Rajasthan:मजार विवाद पर ये क्या बोल गए किशनपोल विधायक? | AmarUjala | Mazar

राजस्थान के परकोटा क्षेत्र में मजार की छत निर्माण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य द्वारा निर्माण को अवैध बताने के बाद, किशनपोल विधायक अमीन कागजी (Amin Kagzi) ने मोर्चा संभाल लिया है।

मजार परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास इस छत का निर्माण हुआ है, जो राजस्थान के इतिहास की एक नए अध्याय को दर्शाता है। लेकिन हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने इस परिसर में हुए सभी निर्माणों को अवैध बताया है, जिसमें मजार की छत भी शामिल है।

किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य की इस घोषणा से असहमति व्यक्त की है। वह कहते हैं, "हमें यह नहीं पता था कि हमारे पास ऐसी जानकारी नहीं है कि हवामहल विधायक ने मजार परिसर में क्या कहा है। लेकिन अब हमने इस पर गहराई से शोध किया है और पाया है कि हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य द्वारा बताए गए निर्माण को अवैध नहीं माना जा सकता।"

किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने आगे कहा, "हमें लगता है कि हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य की घोषणा से राजस्थान के लोगों को परेशान कर दिया गया है। हमारी सरकार के निर्देशों के अनुसार, ऐसे निर्माण किए जाते हैं जो भविष्य के लिए उपयुक्त हों। हमें लगता है कि हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य की घोषणा से राजस्थान के पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंचेगा।"

इस मामले में, हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य और किशनपोल विधायक अमीन कागजी के बीच इस पर चर्चा होनी जारी है।
 
आवाज आ रही तो फुर्ती से नहीं 🙄 यह राजस्थान की सरकार की घटिया नीतियों का और एक मामले में मजार परिसर में बनाया गया छत की समस्या। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने जो निर्णय लिया, वह अच्छा नहीं है।
 
यह तो मजार की छत को लेकर बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है, लेकिन मुझे लगता है कि ये सब ज्यादा पेशेवर नहीं हो रहा है। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने तो मजार परिसर के सभी निर्माणों को अवैध बताया है, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ सोच-समझकर नहीं किया गया है। किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने तो सही कहा होगा, पर मैं सोचता हूं कि इस पूरे मामले में कुछ लोग अपने हितों को देखकर यहाँ तक आ गए हैं।
 
क्या ऐसी चीजें भूलकर भी हो सकती हैं जिनके लिए हमें खुद से पूछना चाहिए? हवामहल विधायक का निर्णय गलत था, और अब उनके दिमाग में सुधार करने की जरूरत है। मजार परिसर को राजस्थान के इतिहास का एक नया अध्याय बताने के लिए, उसके बीच के प्रवेश द्वार पर ऐसी छत बनाना बिल्कुल सही नहीं था।
 
मैं सोचता हूँ कि यह मामला बहुत ही गंभीर है... 🤔 मुझे लगता है कि हमें इस पर बहुत ही सावधानी से विचार करना चाहिए। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने अपनी घोषणा को लेकर बहुत भावनात्मक रूप से बोला है, जबकि किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने अपने दृष्टिकोण को समझाने की कोशिश की है। मुझे लगता है कि हमें इस पर बातचीत करनी चाहिए और अपनी-अपनी बातें सुननी चाहिए। शायद हमें एक अच्छे समाधान की तलाश करनी चाहिए जो दोनों पक्षों को संतुष्ट करे। 🤝
 
अरे, यह तो बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है... मजार की छत के निर्माण पर विधायकों के बीच इतनी भ्रमबाजी हो रही है, इसका मतलब नहीं है कि हम राजस्थान के इतिहास के प्रति सहिष्णु नहीं हैं... 🙅‍♂️

मुझे लगता है कि हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने बिना सोचे-समझे अपनी घोषणा कर दी है, शायद उनको यह जानकारी नहीं थी... लेकिन अब जब इस मामले पर चर्चा हो रही है, तो हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मजार का महत्व और उसके प्रति सम्मान कैसे रखा जाए... ❤️

इस तरह की मुश्किलों से निपटने के लिए हमें एक-दूसरे को समझने और सहयोग करने की जरूरत है, न कि अपने राजनीतिक हितों के लिए लड़ना... 🤝
 
यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है 🤯, मजार की छत निर्माण पर इतनी राजनीति कर रहे हैं... लेकिन क्या यह वास्तव में हमारे पर्यटन उद्योग को प्रभावित करेगा? मुझे लगता है कि हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने गलत जानकारी दी है, मजार की छत निर्माण से राजस्थान की संस्कृति और इतिहास को बढ़ावा मिलेगा।

किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने सही बात कही है 🤓, हमें यह नहीं पता था कि हवामहल विधायक ने ऐसी जानकारी दी है। लेकिन अब हमें राजनीतिक रूढ़ियों से मुक्त होकर सच्चाई को पहचानने की जरूरत है।

