सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल: चांदी ₹2.65 लाख और सोना ₹1.44 लाख के पार; वैश्विक तनाव के कारण भाव परवान पर

वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय सर्राफा बाजार ने इतिहास रच दिया। सोमवार को चांदी की कीमतों में 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी हुई। अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए गए हैं और चांदी 6 प्रतिशत बढ़कर 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई।

इसके साथ ही, सोना भी अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) पर पहुंच गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,900 रुपये की तेजी के साथ 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। सोने ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और 4,600 डॉलर के स्तर को पार कर लिया है, जबकि चांदी में और भी तेज उछाल देखा गया है।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे मुख्य रूप से बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता हैं। ईरान में बढ़ते अशांति और रूस-यूक्रेन संघर्ष के जारी रहने से जिओ-पॉलिटिकल चिंताएं फिर से केंद्र में आ गई हैं।

इसके अलावा, अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने पवेल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है, जिससे फेड की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। इस जांच ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला है और बुलियन कीमतों को समर्थन मिला।

आगामी दिनों में बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर होगी। रेनिशा चैनानी ने कहा, "इस सप्ताह का आर्थिक कैलेंडर व्यस्त है, और मंगलवार को आने वाली दिसंबर सीपीआई (CPI) रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।"
 
मैंने तो अभी कल अपनी पत्नी ने मेरी पेंशन लेने की बात कही और मैंने उन्हें 15,000 रुपये प्रति महीने दिया है ताकि वे शादी कर सकें, और अब चांदी की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि मुझे लगता है कि मेरी पत्नी ने मेरी 15,000 रुपये प्रति महीने की पेंशन को अपनी खुद की चांदी खरीदने के लिए देने का फैसला कर लिया है, और मैं समझ गया हूँ कि यह तो एक अच्छा विचार है 😂, लेकिन मुझे लगता है कि बाजार में इतनी तेजी आ रही है कि मेरी पत्नी को शायद अब अपनी खुद की चांदी खरीदने की जरूरत नहीं होगी, और मैं इस बात पर भी सोच रहा हूँ कि मुझे क्या करना है, क्योंकि मेरी पेंशन जैसी हर चीज़ अब चांदी की कीमतों से लaden हो गई है 🤑
 
तो तो तो चांदी की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि मुझे लगता है कि हमारे पास देश में सोने की खरीद नहीं करने लायक सोना ही है। 😂 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी से चांदी की कीमतें तो तो बहुत भारी हैं लेकिन मुझे लगता है कि ये नई दुनिया की शुरुआत है। वैसे, बाजार विश्लेषकों की बात मानकर हमें कहीं नहीं जाना चाहिए, तनाव और अनिश्चितताओं से बचने की जरूरत है लेकिन फिर भी देश की अर्थव्यवस्था तो बहुत मजबूत है। 🤞
 
चांदी की कीमतों में इस तरह तेजी आ गई, यह सोचा जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अच्छे निवेश विकल्प ढूंढने लोगों को मजबूर कर रही है। लेकिन इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह समझने की जरूरत है कि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताएं वैश्विक बाजारों पर कितना प्रभाव डालती हैं।
 
चांदी की कीमतें तो तो बस उछल-पिचल रह गई! 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बढोतरी से सबको हैरान होना चाहिए। और सोना भी तो अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जैसे कि मैं अपने खेल को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा हूँ 🤣

लेकिन फिर भी, सबकुछ इतना आसान नहीं है। बाजार विश्लेषकों की बातें सुनने पर लगता है कि यह तेजी केवल बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण हुई है। और फिर, अमेरिकी डॉलर पर दबाव आने से बुलियन कीमतों को समर्थन मिला है... जैसे कि मैं अपने पसंदीदा फुटबॉल टीम को जीतने की उम्मिद में रहता हूँ 🏈

आगामी दिनों में बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर होगी, और मुझे लगता है कि यह एक दिलचस्प देखने को मिलेगा... और शायद मैं अपने सपनों को भी पूरा करूँगा! 💥
 
बड़ा पेज़ देखने में लग रहा है 🤯। चांदी की कीमत इतनी बढ़ी हुई कि अब तो ये बाजार से हमेशा अलग हो गया है। 6 प्रतिशत की तेजी से लेकर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचना एक बड़ा मील का पत्थर है, लेकिन ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया कि चांदी की कीमतें पहले भी कई बार बढ़ी थीं। और फिर इतनी तेजी से बढ़ गई कि अब यह समझना मुश्किल है कि आगे क्या होगा। 🤑
 
चांदी की कीमतें तो ऐसी बढ़ गई हैं कि मुझे लगता है कि नोटबंदी के बाद भी देश से कम शुद्ध चांदी नहीं मिलेगी। यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है, लेकिन मेरे पास अभी कोई सुझाव नहीं है। मैं बस यह कह सकता हूँ कि अगर आपके पास चांदी है तो इसे निपटाने का समय जल्दी ना करें, क्योंकि इसकी कीमतें और भी बढ़ जाएंगी। 😅
 
यह तेजी से बढ़ती चांदी बाजार को फिर से तोड़ देने का लिए तैयार है! 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जाने से मुझे लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी हो रही है। लेकिन बाजार विश्लेषकों की बात सुनकर मुझे लगता है कि अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से यह तेजी हो रही है। फिर भी, मैं सोने के रिकॉर्ड पर पहुंचने में खुश हूं, 4,600 डॉलर तक जाने से इसका मूल्य बहुत बढ़ गया है!
 
