रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती: पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला; क्या है 'मदर ऑफ ऑल डील्स'

भारत ने अपने इतिहास में सबसे ज्यादा बार फ्रांस को 'चीफ गेस्ट' बनाया है, साथ ही 2025 तक 47 देशों के 70 से ज्यादा नेताओं ने गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत की।
 
वाह, ये तो बहुत अच्छी बात है 🤩, भारत और फ्रांस के बीच एक्सेलेंट रिश्ता है, हमने कई बार साथ में आयोजित किया है गणतंत्र दिवस पारेड। ये बताता है कि हम दोनों देश एक-दूसरे की सम्मान करते हैं और शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि अगर हम नेताओं को भी एकजुट कर सकते हैं तो फ्रांस को 'चीफ गेस्ट' बनना और भारत में शांतिपूर्ण परिवर्तन लाने में हमारी मदद मिलेगी।
 
अरे, फ्रांस वाले भारत में कितनी अच्छी दोस्ती है! 47 देशों के 70 से ज्यादा नेता गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत करना यार, यह तो बहुत ही अच्छा लेकिन फिर भी थोड़ा अजीब लग रहा है। क्या हमें लगता है कि हम फ्रांस के साथ बातचीत करके दुनिया भर में एक्सपोर्ट कर सकते हैं? यार, यही सवाल चलता रहता है।

लेकिन अगर आप मुझसे पूछें तो मैं कहूंगा कि फ्रांस से हमारी दोस्ती बहुत ही अच्छी है और इसने हमें एक्सपोर्ट के लिए बहुत सारी चीजें सिखाई हैं। और अगर 70 से ज्यादा नेता गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत करते हैं तो यही अच्छा है क्योंकि हमें अपने देश की आजादी की बात करनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात है कि भारतने फ्रांस को और से ज्यादा 'चीफ गेस्ट' बनाया है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि हमें अपने पड़ोसियों के साथ दोस्ती करनी चाहिए, न कि उनका खास अतिथि बनना।
लेकिन फिर भी, यह अच्छा है कि 70 से ज्यादा नेताओं ने गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत की। इससे हमें लगता है कि विदेशों में भारत की आबादी और ताकत को लेकर लोगों की धारणाएँ बदल रही हैं और फ्रांस सहित दुनिया के कई देश हमारे साथ समझौता करने को तैयार हैं।
 
अरे, तो फ्रांस को चीफ गेस्ट बनाने की बात है, लेकिन मुझे लगता है कि ये बहुत ही सम्मानजनक प्रतीक है। मेरे बचपन की यादें आती हैं, जब हमारे देश ने फ्रांस को पहली बार इस तरह से आमंत्रित किया था। वो समय था जब हमारे देश और फ्रांस के बीच बहुत अच्छे संबंध थे।

अब, जब 47 देशों के नेताओं ने गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत की, तो यह एक बहुत ही सकारात्मक दिशा है। यह दिखाता है कि हमारे देश में विदेशी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए जा सकते हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि फ्रांस को चीफ गेस्ट बनाने की प्रतीकता को और भी महत्व देना चाहिए।
 
अरे, यह तो बहुत अच्छी बात है कि भारत ने फ्रांस को इतनी बार 'चीफ गेस्ट' बनाया है। इससे हमारे देश और विदेशों के बीच संबंधों में और सुधार हुआ होगा। और 70 से ज्यादा नेताओं ने गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत करने की सांस्कृतिक महत्ता तो समझने में जरूरी नहीं है।
 
आज फ्रांस को चीफ गेस्ट बनाने की बात कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि भारत ने फिर से अपनी खूबसूरती दिखाई है। यह तो हमारी एक बड़ी प्रमाणिकता है कि हम शांतिपूर्ण और मित्रवत देश हैं। लेकिन मुझे लगता है कि इससे भारतीय सैन्य बलों के लिए थोड़ा जिम्मेदारी निकाल देनी चाहिए। 47 देशों के नेताओं ने प्रदर्शन में शिरकत की तो इसका मतलब है हमारी खुशियों और समृद्धि पर विश्व में राय है।
 
