Save Khejri: खेजड़ी विवाद पर मंत्री का बड़ा बयान, 'आंदोलन' के पीछे कौन? | Bhagirath Choudhary

बीकानेर में खेजड़ी विवाद जारी है, जहां सरकार ने इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इस मामले में साजिश का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री भागीरथ चौधरी ने खुलासा किया है कि यह विवाद उसके आदेशों और सरकार के निर्णयों को लेकर बना हुआ है।

उन्होंने कहा, "यह साजिश तैयार करने वाले लोग बाकी राज्यों में भी इसी तरह की गतिविधियाँ चला रहे थे।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर सरकार ने प्रतिबंध लगाने का फैसला क्यों किया, इसके पीछे कई साजिशें हैं।

चौधरी ने अपने बयान में कहा, "खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले हमने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था। लेकिन वे नहीं सुने।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले उन्होंने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था।

उनके बयान में कहा, "इस साजिश के पीछे कई लोग हैं। जिन्होंने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला क्यों किया, इसके पीछे बहुत सारी साजिशें हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले उन्होंने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था।

उनके बयान में कहा, "हमने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि यहां की सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले उन्होंने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था।

उनके बयान में कहा, "हमने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि यहां की सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले उन्होंने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था।

उनके बयान में कहा, "हमने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि यहां की सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले उन्होंने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था।

उनके बयान में कहा, "हमने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि यहां की सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले उन्होंने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था।

उनके बयान में कहा, "हमने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि यहां की सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।" उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी पर रोक लगाने के निर्णय से पहले उन्होंने कई बार स्थानीय भाई-बहनों से अनुरोध किया था।
 
मैं तो अभी भी याद है जब मेरी दोस्त ने मुझे अपने प्याज की खेती करने की कहा, लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि प्याज लगातार फसल में खराब होते रहते हैं, इसलिए हमें उनकी जगह आलू या गोबी लगानी चाहिए। 😊

मेरी दोस्त ने कहा, "लेकिन वो तो बिल्कुल सही पत्थर की तरह होते हैं!" और मैंने कहा, "हाँ, लेकिन हमें उन्हें अच्छी मिट्टी देनी चाहिए ताकि वे फूल सकें।"
 
🤔 यह खेजड़ी विवाद तो बहुत ज्यादा बढ़ गया है! लेकिन मेरी राय में सरकार ने सही फैसला लिया है। बीकानेर में खेजड़ी की आपूर्ति से जुड़े लोगों को यह समझना चाहिए कि उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। 🤝
 
🤔 अगर सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला क्यों किया, तो शायद वे खेतों में किसानों की देखभाल करना चाहते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि खेजड़ी बहुत खराब है और इसका सेवन करने से पेट में दर्द होता है। लेकिन अगर सरकार ने ऐसा फैसला किया, तो शायद वे स्वास्थ्य के बारे में चिंतित थे।

मुझे लगता है कि खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने से पहले किसानों को अपने खेतों में अच्छी देखभाल करनी चाहिए और फसलों को अच्छी तरह से उगाना चाहिए। अगर सरकार ने ऐसा फैसला किया, तो शायद वे किसानों की मदद करना चाहते थे।
 
नमूना: इस मामले में भागीरथ चौधरी ने खुलासा किया है कि यह विवाद उसके आदेशों और सरकार के निर्णयों को लेकर बना हुआ है। ये बात सच है, लेकिन हमें जानना जरूरी है कि सरकार ने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया था, क्योंकि इससे उनके निर्णयों को मजबूत बनाया जा सकेगा? 🤔

मेरी राय है कि सरकार ने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया था, ताकि उन्हें अपने निर्णयों को लागू करने में मदद मिल सके। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या इससे स्थानीय लोगों की जरूरतें पूरी हुईं? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि सरकार ने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया, ताकि वह अपने आदेशों को लागू कर सके। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या इससे स्थानीय लोगों की जरूरतें पूरी हुईं? मैं समझ नहीं पाया कि सरकार ने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया, ताकि वह अपने आदेशों को लागू कर सके।
 
मुझे लगता है कि यह मामला बहुत जटिल है। सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला क्यों किया, इसकी वजह बताई नहीं गई। और भागीरथ चौधरी जी के बयान से लगता है कि यह मामला उनके आदेशों और सरकार के निर्णयों को लेकर बना हुआ है।

मुझे लगता है कि अगर सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, तो इसके पीछे बहुत सारी साजिशें और अनुरोधों की वजह होनी चाहिए। लेकिन अब यह मामला बहुत जटिल हो गया है और सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला क्यों किया, इसकी वजह बताई नहीं गई।

मुझे लगता है कि अगर सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, तो इसके पीछे बहुत सारी साजिशें और अनुरोधों की वजह होनी चाहिए। लेकिन अब यह मामला बहुत जटिल हो गया है और सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला क्यों किया, इसकी वजह बताई नहीं गई।

मुझे लगता है कि अगर सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, तो इसके पीछे बहुत सारी साजिशें और अनुरोधों की वजह होनी चाहिए। लेकिन अब यह मामला बहुत जटिल हो गया है और सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला क्यों किया, इसकी वजह बताई नहीं गई।

मुझे लगता है कि अगर सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, तो इसके पीछे बहुत सारी साजिशें और अनुरोधों की वजह होनी चाहिए। लेकिन अब यह मामला बहुत जटिल हो गया है और सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला क्यों किया, इसकी वजह बताई नहीं गई।

मुझे लगता है कि अगर सरकार ने खेजड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, तो इसके पीछे बहुत सारी साजिशें और अनुरोधों की वजह होनी चाहिए। लेकिन अब यह मामला बहुत जटिल
 
अरे, ये तो बहुत देर हुआ है कि खेजड़ी पर रोक लगाने की बातें होने लगीं। यह तो सरकार की बड़ी घोटाली बन गई है। मुझे लगता है कि अगर उन्होंने पहले से ही सबकुछ चालू कर दिया होता, तो हमें कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन ये खेल भाई, खेल। 🤣

मुझे लगता है कि खेजड़ी पर रोक लगाने की बात में बहुत सारे लोगों का हाथ है। यह तो एक बड़ा साजिश का हिस्सा बन गया है। और हमें तो बस चुपचाप खड़े रहना होता। जैसे कि मैं यहाँ ही बैठा हूँ। 😂

लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि सरकार ने खेजड़ी पर रोक लगाने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वे जानते थे कि इससे हमें कुछ नुकसान नहीं होगा। और यह तो सच भी है। लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपनी आवाज उठानी चाहिए। 🗣️
 
बीकानेर में खेजड़ी विवाद जारी है, और यह तो बहुत ही दिलचस्प है कि यह विवाद इतना गहरा क्यों हुआ? 👀

मुझे लगता है कि यह विवाद सरकार की नीतियों और आदेशों से जुड़ा हुआ है, जो कि देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बनाई गई हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह नीतियाँ हमारे देश की सामाजिक और आर्थिक विविधता को नहीं समझती हैं।

जैसे कि पूर्व मंत्री भागीरथ चौधरी जी ने कहा है, यह विवाद तो एक बड़ी साजिश का हिस्सा है जिसमें कई लोग शामिल हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हमें इसके पीछे के कारणों को समझना चाहिए, न कि इसे राजनीतिक बनाना।

हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी आर्थिक नीतियाँ देश के सभी वर्गों और समुदायों को ध्यान में रखें, न कि एक ही वर्ग या समूह को। यही हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की कुंजी है। 💡
 
Back
Top