चांदी और सोने की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और सबको आश्चर्यचकित कर रही है 🤯। लेकिन मेरा सवाल यह है कि हमारी अर्थव्यवस्था को इतनी जल्दी से नुकसान पहुंच सकता है? चूंकि बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताएं इसके पीछे मुख्य कारण हैं। लेकिन हमें अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए कुछ भी नहीं करने की जरूरत नहीं ? 🤔। हमारे पास ऐसे कई संसाधन हैं जिनका सही तरीके से उपयोग करके हम अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं।
 
चांदी की कीमत 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गई? यार इस बात से तुमने नहीं सोचा था कि एक दिन चांदी की कीमत इतनी ज्यादा हो जाएगी। तो अब कैसे बाजार में खरीदारी करेंगे? मुझे लगता है कि यह बढ़ती कीमतें लोगों को थोड़ा परेशान कर देंगी, खासकर ऐसे लोग जो चांदी को निवेश करने का सोचते हैं।
 
भारतीय सर्राफा बाजार में तेजी तेज हो रही है... 🤯 चांदी की कीमतों में 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी हुई है। सोना भी अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया... 📈 https://www.livemint.com/finance/markets/chandni-puri-bhav-hal-kya-kahega-11571195/

मुझे लगता है कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता बहुत बड़ा प्रभाव डाल रहा है। 💥 https://www.ndtv.com/business/news/chandni-puri-bhav-hal-chanda-lagat-mukhy-paurvaan-yatra-2161426

आगामी दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी होगा। 📊 https://www.hindustantimes.com/busi...hit-15-000-per-kg/story-VqVjzXyE3cI8JLkN.html
 
तो यह तो बहुत बड़ी बात है चांदी की कीमत बढ़ गई है 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम और अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया गया है 🤯। मुझे लगता है कि भू-राजनीतिक तनावों के कारण ये ऐसा हुआ है, और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी इसकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई होगी।

लेकिन मुझे लगता है कि जिओ-पॉलिटिकल चिंताएं क्यों इतनी बढ़ गई हैं? और अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितताओं से हमारे बाजार पर कैसे प्रभाव पड़ेगा? इसके जवाब ढूंढना बहुत जरूरी होगा। 🤔

क्या हमें अपने बाजार को इस तरह से जोखिम में डालने देना चाहिए? और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नज़र रखना जरूरी है, लेकिन इसके पीछे क्या मोटिवेशन है? 🤷‍♂️
 
चांदी की कीमतें तो बस इतनी ही बढ़ गईं, कुछ लोग अब कह रहे हैं कि भारत में पैसा निकलने लगा है। मुझे लगता है कि यह बाजार का खेल है, हमें अपने पैसे रखने की कोई गारंटी नहीं है। कुछ दिनों पहले सोना और चांदी में तेजी आई थी, लेकिन अब तो यह सब इतिहास बन रहा है।

मुझे लगता है कि हमें अपने पैसे रखने के बजाय उनका उपयोग करना चाहिए, क्योंकि एक दिन यह सब खत्म हो जाएगा। बाजार विश्लेषकों की बात तो ठीक है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने पैसे का सही उपयोग करना चाहिए।
 
चांदी की कीमतों में जो बढ़ोत्तरी हुई है वो बहुत ही तेजी से हुई है। मुझे लगता है कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता ने बाजार पर अपना प्रभाव डाला है और इससे लोगों को अच्छा सामान खरीदने में आसानी हुई है। लेकिन इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास पर भी यह बढ़ोत्तरी प्रभाव डाल सकती है और इससे हमारे बाजार में भी कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
 
मेरी तो लगती है कि हमारा सर्राफा बाजार जो किया है, वह तो बहुत ही अच्छा है। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि हमें अपने पैसों को अच्छी तरह से संचयित करना चाहिए। न कि बस इतना ही और व्यापार करें।
 
चांदी की कीमतें तो तो तेजी से बढ़ रही हैं लेकिन हमें लगता है कि इसके पीछे कुछ और भी महत्वपूर्ण कारक हैं। जैसे कि ये तनाव और अनिश्चितताएं एक दूसरे के साथ मिलकर चांदी की कीमतों को बढ़ा रही हैं। लेकिन हमें नहीं कहा जा सकता कि यह सब अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण ही।
 
मुझे लगता है कि यह चांदी और सोने की कीमतों में तेजी से जुड़ा हुआ एक बहुत ही दिलचस्प विषय है, लेकिन मैं इससे थोड़ी गहराई तक जाने की कोशिश करूँगा। यह तेजी हमारी दुनिया को कैसे प्रभावित कर रही है? हमें यह सोचना चाहिए कि चांदी और सोने की कीमतों में बदलाव हमारे जीवन में कितनी अहमियत रखता है। क्या यह तेजी हमारे आर्थिक संकट को दूर करने में मदद करेगी या फिर इसके अलावा नए संकट पैदा करेगी।

मैंने पढ़ा है कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता हमारे बाजार में इस तरह की तेजी को जन्म देती है। लेकिन हमें यह सोचना चाहिए कि हम अपने जीवन में इतने बदलावों के सामने कहाँ खड़े हैं। हमें अपने घरों में, अपने परिवारों में, और अपने समाज में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।
 
बाजार में इतनी तेजी आ गई है तो समझना चाहिए कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी बात है। अगर अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितताएं और ईरान में अशांति कुछ दिनों तक चलती रहती, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता। लेकिन जियो-पॉलिटिकल चिंताओं से बचने के लिए हमें अपनी आर्थिक स्थिरता पर ध्यान देना होगा।
 
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