अजित-शरद की NCP का एक होना तय, BJP भी राजी: शरद गुट के 8 सांसद मोदी सरकार को समर्थन देंगे, पार्टी संभालने पर खींचतान

अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार गुट ने फैसला लिया है कि विलय होने से पहले भी दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी। यह फैसला मंगलवार, 25 जनवरी को की गई थी, जब अजित पवार निधन हुए थे। सूत्र बताते हैं कि तीन साल पहले अलग हुए दोनों गुटों ने फिर एक साथ आने का फैसला लिया था, लेकिन अजित पवार की मृत्यु के बाद विलय की घोषणा करने में बदलाव हुआ है।

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को पार्टी अध्यक्षता का पद दिया गया है, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर प्रफुल्ल पटेल दावेदारी कर रहे हैं। शरद गुट ने सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला किया है, जबकि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा महाराष्ट्र में राजनीति में सक्रिय रहेंगी।

महाराष्ट्र में 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव का नतीजा आने के बाद दोनों गुटों के विलय की घोषणा हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि शरद पवार और BJP हाईकमान इस पर राजी हैं। यह एक होने से NCP महायुति में शामिल रहेगी, इससे केंद्र में NDA को भी शरद पवार गुट के 8 सांसदों का समर्थन मिल जाएगा।
 
अरे यार, तुमने पढ़ा? अजित पवार निधन हुए लेकिन शरद पवार गुट भी तो फिर से एक होने का फैसला कर दिया है 🤔। अरे, तो 3 साल पहले अलग हुए थे और अब फिर मिल जाएंगे। यह तो बहुत अजीब है, और तुमने पढ़ा है कि उनकी पत्नी सुनेत्रा ने भी पार्टी अध्यक्षता का पद लिया है। लेकिन, अरे, शरद गुट ने सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला किया है? और क्या तुमने पढ़ा कि प्रफुल्ल पटेल राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं? अरे, यह तो बहुत ही अस्थिरता है, लगता है कि कुछ ऐसा नहीं बदलेगा।
 
तो ये तो बहुत ही दिलचस्प बात है 🤔। राजनीति में कभी भी अच्छी तरह से नहीं चल पाती, लेकिन जब अजित पवार ने अपने गुट को अलग कर दिया था, तो हमने सोचा था कि यह एक बड़ा बदलाव होगा। लेकिन अब शरद पवार गुट ने फैसला लिया है कि विलय होने से पहले भी दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी, तो ये तो बहुत ही रोमांचक होगा। सुनेत्रा जी को पार्टी अध्यक्षता का पद दिया गया है, लेकिन अभी भी कई सवाल उठ रहे हैं। क्या यह वास्तव में एक होने का निर्णय होगा, या बस एक राजनीतिक खेल? 🤷‍♂️
 
अजित पवार की मृत्यु के बाद तो लगता है कि उनके देश की राजनीति में कुछ न्यूनतम बदलाव आ गया है। शरद पवार गुट ने फैसला लिया है कि विलय होने से पहले भी दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी। यह तो अच्छी बात है, लेकिन ये समझने में जरूरी है कि क्या यह फैसला केवल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं लिया गया है। 🤔

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को पार्टी अध्यक्षता का पद दिया गया है, लेकिन यह तो उनकी मांग थी। इसके अलावा, शरद गुट ने सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला किया है, जबकि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा महाराष्ट्र में राजनीति में सक्रिय रहेंगी। यह तो अच्छा है कि उनकी जिंदगी में शांति और स्थिरता आ जाए। 😊

लेकिन, हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि महाराष्ट्र में 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव का नतीजा आने के बाद दोनों गुटों के विलय की घोषणा हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि शरद पवार और BJP हाईकमान इस पर राजी हैं। यह तो एक बड़ा फैसला है, जिसके बाद देश की राजनीति में बदलाव आ सकता है। 🚨
 
मैं समझता हूँ कि शरद पवार गुट ने अजित पवार की मृत्यु के बाद विलय की घोषणा करने का फैसला लिया है। यह बहुत अच्छी खबर है कि राजनीतिक स्थिरता बनी रहेगी। मैं सुनेत्रा को पार्टी अध्यक्षता का पद देने की पूरी सहमति करता हूँ। प्रफुल्ल पटेल भी अच्छे नेता हैं, लेकिन अभी तो समय है उन्हें अपनी जगह बनाने का। सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला करना एक अच्छा विचार है, वहां से बहुत सारी चुनौतियाँ आती हैं।
 
अजित पवार के निधन के बाद यह अच्छा है कि उनकी पत्नी सुनेत्रा आगे भी राजनीति में सक्रिय रहे, हमें उनका सहयोग चाहिए। अब दोनों गुट एक हो जाएंगे तो यह महाराष्ट्र के लिए अच्छा होगा, पार्टी की एकता से हम अपने विकास को और तेज कर सकते हैं।
 