फ्रांस को चीफ गेस्ट बनाना तो अच्छी बात है, लेकिन भारतीयों की आमदनी की जिम्मेदारी से नहीं दूर होती! 🤑👥 47 देशों के नेताओं ने पारेड में शिरकत करना ठीक है, लेकिन फ्रांस को बिना इनाम को भेजना थोड़ा अजीब है... यानी कि हम अपने दोस्तों को तो खाना और पेय बेचने के लिए बुलाते हैं! 😂🍽️
 
फ्रांस को 'चीफ गेस्ट' करने वाला भारत, यार... कितनी शर्मिंदगी है! 🙄 सिवाय इतने देशों के नेताओं को आमंत्रित करने की, तो फिर भी हमें यह भी दिखाना होता है कि हम अपने देश की सफाई नहीं कर पाते।

पर, मुझे लगता है, जैसे ही फ्रांस ने हमारी 'मिट्टी' पर अपने कदम रखे, हमारे देश में पहली बार खेलने वाली टीमों से लेकर, सबसे बड़ी टीमों तक, सबको एक-दूसरे के साथ खेलने का मौका मिला।

तो फिर, अगर हमारे देश में इतनी खुशी और उत्साह है, तो फिर भी हमें अपने पर्यावरण को साफ रखने की जरूरत है। शायद हमें थोड़ा ध्यान देना चाहिए... 😊
 
लोगों को फ्रांस पर बहुत ज्यादा असर पड़ रहा है... क्योंकि हमारे इस भारतीय नागरिकों को अपने गणतंत्र दिवस की महत्व को समझने में थोड़ा देर लग गई है। यार, फ्रांस की तुलना करना आसान नहीं है, लेकिन हमारे देश में स्वतंत्रता और शांति की बात कही जाती है... 🤝
 
😊 यह तो बहुत अच्छा है कि हमारे देश में और विदेशों के नेताओं की भी तालमेल बन रहा है। मुझे लगता है कि 47 देशों से 70 से ज्यादा नेताओं ने हमारे गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत करने का निर्णय बहुत अच्छा है। यह हमारी देशभक्ति और विश्वास को दर्शाता है कि हमारा गणतंत्र दिवस हर साल तो न्यूनतम एक बार मनाया जाना चाहिए।

मैंने इस बात पर सोचा है कि हमें और भी विदेशों में अपने देश की प्रतिनिधित्व करने का अभ्यास करना चाहिए। फिर तो हमारी देशभक्ति और सम्मान को और भी बढ़ाएंगे।
 
बहुत अच्छी बात यह है कि हमारे देश में विदेशी देशों के नेताओं को भी श्रद्धांजलि देने का अवसर मिलता है। फ्रांस जैसे देश हमारे साथ बहुत अच्छे संबंध रखते हैं और हमें उनका सम्मान करना चाहिए। यही नहीं बल्कि हमारे गणतंत्र दिवस को मनाने के लिए 47 देशों के नेताओं ने भाग लेने का फैसला किया, इससे हमें बहुत गर्व होगा। 🎉

मुझे लगता है कि इस बात से यह साबित होता है कि हमारी सरकार और हमारे देश में विदेशी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की क्षमता है। हमारे देश को विश्व में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है और इसे हमने ध्यान से भरना चाहिए। 🌎
 
फ्रांस को 'चीफ गेस्ट' बनाने की बात है तो यह अच्छा लगता है, लेकिन क्या हमारे देश के नेताओं को यूरोप में जितनी आसानी से मिलने का मौका मिलता है, हमारे देश के छोटे-छोटे शहरों में भी मिलने का मौका नहीं मिल पाता। गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत करने वाले नेताओं की संख्या 70 से ज्यादा है, लेकिन हमारे देश में स्थानीय स्तर पर इतने बड़े नेताओं को मिलने का मौका भी कम है। यह बात बहुत ही गंभीर है और इसका समाधान ढूंढना होगा।
 
Back
Top