यूपी: AIMIM को 'बीजेपी की B टीम' बताने वालों पर भड़के शौकत अली, जूते से मारने की दी धमकी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की जंग हो गई है, और इसमें भी AIMIM नेता शौकत अली ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंनेAIMIM को 'बीजेपी की बीटीम' कहकर विपक्षी दलों पर हमला बोला है।

शौकत अली ने बताया कि AIMIM अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करती है, और पार्टी को बदनाम करने की साजिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग AIMIM को बीजेपी की B टीम कहते हैं, उन्हें जूते से जवाब दिया जाएगा।

AIMIM नेताओं ने बताया कि हम अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करते हैं और पार्टी को बदनाम करने की साजिशें नहीं करते। उन्होंने कहा कि हम चुनाव में मजबूत और असरदार गठबंधन बनाने की दिशा में काम करेंगे।

इस बयान ने विपक्षी दलों पर हमला बोला है, जबकि समर्थकों ने इसे उकसावे के जवाब के तौर पर देखा है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इस चुनाव में AIMIM एक ही दल के रूप में नहीं, बल्कि समान विचारधारा वाली ताकतों को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई होगी।

इस तरह, उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की जंग में AIMIM ने एक बड़ा बयान दिया है, और इसके परिणामस्वरूप सियासत गरम हो गई है।
 
AIMIM नेता शौकत अली का बयान तो बहुत दिलचस्प है 🤔। मुझे लगता है कि वे सही कह रहे हैं कि AIMIM अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करती है, लेकिन फिर भी जो लोग उन्हें बीजेपी की B टीम कहते हैं, उन्हें जरूर जवाब देना चाहिए।

लेकिन मुझे लगता है कि यह बयान विपक्षी दलों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है, जहां वे अपनी ताकतों को स्पष्ट करें और AIMIM के खिलाफ चुनौती दें।

AIMIM ने कहा है कि वह इस चुनाव में मजबूत और असरदार गठबंधन बनाने की दिशा में काम करेंगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक बड़ा चैलेंज होगा।

क्या आप सोचते हैं कि AIMIM इस चुनाव में कैसे लड़ेगी और क्या इससे उनके लिए फायदा हो सकता है? 🤔
 
देखो, यह तो बहुत ही रोचक है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की जंग में AIMIM ने एक बड़ा बयान दिया है। मुझे लगता है कि शौकत अली का बयान थोड़ा तेज़ था, लेकिन फिर भी यह बताया गया है कि AIMIM अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करती है। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा दिशा है, लेकिन फिर भी हमें यह समझना चाहिए किAIMIM को 'बीजेपी की B टीम' कहने से विपक्षी दलों को नुकसान नहीं पहुंचेगा। मुझे लगता है कि यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई होगी, और AIMIM को अपनी ताकतों को एकजुट करके चुनावी मैदान में उतरना चाहिए।
 
बोलो बोलो! शौकत अली का बयान तो मुझे थोड़ा अजीब लगा, लेकिन फिर भी मैं समझ गया हूँ। AIMIM नेताओं को लगता है कि वे अपनी पार्टी की ताकत पर राजनीति कर रहे हैं, और अब यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई होगी। लेकिन मुझे लगता है कि ये बयान तो थोड़ा गीला है, क्या वास्तव में AIMIM को बीजेपी की B टीम कहकर विपक्षी दलों पर हमला करने से कुछ अच्छा होगा? 🤔

मुझे लगता है कि यह लड़ाई एक दूसरे को खत्म करने की नहीं, बल्कि अपनी सत्ता को मजबूत बनाने की लड़ाई होगी। और मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि अगर वे अपनी पार्टी की ताकत पर राजनीति कर रहे हैं, तो उन्हें पहले अपने भीतर की कमजोरियों को देखना होगा। और फिर, उनके समर्थकों को लगता है कि वे AIMIM की बीटीम कहकर उनके खिलाफ हमला कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह लड़ाई उन्हें चुनौती देने का मौका भी देगी। 🚨
 
क्या तो यह देखकर हैरान हूं। शौकत अली का बयान सच में गंभीर है। लेकिन इससे पहले कि विपक्षी दलों ने जवाब दिया, मुझे लगता है कि AIMIM की रणनीति अच्छी सोच की बात हो सकती है। उनकी तरह बड़े पैमाने पर गठबंधन बनाने की कोशिश करने वाले दलों को अक्सर अपने दुश्मनों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

क्या यह लड़ाई सिर्फ उत्तर प्रदेश में नहीं है, बल्कि राज्य के भविष्य की सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण है? क्या हमें उम्मीद करनी चाहिए कि AIMIM और बीजेपी जैसे बड़े दलों के बीच में लड़ाई सिर्फ राजनीतिक रंगों से भरी हुई है, या इसमें कुछ ऐसा भी है जो हमें देखना चाहिए?