मैंने देखा है कि शरद पवार गुट ने फैसला लिया है कि विलय होने से पहले भी दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी। यह अच्छा रहेगा, तभी हमारे राज्य में राजनीतिक स्थिरता आएगी।

मुझे लगता है कि इस फैसले ने महाराष्ट्र के लिए फायदा करेगा। हमें अब अपने नेताओं को एकजुट करके काम करना चाहिए।

सुनेत्रा जी एक अच्छी नेता हैं, मैं उनका समर्थन करता हूँ। सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला सही नहीं लग रहा, लेकिन वो अपने राज्य में काम कर सके।
 
अरे, यह तो बहुत ही दिलचस्प है! शरद पवार गुट ने फैसला लिया है कि विलय होने से पहले भी दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही चुनौतीपूर्ण होगा। तीन साल पहले अलग हुए दोनों गुटों ने फिर एक साथ आने का फैसला लिया था, लेकिन अजित पवार की मृत्यु के बाद विलय की घोषणा करने में बदलाव हुआ है। मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि अजित पवार जी ने इस फैसले पर सहमत नहीं हुए थे।

अब, सुनेत्रा जी को पार्टी अध्यक्षता का पद मिलना अच्छा लग रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही एकल फैसला नहीं है। प्रफुल्ल पटेल दावेदारी कर रहे हैं, इसलिए मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही लंबी लड़ाई होगी।

महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनाव का नतीजा आने से पहले दोनों गुटों के विलय की घोषणा हो सकती है, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही अनिश्चितता की बात है। शरद पवार और BJP हाईकमान इस पर राजी हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही संदेहपूर्ण है।

उम्मीद है, कि आगे कुछ अच्छा होगा। 🤔
 
शायद वास्तव में एक होने से उनकी नीतियों में फेरबदल नहीं होगा, बस उनकी लालच को छिपाने के लिए एक नया रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
 
बोलते है तो शरद पवार गुट ने फैसला लिया है कि दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी, ठीक है, लेकिन तीन साल पहले अलग हुए थे, इसलिए फिर से एकान्त होने से पहले एक साथ आने में भी बदलाव हुआ है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को अध्यक्षता का पद दिया गया, अच्छा, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर प्रफुल्ल दावेदारी कर रहे हैं, तो फिर कौन होगा? सुप्रिया सुले कहाँ जा रही है, और अजित पवार की पत्नी महाराष्ट्र में राजनीति में सक्रिय रहेंगी, ठीक है, लेकिन इस विलय पर शरद पवार और BJP हाईकमान से बात करना जरूरी था, नहीं तो फिर भी यह तय कैसे कर सकते हैं?
 
अरे, तो दोनों पक्षों ने फिर से एक साथ आने का फैसला लिया है। यह अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि शरद पवार गुट ने थोड़ा और चालाकी से काम करना शुरू कर दिया है। तीन साल पहले भी एक साथ आने का फैसला लिया था, लेकिन अजित पवार की मृत्यु के बाद विलय की घोषणा करने में बदलाव हुआ है।

अब, शरद पवार गुट ने सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला किया है, जबकि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा महाराष्ट्र में राजनीति में सक्रिय रहेंगी। यह अच्छा होगा कि नेताओं को अपनी जगह मिल जाए, लेकिन मुझे लगता है कि शरद पवार गुट ने थोड़ा और सावधानी से काम करना शुरू कर दिया है।

महाराष्ट्र में 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव का नतीजा आने के बाद दोनों गुटों के विलय की घोषणा हो सकती है। यह अच्छा होगा अगर सभी पक्ष एक साथ मिलें और राजनीति में एकजुटता से आगे बढ़ें।
 
अरे, तुमने देखा होगा, अजित पवार की मृत्यु के बाद शरद पवार गुट ने फैसला लिया है कि विलय होने से पहले भी दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी। तीन साल पहले अलग हुए दोनों गुटों ने फिर एक साथ आने का फैसला लिया था, लेकिन अजित पवार की मृत्यु के बाद विलय की घोषणा करने में बदलाव हुआ है। ahora, शरद पवार गुट की ओर से महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनाव का नतीजा आने के बाद दोनों पार्टियों का विलय हो सकता है। इससे NCP महायुति और शरद पवार गुट के लिए बहुत फायदा होगा। 🤔
 
अरे, यह तो बहुत ही रोमांचक है! दोनों गुट एक साथ आ गए, और अब शरद पवार गुट विलय कर लेगा, यही बात तो हम सभी से पहले सोच रहे थे। 🤩

