अजित पवार ने 1991 में बारामती सीट पर अपनी पहली बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की, जब उस समय पी. वी. नरसिम्हा राव की कांग्रेस सरकार बनी। इसी दौरान, शरद पवार को रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया, लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए सांसद बनना आवश्यक था। तब का समय यह था जब शरद पवार राज्यसभा सदस्य थे, लेकिन रक्षा जैसी महत्वपूर्ण विभागों के लिए लोकसभा सीट की आवश्यकता थी।