अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सोने की बाजार में छाप लगाने पर भारतीय अर्थव्यवस्था को चोट पहुंच सकती है। सोने की कीमत बढ़ने पर देश के लोगों को दर्द होता है, लेकिन इसके पीछे कई अंडरवरल्ड गिरोह भी हैं।
दुनिया में अमेरिकी डॉलर का विश्वाधिकार है, और इसके साथ-साथ ट्रम्प की सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस नई आर्थिक नीति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। यह नीति तभी चलेगी जब तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती।
इस बीच, भारतीय अर्थशास्त्रियों की राय में सोने की कीमत बढ़ने की वजह यह नहीं हो सकती कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प दुनिया को 6.7 लाख करोड़ डॉलर जब्त कर सकते हैं। इसके पीछे कई जटिल आर्थिक नीतियां हैं, जिनके बारे में अभी तक स्पष्टता नहीं आ चुकी है।
इस दुनिया की सामान्य अर्थव्यवस्था में ऐसी स्थिति तभी बनेगी, जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प इसे पूरी तरह से स्वीकार कर लें। वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था को इस प्रक्रिया से निपटना होगा।
दुनिया में अमेरिकी डॉलर का विश्वाधिकार है, और इसके साथ-साथ ट्रम्प की सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस नई आर्थिक नीति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। यह नीति तभी चलेगी जब तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती।
इस बीच, भारतीय अर्थशास्त्रियों की राय में सोने की कीमत बढ़ने की वजह यह नहीं हो सकती कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प दुनिया को 6.7 लाख करोड़ डॉलर जब्त कर सकते हैं। इसके पीछे कई जटिल आर्थिक नीतियां हैं, जिनके बारे में अभी तक स्पष्टता नहीं आ चुकी है।
इस दुनिया की सामान्य अर्थव्यवस्था में ऐसी स्थिति तभी बनेगी, जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प इसे पूरी तरह से स्वीकार कर लें। वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था को इस प्रक्रिया से निपटना होगा।