मैं तो याद कर लेता हूँ कि पुलिस के पास हिंसक कार्रवाई करने की स्वतंत्रता थी, पर अब ऐसा नहीं है। मैं समझता हूँ कि उनकी जिम्मेदारी बड़ी है, लेकिन वे मृतदेहों के साथ भी ठीक से निपटना चाहिए।
कुछ दशक पहले, पुलिस को अपनी कार्रवाई को रोकने के लिए दूसरों की जिम्मेदारी लेनी पड़ती थी, मगर आज की सरकार ने उन्हें अधिक शक्तिशाली बना दिया है। मैं चाहता हूँ कि पुलिस बिना हिंसा के अपनी कार्रवाई कर सके।
आज के समय में हमें सोचना होगा कि हम एक सुरक्षित समाज बनाने के लिए क्या कर सकते हैं।