अजनाला नरसंहार
, यह तो हिंदुस्तान की दुखद पृष्ठभूमि की तरह है, जब हम भारतीय सैनिकों के खिलाफ ऐसी बुराई हुई थी। अंग्रेजों ने 1857 में काला फूस देरी और सिपाहियों को गोलीबारी कर दी, फिर उन्हें जेल में रखकर उन्हें बहुत मुश्किल परिस्थितियों में डाल दिया। इस तरह से उनकी जान निकल गई और वे जानबूझकर नहीं मर रहे, बल्कि मरने के लिए मजबूर किया गया।
यह एक बहुत ही दुखद काल था, जब हमारे देश में अंग्रेजों की ऐसी बुराई हुई। इस तरह से उनके खिलाफ हमारे सिपाही ने लड़ाई लड़ी और अंग्रेजों को हराया। लेकिन इसका मूल्यांकन करना कठिन है, जब तक हम अपने देश की जड़ों को नहीं समझते।
यह एक बहुत ही दुखद काल था, जब हमारे देश में अंग्रेजों की ऐसी बुराई हुई। इस तरह से उनके खिलाफ हमारे सिपाही ने लड़ाई लड़ी और अंग्रेजों को हराया। लेकिन इसका मूल्यांकन करना कठिन है, जब तक हम अपने देश की जड़ों को नहीं समझते।