सेंट्रल विस्टा जैसी बनेगी ओडिशा विधानसभा, 3600 करोड़ बजट: 100 साल की तैयारी, 300 विधायकों के लिए जगह, लेकिन क्यों हो रहा विवाद

सेंट्रल विस्ता जैसी बनेगी ओडिशा विधानसभा, 3600 करोड़ बजट: 100 साल की तैयारी, 300 विधायकों के लिए जगह, लेकिन क्यों हो रहा विवाद

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 12 जनवरी, 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नए विधानसभा भवन का शिलान्यास किया। नई बिल्डिंग बनने से विधानसभा और लोक सेवा भवन यानी सचिवालय एक जगह हो जाएंगे। 71 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट की लागत 3,623 करोड़ रुप।

इस प्रोजेक्ट के पीछे सरकार की दलील है कि मौजूदा विधानसभा और सचिवालय भवन 70 साल से ज्यादा पुराने हो गए हैं। इनमें दिक्कतें भी आने लगी हैं। बिजली के तार खराब हो गए हैं, पानी के पाइप लीक होते हैं, बड़ी बात ये कि बिल्डिंग सुरक्षित नहीं हैं और इनमें बहुत कम जगह है। अगर परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ेगी, तो बैठने की जगह नहीं बचेगी। इसके अलावा विभाग अलग-अलग बिल्डिंग में बंटे हैं, इससे काम में देरी होती है।

ओडिशा में अभी 147 विधायक हैं, लेकिन नई बिल्डिंग में 300 विधायकों के बैठने की जगह होगी। हालांकि, विपक्षी बीजू जनता दल इसे गैरजरूरी प्रोजेक्ट बता रहा है।
 
नई विधानसभा भवन का शिलान्यास अच्छी खबर है 🙌, लेकिन इसके पीछे सरकार की तैयारी कितनी ठीक है? 3600 करोड़ बजट पर इतना पैसा खर्च करना देखकर हैरान हो जाता हूँ। मुझे लगता है कि विधायकों की संख्या भी बढ़ाना नहीं चाहिए, लेकिन सरकार बिल्डिंग बनाने से पहले इस पर सोचने में देर कर रही है। 100 साल की तैयारी करने की कहानी अच्छी लगती, लेकिन विपक्षी दल की चिंता समझने योग्य है। मुझे लगता है कि सरकार को अधिक विचारशील होना चाहिए और विधायकों की बैठने की जगह सुनिश्चित करने के लिए कुछ और समय देना चाहिए।
 
मेरी राय है कि ओडिशा की नई विधानसभा बनाने से पहले सरकार को यह सोचना चाहिए कि आगे भी ऐसे कई समस्याएं नहीं आ सकती हैं? मुझे लगता है कि 71 एकड़ जमीन पर 3,623 करोड़ रुप का निवेश करना थोड़ा बहुत है। मैंने डिआแกรม बनाया है कि अगर हम 200 एकड़ जमीन पर एक साथ विधानसभा और सचिवालय बनाएं तो कितनी लागत आ जाएगी।

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| 71 एकड़ |
| 3,623 करोड |
| पुराने बिल्डिंग|
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| 200 एकड़ |
| 1,500 करोड |
| साथ में बनाई जाएंगी विधानसभा और सचिवालय|
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मुझे लगता है कि अगर सरकार यह देखकर आगे नहीं बढ़ती, तो हमें बहुत बाद में इसे समझना पड़ सकता था।
 
🤔 ओडिशा में नई विधानसभा बनाने की बात तो अच्छी है लेकिन 3600 करोड़ बजट से ज्यादा खर्च करने से तो मुझे लगा कि सरकार कुछ गलत कर रही है। 100 साल की तैयारी के लिए इतनी पैसें लगाने से विधायकों को जगह नहीं मिल रही तो फिर क्यों? और विपक्षी दल ने बोला है कि यह प्रोजेक्ट गैर जरूरी है। मुझे लगता है कि सरकार अपने दम पर इस प्रोजेक्ट को लागू कर रही है और इससे कुछ फायदा नहीं होगा। 🚨
 
🤔 यह तो दिलचस्प है कि ओडिशा में ऐसा बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है, लेकिन विवाद भी हो रहा है। मेरे मन में एक सवाल उठता है - क्यों इसे इतनी महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 70 साल पुरानी बिल्डिंग में ऐसे दिक्कतें आने लगी हैं तो क्या इससे लोक सेवाओं में सुधार नहीं होगा? 🤷‍♂️

लेकिन जैसे ही मैंने इस पर विचार किया, एक अच्छा विचार आया - क्या सरकार इस प्रोजेक्ट को फिर से देखकर देख सकती है? 100 साल की तैयारी करने के लिए इतनी बड़ी लागत है, तो इसके परिणामस्वरूप विधायकों की संख्या बढ़ जाए तो? मुझे लगता है कि इसे फिर से देखने की जरूरत है। 🤝
 
बस, ओडिशा में नई विधानसभा बनाने का यह दृष्टिकोण सचमुच अच्छा है... लेकिन 300 विधायकों के लिए जगह तय करना एक बड़ा मुद्दा है। अभी 147 विधायक हैं, तो यह 100 साल पहले या अब तक कितने विधायक बने? इसके बावजूद 300 विधायकों को जगह देना क्यों? और सच्चाई तो यह है कि सरकार की शुरुआत में भी विपक्षी दल ने इस पर सवाल उठाया था, लेकिन अब वे कह रहे हैं कि यह गैर जरूरी प्रोजेक्ट है। 😐
 
