अजित पवार के निधन के बाद नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) में एक होने का फैसला तय हो सकता है, जिसका अर्थ है दोनों गुट - अजित पवार और शरद पवार - एक साथ आ जाएंगे।
अजित पवार ने 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अपना जीवन खो दिया था। उनकी मृत्यु के बाद, पार्टी में भ्रष्टाचार और अंतर-शाखीय संघर्षों की खबरें आईं।
इसलिए, शरद गुट ने विलय पर तय किया है, जिसका अर्थ है दोनों गुट एक साथ आ जाएंगे।
दोनों पार्टियों ने 5 फरवरी को महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बाद विलय पर बातचीत करने की योजना बनाई थी।
शरद गुट ने पहले ही संकेत दिया था कि वे इस मामले में 9 फरवरी को तय कर लेंगे।
इसीलिए, शरद पवार और बीजेपी हाईकमान इस फैसले पर सहमत रहे, जिसका मतलब है कि NCP महायुति का हिस्सा बनी रहेगी।
इसके साथ ही, इस मामले में 8 सांसद शरद पवार गुट के समर्थन मिल सकते हैं।
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाएगा।
इस फैसले के साथ, अजित पवार के बाद पार्टी पर खींचतान होने की खतरनाक स्थिति रहेगी।
इसलिए, शरद गुट ने सुनेत्रा को विधायक दल की बैठक में लीडर चुनकर NCP की नई दिशा सेट करने पर काम करने का फैसला किया है।
शरद पवार सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का भी विचार है, ताकि उनकी पार्टी मजबूत रह सके।
अजित पवार ने 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अपना जीवन खो दिया था। उनकी मृत्यु के बाद, पार्टी में भ्रष्टाचार और अंतर-शाखीय संघर्षों की खबरें आईं।
इसलिए, शरद गुट ने विलय पर तय किया है, जिसका अर्थ है दोनों गुट एक साथ आ जाएंगे।
दोनों पार्टियों ने 5 फरवरी को महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बाद विलय पर बातचीत करने की योजना बनाई थी।
शरद गुट ने पहले ही संकेत दिया था कि वे इस मामले में 9 फरवरी को तय कर लेंगे।
इसीलिए, शरद पवार और बीजेपी हाईकमान इस फैसले पर सहमत रहे, जिसका मतलब है कि NCP महायुति का हिस्सा बनी रहेगी।
इसके साथ ही, इस मामले में 8 सांसद शरद पवार गुट के समर्थन मिल सकते हैं।
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाएगा।
इस फैसले के साथ, अजित पवार के बाद पार्टी पर खींचतान होने की खतरनाक स्थिति रहेगी।
इसलिए, शरद गुट ने सुनेत्रा को विधायक दल की बैठक में लीडर चुनकर NCP की नई दिशा सेट करने पर काम करने का फैसला किया है।
शरद पवार सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का भी विचार है, ताकि उनकी पार्टी मजबूत रह सके।