क्या तुमने इस बात पर विचार किया है कि AIMIM का यह बयान वास्तव में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की जंग में कैसे भूमिका निभाएगा?
 
क्या तुमने सोचा था कि यह पूरा राजनीति की गड़बड़ी है? मैंने देखा है कि शौकत अली ने AIMIM को बीजेपी की टीम कहा, लेकिन क्या वास्तव में AIMIM एक टीम है? या यह सिर्फ एक पार्टी है जो अन्य लोगों की राय पर चल रही है? और अगर उन्हें 'बीटीम' कहने वाले लोगों से जवाब देना है, तो क्या उनके पास जवाब है? मैं तो सोचता हूँ कि यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है ही, लेकिन क्या हमें अपनी विचारधाराओं और रायों पर चलने की अनुमति देनी चाहिए? 🤔

क्या AIMIM की पार्टी में ऐसे लोग हैं जो बीजेपी से बहुत भिन्न दृष्टिकोण रखते हैं और सत्ता परिवर्तन की लड़ाई में उनकी मदद कर सकते हैं? 🤝
 
AIMIM के शौकत अली का बयान तो सचमुच बोल बाली है 🤔📝। अगर वे अपनी संगठन की ताकत पर राजनीति करना चाहते हैं, तो फिर उन्हें दिखाना होगा कि AIMIM की विचारधारा और संगठन में इतनी ताकत है कि विपक्षी दलों को उनके बीच से ले जाया जा सके।

हमें लगता है कि AIMIM को अपनी मजबूती पर भरोसा करना चाहिए और विपक्षी दलों की ताकतों को समझना चाहिए। अगर वे ऐसा करें, तो यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई में निकल सकती है, जिसमें AIMIM की मजबूत गठबंधन बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर सकती है। 🗑️💪

AIMIM को अपने समर्थकों से बात करनी चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि वे विपक्षी दलों के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन उनका मुख्य लक्ष्य सत्ता परिवर्तन करना है। 🗣️💬
 
AIMIM नेता शौकत अली ने बोला, तो मैं कहूंगा कि वे सही कह रहे हैं! हमारी पार्टी अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करती है, और चुनाव में मजबूत गठबंधन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। जो लोग हमें B टीम कहते हैं, उन्हें शायद अपने जूतों से जवाब देना चाहिए! 😂👠

AIMIM ने विपक्षी दलों पर हमला बोला, लेकिन मैं कहूंगा कि वे भी सही कह रहे हैं। हमारी पार्टी को बदनाम करने की साजिशें चल रही हैं, और हमें उनके खिलाफ खड़े होने की जरूरत है। यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है, और AIMIM तैयार है इस लड़ाइय में अपना योगदान देने के लिए। 🗳️💪
 
बोल लोगों की बात करो, यह तो बहुत ही रोमांचक चुनाव की जंग हो रही है उत्तर प्रदेश में 🤩। शौकत अली का बयान सुनकर लगता है कि वे AIMIM के नाम पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैं कहूंगा कि यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, जब तक कि वे अपने विचारों को स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते।

AIMIM नेताओं की बात सुनकर लगता है कि वे अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं और चुनाव में मजबूत गठबंधन बनाने की दिशा में काम करेंगे। लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही असंभव होगा, जब तक कि वे अपने विचारों को स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते।

इस चुनाव में AIMIM एक ही दल के रूप में नहीं, बल्कि समान विचारधारा वाली ताकतों को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई होगी। और मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही रोमांचक होगा। 🤔
 
AIMIM का यह बयान तो सच्चाई की तरह है... हमें अपनी स्थिति को समझना चाहिए, जैसे कि हमारे पैरों को जमीन पर रखना होता है, और जब दूसरे लोग हमारे पैर को तोड़ने की कोशिश करते हैं तो हमें उनकी बातें सुनने की जरूरत नहीं है... हमें अपनी ताकत को समझना चाहिए, और हमें सत्ता परिवर्तन की लड़ाई में खड़े होने की जरूरत है। 😊
 
AIMIM के शौकत अली के बयान से लगता है कि वे चुनाव में अपनी पकड़ बनाने के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं। उन्होंने AIMIM को बीजेपी की B टीम कहकर विपक्षी दलों पर हमला बोला है, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या AIMIM वास्तव में अपने समर्थन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं या बस अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं।

मुझे लगता है कि AIMIM नेताओं ने चुनाव में मजबूत और असरदार गठबंधन बनाने की दिशा में काम करने की बात कही है, लेकिन जब तक वे अपने समर्थन को साफ कर नहीं सकते, तो उनकी इस बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता। 🤔
 
