ऑपरेशन सिंदूर का असर, सेना को 1 लाख करोड़ ज्यादा: 10 साल में सबसे बड़ा इजाफा; लड़ाकू विमान और इंजनों के लिए 64 हजार करोड़

वित्त मंत्री ने बजट के माध्यम से रक्षा विभाग को 1 लाख करोड़ रुपये के लगभग कुल खर्च से संबद्ध 7.84 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। यानि वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीनों सेनाओं के लिए रक्षा बजट में 15% बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने यह घोषणा पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के बाद की थी।


रक्षा विभाग ने इस बजट में कुल 2.19 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। इनमें से 22% का हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर पर जा रहा है, यानी हथियार खरीदने, मॉडर्नाइजेशन और अन्य सैन्य उपकरणों को विकसित करने पर। हालांकि, सरकार ने इस बजट में रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन के लिए भी 5,300 करोड़ रुपये दिए हैं।


इस बजट में रक्षा विभाग को 17,250 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्धारण किया गया है, जिसमें नई तकनीक, स्वदेशी हथियार और आधुनिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ हथियार खरीदे, बल्कि बनाए।


बजट में सबसे ज्यादा ध्यान लड़ाकू विमान और एयरो इंजन पर दिया गया है। इसके लिए 63,733 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपये दिए हैं।


वित्त मंत्री ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और ज्यादा मजबूत होंगी।'
 
बजट में रक्षा विभाग को बहुत पैसे दिए गए हैं 🤑 7.84 लाख करोड़ रुपये! यह तो बहुत बड़ा है . सरकार चाहती है कि हम सिर्फ हथियार खरीदें, न बनाएं . बिल्कुल सही है , हमें अपनी सेना मजबूत करनी चाहिए . लेकिन क्या यह पैसे सभी को फायदा देगा? 🤔
 
बजट से रक्षा विभाग को इतना पैसा देना तो अच्छा है, लेकिन क्या ये पैसे हमारे करोड़ों की मेहनत पर खर्च नहीं होंगे? 🤔 सिर्फ लड़ाकू विमान और एयरो इंजन पर इतना ध्यान देना तो कुछ भी नया नहीं आया। मेरी यादें में 90 के दशक में जब हमारे देश ने पैराशूट्स और हेलीकॉप्टर्स खरीदे थे, उस समय तो बहुत उत्साह था, लेकिन अब लगता है कि सब कुछ स्वदेशी बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। मुझे खेद है अगर ये गलत समझा जाए।
 
बजट में रक्षा विभाग को इतनी बड़ी राशि दी गई है, यह बहुत अच्छा है 🤩। लेकिन सोचिए, अगर हमारे पास इतने पैसे हैं तो क्यों नहीं बनाते हैं अपने हथियार और सैन्य उपकरण? 🤔 भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए हमें अपनी तकनीक पर विश्वास करना चाहिए।

बजट में लड़ाकू विमान और एयरो इंजन को इतना ध्यान दिया गया है, यह अच्छी बात है 🛩️। लेकिन हमारे पास नेवी बेड़े के लिए भी पैसे नहीं दिए गए, तो सेना को समुद्री सुरक्षा की समस्याओं पर क्या ध्यान दिया जाएगा? 🚣‍♀️

सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट तैयार किया है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपनी सेना को मजबूत बनाने के लिए और भी अधिक पैसे देने चाहिए 💸
 
बजट सुनकर याद आ गया है जब पिताजी हमेशा बच्चों को सैनिक बनने के लिए कहा करते थे। उस समय की स्थिति तो बहुत अलग थी, पर आज भी सरकार सैन्य खर्च बढ़ाते देख रही है, फिर भी पाकिस्तान और चीन जैसे देशों से लड़ते रहते हैं... 🤔

जी बिल्कुल, जब मेरे बड़े भाई सेना में गए थे, तो हमारे घर में हर महीने एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय मदद का इंतजाम करते थे। अब तो यह 7.84 लाख करोड़ हो गया है, पाकिस्तान भी इतनी बड़ी सेना नहीं बनाया था। सरकार को जरूरत के अनुसार ही बजट तैयार करना चाहिए, न कि अपनी व्यक्तिगत पसंदानुसार।
 