यह मामला बहुत जटिल है और इसका समाधान निकलने में थोड़ा समय लगेगा। लेकिन मुझे लगता है कि हमें मजार की छत निर्माण पर ध्यान देना चाहिए और इसे एक सांस्कृतिक महत्व के रूप में देखना चाहिए। 🙏
 
बस यह तो मजार की छत निर्माण में राजनीति की गंदगी फैल रही है 🤯, तो चाली विधायकों के लिए यह तो एक सिक्का बन गया है। क्या पूरा परिसर अवैध था, या बस हवामहल विधायक का निजी मौका देने की बात? 🤔 और राजनीति में ऐसा नहीं होता कि एक विधायक दूसरे को चुनौती देता है, बस अपने फायदे को बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

मजार की छत पर पूरे राजस्थान के लोग आने-जाने लगेंगे, तो यह सिर्फ पर्यटन उद्योग का मौका है या कुछ और भी? 🤝 मुझे लगता है कि जैसे ही हवामहल विधायक अपनी घोषणा को वापस लेगी, फिर मजार की छत के निर्माण को अवैध नहीं बताया जाएगा।

अब यह तो एक दिलचस्प मामला बन गया है, तो मुझे लगता है कि इसका अंत स्पष्ट नहीं है। लेकिन एक चीज जरूर है कि इस मामले में सच्चाई खुल कर निकलेगी।
 
राजस्थान में मजार परिसर के निर्माण पर बहुत सियासी घमासान तेज हो गया है 🤯। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य द्वारा निर्माण को अवैध बताने के बाद, किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने मोर्चा संभाल लिया है। यह बहुत ही जटिल मामला है, लेकिन मुझे लगता है कि हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य की घोषणा से राजस्थान के पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंचेगा।
 
राजस्थान के परकोटा में मजार की छत निर्माण तो एक बहुत ही रोचक मुद्दा है 🤔। मेरे अनुसार, हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य की घोषणा से कुछ लोग परेशान होंगे, लेकिन अगर हम इसे ध्यान से देखें तो यह एक अच्छा अवसर भी है कि हम अपने इतिहास और प्राचीन शहरों के महत्व को समझने का मौका मिलता है। मैंने पहले ही इस मामले में शामिल होने का फैसला किया हूँ, इसलिए जल्द ही आप देखेंगे कि मैंने क्या खुलासा किया हूँ 😊
 
मुझे लगता है कि यह सिर्फ़ एक मामला है जहाँ दोनों पक्षों को अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने अपनी घोषणा से क्यों चिंतित हैं? शायद उनके पास यह जानकारी नहीं थी कि मजार की छत का निर्माण पहले से लंबे समय से तैयार किया गया है। और किशनपोल विधायक अमीन कागजी की बात भी सही नहीं मानी जा सकती है कि उन्होंने अपनी सरकार के निर्देशों को पूरी तरह से समझ लिया है। शायद यह समस्या एक दूसरे की बातचीत से हल होगी।
 
😒 यह तो देखकर मन में आंसू आ गए हैं कि सरकारी अधिकारियों ने मजार परिसर में छत निर्माण कराने के लिए कोई गहराई से शोध नहीं किया... उनके अनुसार ऐसा निर्माण अवैध हो सकता है, तो फिर क्या पुराने राजस्थानी घरों में भी ऐसा होता है? 🤔

क्या हमें लगता है कि ज्ञातनीय लोग और स्वतंत्र अभियानकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाती है? अगर उन्हें अपने अनुभवों पर विश्वास करने की जरूरत है, तो हमें उनकी बात माननी चाहिए। 🤷‍♂️

लेकिन ऐसा लगता है कि इस पूरे मामले में सरकार और विधायक के बीच खेल मिल गया है। मजार परिसर में छत निर्माण एक सामान्य चीज़ बन गयी है, जिसका कोई महत्व नहीं... लेकिन अगर हम ऐसे परिसरों को देखें तो यह प्राचीन इतिहास की कहानियों से भरपूर लगते हैं और राजस्थान की पहचान का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। 🏯
 
तो यार, यह मजार की छत निर्माण में तो बहुत बड़ा मुद्दा आ गया है 🤔। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा है कि यह अवैध है, लेकिन किशनपोल विधायक अमीन कागजी का कहना है कि नहीं, यह कुछ भी नहीं है। तो कौन सी बात सही है? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि इस मामले में हमें जानकारी और तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। हवामहल विधायक ने कहा है कि यह निर्माण अवैध है, लेकिन अगर ऐसा है तो क्या मजार परिसर में कुछ भी बनाया जा सकता है? 🤔

मुझे लगता है कि इस मामले में हमें समझौता करना चाहिए और सभी पक्षों को सुनना चाहिए। तो यह निर्माण अवैध नहीं है, लेकिन हवामहल विधायक की घोषणा के बारे में जानकारी और तथ्यों पर चर्चा करना चाहिए। 📚

तो यार, इस मामले में हमें समझौता करना चाहिए और सभी पक्षों को सुनना चाहिए। तो यह निर्माण अवैध नहीं है, लेकिन हमें जानकारी और तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। 🤓
 