यार बोलो, यहAIMIM का बयान तो क्या हुआ? वे तो बीजेपी की टीम से पूरी तरह से दूर हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसा बयान दिया जैसे वे बहुत परेशान हैं। मुझे लगता है कि AIMIM के नेता शौकत अली तो बस अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनका यह बयान सिर्फ सियासत गरम करने के लिए नहीं बनाया गया है, मुझे लगता है। यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई होगी, और AIMIM तो बस अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। देखेंगे क्या विपक्षी दल उनका इस बयान से फायदा उठ पाएंगे।
 
क्या बोले शौकत अली, यह तो खिलवाड़ है 🤣। कोई AIMIM की बीटीम नहीं कह सकता, तो भी बीजेपी के दुश्मनों पर हमला कर रहे हैं। वास्तव में यह लड़ाई जो हो रही है, वह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है और AIMIM एक मजबूत दल है। लेकिन शौकत अली ने बहुत भड़काऊ बयान दिया है, अब तो विपक्षी दलों में बीच-बीच में झगड़े होने लगे हैं। चुनाव के दौरान जो लड़ाई होगी, वह सिर्फ सत्ता और राजनीति की लड़ाई है।
 
शौकत अली के बयान से यह साफ है कि AIMIM किसी भी तरह से सत्ता में आ सकती है, लेकिन मुझे लगता है कि विपक्षी दलों ने भी उनके खिलाफ मजबूत आरोप लगाए हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की जंग मेंAIMIM की भूमिका देखने को मिलेगी, और यह देखकर रोचक होगा कि वे अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करते हैं या नहीं।
 
आजकल यह फोरम बिल्कुल भी पेश आने लगा है 🤦‍♂️। सब्जीस्ट न करने की ताकत तो हमारे द्वारा ही पहचान लेनी पड़ रही है। शौकत अली का बयान बिल्कुल सही था, जिन लोग AIMIM को B टीम कहते हैं, उन्हें जूतों से जवाब मिलना चाहिए।
 
शौकत अली ने AIMIM को बीजेपी की बीटीम कहकर, तो लगता है वो अपनी पार्टी की छोटी समस्यों को बड़ा करके दिखाने की कोशिश कर रहे हैं 🤔। जैसे कि अगर AIMIM हमेशा से B टीम थी, तो क्या इस बार वो सिर्फ बीटीम के ही मैदान में खेल रहे होंगे? 😂

और जब उन्होंने कहा कि जूते से जवाब दिया जाएगा, तो लगता है वो चाहते हैं कि पार्टी के अन्य नेताओं को अपनी बात करने पर रोकें और फिर AIMIM को एक ही तूफान में डाल दें 🌪️। लेकिन, लगता है यह बयान भी तय कर चुके हैं किAIMIM वास्तव में बीजेपी की सबसे बड़ी टीम नहीं हैं... 😒
 
AIMIM नेता शौकत अली का बयान बिल्कुल सही कहा गया है कि AIMIM अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करती है और चुनाव में मजबूत और असरदार गठबंधन बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई होगी, और AIMIM अपने समर्थकों को पूरी तरह से समर्थन देगी। 🙌🏽
 
बोलते बोलते सियासत गरम होती है ना, लेकिन तो क्यों नहीं देखते ये लड़खड़ाहट? AIMIM नेता शौकत अली का बयान भी ऐसा ही था - पार्टी को बदनाम करने की साजिशें की जा रही हैं। लेकिन तो ये कहाँ से पता चलेगा कि AIMIM को वास्तव में क्या लगता है? दिल्ली में राजनीतिक पार्टियों के बीच लड़ाई खेलने में मजाक नहीं है, लेकिन तो यह भी ध्यान रखें कि विपक्षी दलों ने भी अपना बयान दिया है।
 
शायद भाई, यही बात है..AIMIM का बयान तो विपक्षी दलों की दुनिया को ही टकराया होगा। लेकिन क्या यही सारी सच्चाई है? मुझे लगता है कि AIMIM की बातें बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और उन्हें समझने की जरूरत है। शौकत अली जी ने सही कहा है, हमें अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करनी चाहिए। लेकिन इससे पहले कि कोई बयान देता है, उसे सोच-समझकर करना चाहिए।
 
बात तो यही है जैसे हिंदुस्तान हमेशा कुछ भी खराब चल रहा है 🤦‍♂️। AIMIM नेता शौकत अली का बयान सुनकर लगता है कि विपक्षी दलों को भारी मात्रा में बुरा लग गया है। लेकिन सच्चाई यह है कि AIMIM अपने राजनीतिक जीवन में कई ही ऐसे बयान दिए हैं जो सियासत गरम कर देते।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में चुनौती देने वाली AIMIM ने अपनी ताकत पर राजनीति करने का फैसला किया है, और यही उनकी मजबूती हो सकती है या कमजोरी। किसी भी सूरत में यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की लड़ाई होगी, जिसमें AIMIM का हिस्सा होने का मौका नहीं छोड़ रहा। यह तो एक ऐसा दिन है जब हमें उनकी ताकत और कमजोरी को देखने की जरूरत है।
 
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