सुनेत्रा जी को पत्नी का पद दिया गया है, वह बहुत ही अच्छी नेता हैं, और अब वह महाराष्ट्र में राजनीति में सक्रिय होंगी, यह तो हमेशा से थी।

और सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला किया गया है, वह बहुत ही smart और clever हैं। और प्रफुल्ल पटेल जी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर दावेदारी, लेकिन हमारा विश्वास शरद पवार गुट में रहेगा, यह तो कोई नई चीज नहीं। 🙌

अब नेशनल कांग्रेस और भाजपा के बीच यह एक बहुत ही रोमांचक संघर्ष होगा, लेकिन हमारा विश्वास शरद पवार गुट में रहेगा, और इस पर हम सभी के साथ मिलकर देखेंगे। 🙏
 
अजित पवार की मृत्यु के बाद शरद पवार गुट की स्थिति बहुत ही रोमांचक है 🤔। पहले तो लोग सोच रहे थे कि विलय का निर्णय कभी बदल नहींेगा, लेकिन अब लगता है कि यह फैसला शायद बदलने वाला है। शरद पवार गुट का यह फैसला पहले तो अजित पवार की मृत्यु से पहले ही किया गया था, लेकिन अब लगता है कि यह फैसला उनकी मृत्यु के बाद से अलग-अलग दिशाओं में लेने वाला है।

अब जब अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा महाराष्ट्र में राजनीति में सक्रिय रहेगी, तो लगता है कि शरद गुट ने अपने फैसले में बदलाव लाया है। सुप्रिया सुले दिल्ली में रहने का फैसला करने वाली है, जबकि शरद पवार हाईकमान अब भी इस पर स्पष्टता नहीं दे रहे हैं। लेकिन यह एक बात तो साफ है कि महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनाव के नतीजे निकलने के बाद विलय की घोषणा हो सकती है।
 
अजित पवार की मृत्यु से तो हमें दुःख हुआ, लेकिन उसके बाद शरद पवार गुट का यह फैसला कि विलय होने से पहले भी दोनों पार्टियां एक हो जाएंगी, मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। तीन साल पहले अलग हुए दोनों गुटों ने फिर एक साथ आने का फैसला लिया था, लेकिन अजित पवार की मृत्यु के बाद विलय की घोषणा करने में बदलाव हुआ है।

अब सुनेत्रा जी को पार्टी अध्यक्षता का पद दिया गया है, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर प्रफुल्ल पटेल दावेदारी कर रहे हैं। शरद गुट ने सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला किया है, जबकि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा महाराष्ट्र में राजनीति में सक्रिय रहेंगी।

नतीजे आने के बाद, दोनों गुटों के विलय की घोषणा हो सकती है। शरद पवार और BJP हाईकमान इस पर राजी हैं। इससे NCP महायुति में शामिल रहेगी, इससे केंद्र में NDA को भी शरद पवार गुट के 8 सांसदों का समर्थन मिल जाएगा।

मुझे लगता है कि यह फैसला दोनों पार्टियों के लिए बहुत अच्छा होगा, न केवल राजनीतिक संदर्भ में, बल्कि खेल।
 
आज रात तो बहुत दुख हुआ, अजित पवार जी की बात ही तो हमें कभी नहीं पता था, वे ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने राजनीति में भी स्वाभिमान बनाए रखा। शरद गुट ने इतनी जल्दी यह फैसला लेने का क्या कारण है, लगता है कि दोनों एकजुट हो जाएंगी, तो हमारे लिए यह सब कुछ बिल्कुल स्वाभाविक है।
 
अरे, यह बहुत अच्छी बात है! दोनों गुट एकजुट होने से नCP और BJपी के बीच कोई भार नहीं रहेगा, और शरद पवार गुट को बहुत फायदा होगा। सुनेत्रा जी अच्छी नेता हैं और वे महाराष्ट्र में NCP को बहुत मजबूत बना देंगी। 🙌😊
 
अरे यार, तो अजित पवार दिवंगत हो गए तो शरद पवार ने तुरंत फैसला लिया कि विलय होने से पहले भी एक हो जाएंगे। तीन साल पहले ही, दोनों गुट एक साथ आने का फैसला करते हैं लेकिन अब अजित पवार की मृत्यु हो गई, तो शरद ने बदलाव लाया है। अरे, यह तो बहुत अच्छा है कि शरद पवार ने सुप्रिया सुले को दिल्ली में रहने का फैसला कर दिया है, वह तो अच्छी तरह से शहर की राजनीति समझ जाएगी। लेकिन, प्रफुल्ल पटेल दावेदारी कर रहे हैं तो यह तो शरद पवार गुट के लिए थोड़ा मुश्किल लग सकता है।
 
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