मुझे लगता है कि ओडिशा सरकार ने 300 विधायकों को जगह देने की योजना बहुत अच्छी नहीं हुई। अगर सचमुच विधायकों की संख्या बढ़ जाए, तो यह नए भवन में बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होगी। इसके अलावा, 3600 करोड़ रुपये की खपत करने वाला यह प्रोजेक्ट सच्चे अर्थ में बहुत जरूरी नहीं लग रहा। 🤔
 
नई ओडिशा विधानसभा भवन बनाने में 100 साल की योजना थी, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट विवाद में फंस गया। मुझे लगता है कि सरकार की पहल बहुत अच्छी है, विधायकों को एक जगह पर बैठने की जगह होगी। इसमें 300 विधायकों के लिए जगह होगी, जो कि एक अच्छी बात है। लेकिन इसके पीछे यह दावा भी मुझे थोड़ा अजीब लगता है कि 70 साल के बाद से इन भवनों में समस्याएं आ रही हैं। शायद सरकार को अब तय करना होगा कि हमें विधानसभा और सचिवालय को एक जगह पर मिलाना चाहिए।
 
🤔 ओडिशा में नई विधानसभा बनाने की सरकार की योजना तो ठीक है, लेकिन 3600 करोड़ खर्च पर? ऐसा लगता है कि इसमें बहुत सारे फायदे देखने को मिलेंगे।

बिल्डिंग बनाने की जगह और सचिवालय एक होने से काम करने में आसानी होगी, लेकिन 300 विधायकों के लिए जगह नहीं है? यह तो बड़ी समस्या है। अगर विपक्षी दल बात कर रहा है तो शायद सही हो।

और सबसे ज्यादा चिंता यह है कि सरकार ने कहा कि मौजूदा भवन पुराने हैं और दिक्कतें बढ़ रही हैं। लेकिन क्या 100 साल पहले योजना बनाई गई थी? इसके बाद भी कोई विचार नहीं किया गया था।
 
बिल्कुल सही कहिए, नई ओडिशा विधानसभा का निर्माण 100 साल पहले से शुरू होने वाला है लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ, तो यहाँ 12 जनवरी, 2026 को शिलान्यास किया गया, तो तीन साल बाद ही विधानसभा खुलेगी। इसके अलावा, 300 विधायकों के लिए जगह बनाने की कल्पना करना आसान नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे विपक्षी दलों को भी फायदा होगा।
 
अरे दोस्त, ओडिशा में नया विधानसभा भवन बनने से पहले तो सरकार की तैयारी बहुत अच्छी लग रही है 🤔। लेकिन फिर विवाद क्यों होता है? मुझे लगता है कि यहाँ कुछ गलत धारणाएं हैं और सच्चाई भूल गई है। नए भवन की लागत 3600 करोड़, मतलब एक राजदूत बिल्डिंग बनाने में इस देश की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत है? 🤑

मोहन चरण माझी ने कहा है कि पुरानी विधानसभा और सचिवालय भवन 70 साल से ज्यादा पुराने हैं और इनमें दिक्कतें हो रही हैं। लेकिन सरकार क्या कर सकती है? यहाँ तो सरकार के पास कई विकल्प हैं, परंतु उनमें से कोई भी चुनने में मुश्किल नहीं है। अगर विपक्षी दल बोल रहे हैं तो बस अपनी राजनीतिक हितों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। 😒
 
बिल्कुल सही कहिएगी, सरकार ने 100 साल की योजना बनाई है लेकिन विवाद तो उतना ही ज्यादा 🤔👍। 3600 करोड़ बजट लगाने में कुछ सवाल उठते हैं... क्योंकि विधायकों की संख्या बढ़ेगी, तो जगह नहीं बचेगी... 🤦‍♂️ और बिल्डिंग की दिक्कतें तो बहुत हैं, मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि मौजूदा भवन 70 साल से पुराने हैं... लेकिन विपक्षी दलों की बात नहीं मान रहे हैं... 🤷‍♂️ #विधानसभाबिल्डिंग #ओडिशाशासन
 
बिल्डिंग तैयार हुई, लेकिन क्या सच में लोकतंत्र के लिए जगह बनेगी? 300 विधायकों के लिए जगह है? ये सवाल अभी तक जवाब नहीं दिया गया। सरकार की दलील कि पुराने भवनों में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन क्या इसके लिए इतनी महंगाई और जटिलता की जरूरत थी? 🤔

मुझे लगता है कि यह एक सवाल है कि हमारे देश में वर्तमान प्रजासत्ताक कैसे बनेगा। क्या हम अपने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इस तरह की योजनाएं बना रहे हैं? 🚧
 
मुझे लगता है कि सरकार किस बात पर ध्यान देने में असफल हो गई? 100 साल की तैयारी में इतना बजट और सारी जगह बनाने के लिए, लेकिन अभी भी विधायकों की संख्या बढ़ने पर ध्यान न दिया जा रहा है। मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा झगड़ा हो सकता है, लेकिन मैं समझ नहीं पाऊंगा क्यों? 🤔
 
बिल्डिंग बनने से पहले मुझे ये सवाल उठता है कि 300 विधायकों को जगह देना समझदारी है? आगरे में एक से तीन ही पार्टियां होती हैं और वहां संसद बनाने की बात हुई थी, लेकिन सरकार की पकड़ इतनी मजबूत थी कि हमें विधानसभा बनने में भी कुछ सुधार करना पड़ा। ओडिशा में 100 साल पुरानी विधानसभा बनाए रखने का मतलब है कि सरकार यह नहीं समझती कि विधायकों को बैठने की जगह मिले।
 
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