बस, ये मजार की छत तो सुनहरे साम्राज्य की एक बहुत ही पवित्र चीज है 🌟। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने अवैध बताने का क्या मतलब? मजार की छत को अपने आप से जोडकर हम राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को ताज़ा करते हैं 💪। विधायक अमीन कागजी ने भी बोल दिया है कि उनकी सरकार के निर्देशों का पालन करना होता है, लेकिन क्या हमें यह नहीं पता था कि मजार परिसर में पहले से ऐसी जानकारी नहीं थी? 🤔

बस, ये तो एक बड़ा विवाद बन गया है और राजस्थान के लोगों को परेशान कर दिया गया है। लेकिन हमें यह भी सोचना चाहिए कि मजार की छत क्या है, वह कौन सी पीढ़ी से है? 🌳। अगर हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने सच कह दिया, तो हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान को खतरे में डालना नहीं चाहिए।
 
राजस्थान के परकोटा क्षेत्र में मजार की छत निर्माण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, यह तो सच है 🤯। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य द्वारा निर्माण को अवैध बताने के बाद, किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने मोर्चा संभाल लिया है। इसके पीछे की वजह तो समझने की जरूरत है, शायद यहाँ कुछ जानकारी नहीं थी या फिर हवामहल विधायक की बातों पर ध्यान नहीं दिया गया था।
 
राजस्थान की सरकार को यह तो ध्यान रखना चाहिए कि ये मजार परिसर में निर्माण कैसे हुआ, इसकी पूरी जानकारी सामने लाई जाए। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य की घोषणा पर खुलासा करने की जरूरत नहीं थी, बस इस मामले को एक ओर कर देने की जरूरत थी।

अब सवाल यह उठता है कि मजार परिसर में निर्माण कैसे हुआ और इसके पीछे क्या मकसद था। सरकार को इस पर गहराई से शोध करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न बनें।
 
अरे ये तो बहुत ही दिलचस्प मामला है 🤔। हवामहल विधायक की घोषणा से राजस्थान के लोगों को परेशान कर दिया गया है, और अब किशनपोल विधायक ने भी इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी शुरू कर दी है 🚫। मुझे लगता है कि हवामहल विधायक की घोषणा को लेकर बहुत सारे सवाल उठते हैं, और हमें इनमें से कुछ पूछने चाहिए।
 
क्या राजनेताओं को यह पता है कि उनकी जानकारी ठीक से नहीं होती 🙃? पहले तो हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने मजार की छत को अवैध बताया, फिर किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने उन्हें दोषी ठहराया। अब यह सवाल उठता है कि राजस्थान के इतिहास में एक नए अध्याय को कैसे दर्शाती हैं ये छतें? 🤔
 
यह तो बहुत दिलचस्प है कि हवामहल विधायक ने मजार परिसर में हुए सभी निर्माणों को अवैध बताया, लेकिन फिर किशनपोल विधायक ने जवाब दिया और कहा कि ऐसा नहीं है। यह तो एक बड़ा संदेश है कि हमें जानकारी के बारे में शोध करना चाहिए और गलत नहीं कह सकते।

मजार परिसर की छत निर्माण की बात करते हुए, मुझे लगता है कि यह तो राजस्थान के इतिहास की एक नए अध्याय को दर्शाता है, लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि ऐसे निर्माणों में शामिल लोगों की जानकारी और सहमति बहुत महत्वपूर्ण होती है।
 
यह तो बहुत बड़ी चीज है… 👴 परकोटा में मजार की छत को निर्माण करने की समस्या तो हमेशा से थी, लेकिन अब यह तो सियासी घमासान बन गई है। 🤯 हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने मजार परिसर में सभी निर्माणों को अवैध बताया है, जैसे कि उनके गलियारे और दीवार, यह तो बहुत बड़ा प्रश्न है। 🤔

मैंने सुना है कि हवामहल विधायक ने मजार परिसर में ऐसी कई चीजें बनवाई हैं, जैसे कि दरवाजे, बिल्कुल नहीं समझता। 🚪 यह तो हमारे पास एक बड़ा इतिहास है, लेकिन हवामहल विधायक ने कहा है कि यह सब अवैध है। 😕

लेकिन मेरी राय में यह एक बड़ी चीज है, जिस पर हम सभी बात करेंगे। 🤝 क्या यह तो एक बड़ा प्रश्न है कि हमारे इतिहास को दिखाने के लिए मजार परिसर को कैसे बनाया गया है। 🏛️ यह तो बहुत सारी जानकारी है, लेकिन हवामहल विधायक ने कहा है कि यह सब अवैध है। 😐

मुझे लगता है कि इस मामले में हमें एक साथ बात करनी चाहिए। 🤝 हमें यह समझने की जरूरत है कि मजार परिसर को कैसे बनाया गया है, और हवामहल विधायक ने कहा है कि यह सब अवैध है। 👀
 
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