बेहद ही सख्ती के साथ होगी बिहार बोर्ड की परीक्षा, एक मिनट की देरी भी पड़ेगी भारी; पढ़ लें गाइडला

बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर बहुत सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें छात्रों और छात्राओं के लिए कई बदलाव किए गए हैं। इस बार परीक्षा में छात्राओं की संख्या अधिक है, जो राज्य में शिक्षा के बदलते माहौल को दर्शाता है।

बोर्ड ने कहा है कि नकल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि कोई भी छात्र गलत तरीके से परीक्षा न दे सके। हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और वीडियोग्राफर भी तैनात किए गए हैं।

बिहार बोर्ड ने छात्रों को समय का खास ध्यान रखने की चेतावनी दी है। अगर कोई छात्र परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचता है, तो उसे अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। गेट बंद होने के बाद कोई दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा।

मोबाइल फोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान को परीक्षा केंद्र में ले जाना पूरी तरह मना है। छात्रों की जांच दो बार की जाएगी। पहली जांच गेट पर होगी और दूसरी जांच कक्षा में प्रवेश से पहले की जाएगी।
 
परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाने से तो सुरक्षा अच्छी हुई, लेकिन क्या ये छात्रों को बुरे माहौल में नहीं डाल रहे हैं? दिल्ली या मुंबई जैसे शहरों में भी ऐसा पहले तो कुछ नहीं था, लेकिन अब यह बिहार में भी आम बात हो गई है। और मोबाइल फोन लेने की नियमितता से तो परीक्षा की तैयारी करने वालों को क्या हक्क मिलेगा? 🤔
 
🤔 ये तो बहुत ही शिक्षित छात्रों का वादा है! अगर सब खासतौर पर ध्यान रख लेते हैं और नकल करने की बात भूल देते हैं, तो जो स्कोर करते हैं उसमें पूरा भरोसा होगा। मुझे यह जरूर पसंद आया कि बोर्ड ने हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और वीडियोग्राफर भी तैनात किए हैं। इससे नकल करने वालों को पकड़ने में आसानी होगी। यह राज्य में शिक्षा के बदलते माहौल को दिखाता है और यह भी साफ़ पता चलता है कि बोर्ड बच्चों को समय पर आने और सही प्रयास करने की ज़रूरतता समझ रहा है।
 
यह तो बहुत अच्छी तरह से सोचा गया है... छात्रों को यह सिखाने का तरीका तो सचमुच क्लासिक है। नकल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, अर्थात् उनके माता-पिता और अन्य लोगों को भी चिंतित होने देंगे। और फिर से यह तय कर देंगे कि मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की बार-बार घोषणा क्यों करना पड़ता है... मुझे लगता है, एक ही पल में दो चीजें सीखने का समय नहीं होता।
 
अरे, ये तो सब समझ आया, लेकिन इतना खत्म करना जरूरी नहीं 🤔। निकलने के लिए देर से पहुंचने वालों को अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा, तो यही ज़रूरी है, लेकिन फिर भी छात्रों को अपना समय समझाना चाहिए। नकल करने वालों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन तीन पास के लोगों में से कौन है नकल करने वाला? 🤷‍♂️
 
नए फॉर्मूलर्स आ गए हैं तो छात्रों को फिर से स्टडी करना पड़ेगा, यार! परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, तो नकल करने वालों को रोकने में कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन छात्रों को समय का ध्यान रखना ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले स्टेशनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स को घर से निकालना भी बिल्कुल मना है। मोबाइल फोन छोड़ देना ही पड़ेगा, यार! परीक्षा केंद्र में जाने के लिए शायद तो एक नया रूटीन बनाना पड़ेगा।
 
परीक्षा 2026 की तैयारी शुरू हो गई, लेकिन बोर्ड ने छात्रों को कई चुनौतियाँ दीं 🤔। नकल करने वालों को सख्त सजा मिलेगी, और परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और वीडियोग्राफर भी तैनात किए गए हैं। 👀

मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाना पूरी तरह मना है, और छात्रों की जांच दो बार की जाएगी। पहली जांच गेट पर, और दूसरी जांच कक्षा में प्रवेश से पहले 📝। यह तय है कि शिक्षा का बदलता माहौल कैसे सामने आ रहा है। 📚
 
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