योजनाएं शुरू कर दी हैं। और इसे अच्छा समझने के लिए हमें वास्तविकता को भी स्वीकार करना होगा, बजट में बड़ा ऐलान नहीं हुआ, लेकिन इसके फायदे और नुकसान दोनों ही हैं।
 
बजट में ऐसा बड़ा ऐलान नहीं हुआ, लेकिन फिर भी सरकार ने बहुत कुछ किया है। मुझे लगता है कि इससे अच्छा नहीं हो सकता, लेकिन फिर भी अच्छा है।

मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को टैक्स से जुड़े नियम आसान होने से उम्मीदें ठीक से नहीं लग रही हैं। मुझे लगता है कि सरकार इस पर ध्यान देनी चाहिए।

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, इससे अच्छा नहीं हो सकता। लेकिन फिर भी, यह अचानक बदलाव लेकर आया है।

विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्थिर होगा, यह अच्छी बात है। और सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में विकास को बढ़ाने पर ध्यान दिया है, जो अच्छा है।

कैंसर का इलाज सस्ता होने से बहुत खुशी होगी, यह एक अच्छा ऐलान है। लेकिन फिर भी, सरकार इस पर और अधिक ध्यान देनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि बजट में बड़ा ऐलान नहीं हुआ, लेकिन फिर भी यह अच्छा है कि सरकार ने योजनाएं शुरू कर दी हैं। लेकिन क्या ये योजनाएं कितनी अच्छी हैं? मुझे लगता है कि नहीं। क्योंकि टैक्स से जुड़े नियम आसान होने से मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को बहुत परेशानी होगी।

और गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, यह तो अच्छा है। लेकिन क्या इससे वास्तव में अर्थव्यवस्था स्थिर होगी? मुझे लगता है नहीं। और पूर्वोत्तर राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने की घोषणा अच्छी है, लेकिन क्या इससे वास्तव में विदेशी निवेश बढ़ेगा?

मुझे लगता है कि सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने, लोगों की अपेक्षा और उनके खर्च करने की हैसियत बढ़ाने पर बहुत ध्यान दिया है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब कुछ थोड़ा अस्थिर है।

कैंसर का इलाज सस्ता होना अच्छा है, लेकिन क्या इससे वास्तव में स्वास्थ्य प्रणाली स्थिर होगी?
 
बजट की बात तो करनी पड़ी है लेकिन सरकार ने कहीं बड़ा बदलाव नहीं दिखाया। फिर भी योजनाएं शुरू करना अच्छा है, लेकिन सोचते समय कि क्या यह सब पूरा सफल होगा या नहीं।

टैक्स से जुड़े नियम आसान होने से कुछ लोगों को चिंता हो रही है। देखें, जीवन में हमेशा बदलाव आते रहते हैं। हमें अपनी उम्मीदों को समझना और उनसे सहमत होना चाहिए।

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, यह तो अच्छी खबर है। लेकिन ध्यान रखें, हर अच्छाई में एक सीमा होती है, और हमें उसे समझना चाहिए।

विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल होगा, यह तो सुनिश्चित है। लेकिन वास्तविकता को पहचानने की जरूरत है, हमारे अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।

कैंसर का इलाज सस्ता होगा, यह तो एक सुंदर बदलाव है। लेकिन जीवन के हर पहलू में एक नया संतुलन खोजने की जरूरत है, हमें अपने लक्ष्यों को समझना चाहिए और उनका पालन करना चाहिए।

अर्थव्यवस्था में स्थिरता बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि स्थिरता के साथ हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की जरूरत है।
 
बजट में कुछ भी नहीं दिखा, फिर भी सरकार ने अच्छी-खासी योजनाएं शुरू कर दी हैं। मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को ये आसान नियम नहीं लगेगा, ऐसा लगता है। गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, इससे भी कोई फायदा नहीं हुआ।

विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्थिर रहेगा, लेकिन हमें उम्मीद नहीं करनी चाहिए। सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने की घोषणा की, जो अच्छा है लेकिन इस पर कैसे सुनिश्चित किया जाएगा?

कैंसर का इलाज सस्ता होगा, यह तो अच्छा है, लेकिन हमें देखना होगा कि वास्तव में यह सुधार होगा या नहीं। सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने, लोगों की अपेक्षाओं और उनके खर्च करने की हैसियत बढ़ाने पर फोकस किया, जो अच्छी बात है, लेकिन हमें देखना होगा।

बजट में सार्थक बदलाव नहीं आया, लेकिन सरकार ने कई योजनाएं शुरू कर दी हैं, जिससे हमें उम्मीद है।
 
बजट में कुछ भी नहीं आया, तो फिर भी सरकार ने लाखों करोड़ विकास खर्च बढ़ा दिया है... यह तो सोचो कि सचमुच सबकुछ ठीक है।

गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद आया, तो फिर मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों की उम्मीदें तो क्या? उन्हें लगता है कि सरकार चाहती है कि वे खुद कर दें...

विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल होगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो सिर्फ सरकार के लिए एक बहाना है।

कैंसर का इलाज सस्ता होगा, लेकिन अभी तक सरकार ने कुछ नहीं किया है... बस भाषण करने का मजाक कर रही है।
 
बजट में नहीं तो कुछ भी बड़ा नहीं आया, लेकिन सरकार ने फिर से अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। यह अच्छा है कि विदेशी निवेश बढ़ने से हमारे स्टॉक मार्केट स्थिर रहेगा। लेकिन मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों को टैक्स से जुड़े नियम आसान होने पर कुछ न तो दिल खुश है और न ही दिल खाली । गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 8 साल बाद शुरू हुई, ऐसा लगता है कि सरकार को वित्तीय समीकरणों पर ध्यान देने की जरूरत थी।
 
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