आज 5 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी है। इस दिन परिवार की खुशहाली, पति की तरक्की और परिवार को तमाम मुसीबतों से बचाने के लिए फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी व्रत किया जाता है। इस दिन चांद की पूजा के बाद व्रत का पारण करना चाहिए।
इस दिन चंद्रोदय 9:52 बजे और राहुकाल 2:18 से 4:42 तक होगा। इस दिन गुरुवार को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में सुकर्मा योग बन रहा है। यहां पर चंद्रोदय और अशुभ समय के बारे में भी बताया गया है।
वृषभ राशि वालों के लिए यह एक अच्छा दिन है, जिसमें उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है अगर उन्होंने दिया हुआ कर्ज वापस लिया है। इसके अलावा, कन्या राशि वालों को इस दिन जल्दबाजी में नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इस दिन सुकर्मा योग बन रहा है, जिससे व्रत का पारण करना शुभ माना जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करके और कपूर से उनकी आरती करके विद्या क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का विशेष उपाय कर सकते हैं।
इस लेख में, हमने आपको द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 के बारे में जानकारी दी है, जिसमें चंद्रोदय समय, राहुकाल और पंचांग दिया गया है। इस लेख में, हमने आपको बताया है कि इस दिन कौन से उपाय करने चाहिए और कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं।
इस दिन चंद्रोदय 9:52 बजे और राहुकाल 2:18 से 4:42 तक होगा। इस दिन गुरुवार को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में सुकर्मा योग बन रहा है। यहां पर चंद्रोदय और अशुभ समय के बारे में भी बताया गया है।
वृषभ राशि वालों के लिए यह एक अच्छा दिन है, जिसमें उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है अगर उन्होंने दिया हुआ कर्ज वापस लिया है। इसके अलावा, कन्या राशि वालों को इस दिन जल्दबाजी में नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इस दिन सुकर्मा योग बन रहा है, जिससे व्रत का पारण करना शुभ माना जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करके और कपूर से उनकी आरती करके विद्या क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का विशेष उपाय कर सकते हैं।
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