बजट में सरकार ने रक्षा विभाग के लिए बहुत अच्छी खबर दी है 🚀 7.84 लाख करोड़ रुपये देने से सेना को नई तकनीक और आधुनिक सिस्टम मिलने जैसा लगता है। लड़ाकू विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रखे गए हैं तो यह बहुत बड़ी अच्छी खबर है ✈️ नेवी बेड़े के लिए भी 25,024 करोड़ देना एक अच्छा संकेत है 🌊
 
बजट में रक्षा विभाग के लिए इतना पैसा देना अच्छा नहीं लग रहा है... सब हथियार खरीदने की बात कर रहे हैं और स्वदेशी बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि वास्तविकता कितनी जटिल है? लड़ाकू विमानों और एयरो इंजनों पर इतना पैसा खर्च करना सही है? नेवी बेड़े के लिए भी इतना पैसा दिया गया है... क्या इससे हमारी सेना में तेजी आएगी?

मुझे लगता है कि सरकार को अपने देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समझने की जरूरत है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इतना पैसा घोषणा करना अच्छा नहीं है... इससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव पड़ेगा। और रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन के लिए इतना पैसा दिया गया है? यह अच्छा नहीं है... तो फिर इसके लिए कहाँ से पैसा आया? 🤔😒
 
बजट में रक्षा विभाग को दिए गए पैसे से हमारी सेना को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरा नहीं बन रही, बल्कि इसे और मजबूत करने में मदद करेगी। यह बजट भारत की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। 🚀
 
बजट में रक्षा विभाग को इतना पैसा दिया गया है 🤯, लेकिन यह सवाल उठता है कि यह सिर्फ लड़ाकू विमान और एयरो इंजन पर निकलेगा या सभी सेना के माध्यम से फैलेगा।
 
बजट में रक्षा विभाग को इतना पैसा दिया गया है कि सरकार को अब कहीं भी कटौती करने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर के बाद की जंग में लड़ने के लिए तैयार किया गया है, लेकिन देश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि क्या सरकार को पता है कि पैसे कहां लगाएं? 🤑

रक्षा विभाग को इतनी बड़ी राशि मिली है, लेकिन यह तय नहीं हुआ है कि इसका उपयोग कैसे किया जाएगा। सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर पर 22% खर्च करने का फैसला किया, जिसका अर्थ है कि हमारी सेना अब अपने पास बहुत सारे हथियार और सैन्य उपकरण होंगे। लेकिन यह तय नहीं हुआ है कि इन सभी चीजों को विकसित करने के लिए कहां से धन प्राप्त किया जाएगा। 🤔

और सबसे ज्यादा, सरकार ने लड़ककू विमान और एयरो इंजन पर इतना पैसा खर्च करने का फैसला किया है, जिसमें भारत की आर्थिक स्थिति को तो नहीं देखते। यह तय किया गया है कि हमारी सेना केवल लड़ककू विमानों और एयरो इंजनों पर भरोसा करेगी, लेकिन इसके लिए कहां से धन प्राप्त किया जाएगा। 🚀
 
वाह, 7.84 लाख करोड़ रुपये रक्षा विभाग को देना है 🤑 तो ये सरकार पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार हुई हूँ। लड़के लड़ाकू विमान और एयरो इंजन पर 63,733 करोड़ रुपये खर्च करना है! और नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपये! ये सोचता हूँ, पाकिस्तान से लड़ने के लिए हमें अपने बादलों में भारी सैन्य उपकरण लaden करने होंगे।
 
बजट में रक्षा विभाग को दिए गए पैसे का सही उपयोग करें, यह सवाल हमेशा उठता रहेगा। 7.84 लाख करोड़ रुपये एक बड़ा निवेश है, लेकिन इसे सही तरीके से लेना जरूरी है। अधिकांश पैसे का उपयोग नई तकनीक और स्वदेशी हथियारों पर करना चाहिए। लड़ैकू विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रुपये देने से पहले, यह तय करना जरूरी है कि हमें ये विमान खरीदना है, बनाना है या दोनों में।
 
Back
Top