ऑपरेशन सिंदूर का असर, सेना को 1 लाख करोड़ ज्यादा: 10 साल में सबसे बड़ा इजाफा; लड़ाकू विमान और इंजनों के लिए 64 हजार करोड़

रक्षा बजट में ऑपरेशन सिंदूर का असर दिखने लगा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में पिछले 10 सालों का सबसे बड़ा इजाफा किया है, जो तीनों सेनाओं के लिए कुल 7.84 लाख करोड़ रुपए है। यह 2025-26 के मुकाबले करीब 1 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है। यानी कुल 15% की बढ़ोतरी हुई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और ज्यादा मजबूत होंगी।’

इस बजट के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल हथियार खरीद और मॉडर्नाइजेशन पर होता है, जबकि रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन बजट एक बड़ा हिस्सा है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च बढ़ाया गया है।

इसलिए, 114 राफेल की डील, नए एयरक्राफ्ट और इंजन पर खर्च शामिल है, जिसके लिए 63,733 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपए दिए हैं।

रक्षा बजट में भारत, चीन से पीछे लेकिन पाकिस्तान से आगे है।
 
बजट में ऑपरेशन सिंदूर की बात तो सच में अच्छी है, लेकिन इतनी ज्यादा खर्च करने का क्यों हुआ? हमारे देश में अभी भी इतने से हथियार नहीं है और लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं। कोई सोचता है कि 7.84 लाख करोड़ रुपये में तीन सेनाओं की सुरक्षा कैसे होगी?
 
मेरे दोस्त, यह रक्षा बजट सचमुच बड़ा निर्णय है! ऑपरेशन सिंदूर की जीत के बाद सरकार ने सेना को मजबूत करने के लिए बहुत पैसा खर्च कर दिया है। 7.84 लाख करोड़ रुपए की खुरची तो सचमुच बड़ी है! लेकिन मैं कहूँगा कि इससे हमारी सेना और भी मजबूत होगी, जिससे हम पाकिस्तान और चीन से भी निपटने में सक्षम होंगे। 114 राफेल की डील और नए एयरक्राफ्ट पर खर्च शामिल है, जो तो जरूरी है लेकिन रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च बढ़ाने से हमारी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

बजट में रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन बजट एक बड़ा हिस्सा है, जो तो जरूरी है क्योंकि ये लोग हमारी सेना की सफलता को याद दिलाते हैं। और यह 2025-26 के मुकाबले करीब 1 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है, जो तो साबित करता है कि सरकार ने अपनी बात कही है।
 
ऑपरेशन सिंदूर की बात करते हैं तो वाह! 7.84 करोड़ रुपये जैसा बजट तो बहुत बड़ा है 🤑 मुझे लगता है कि इसे देखकर पाकिस्तान पर निशाना चलना चाहिए, लेकिन जी जी बोलती हैं तो सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। फिर भी, नए एयरक्राफ्ट और राफेल की डील के बारे में तो बहुत चिंतित हूं, लेकिन कहीं न कहीं ये सेना को मजबूत करेगा। 🚀 पेंशन बजट के बारे में तो बहुत अच्छा है, रिटायर्ड सैनिकों की देखभाल करना जरूरी है।
 
बजट में ऑपरेशन सिंदूर की बात है, तो लगता है कि सरकार ने फिर से अपने वादों को पूरा करने का दावा किया है 🤑। 7.84 लाख करोड़ रुपए जितना बजट तैयार किया गया है, तो लगता है कि हमारी सेना खेलने वाली हो गई है। 🔥

और यह तो सिर्फ शुरुआत है, 1 लाख करोड़ रुपए ज्यादा बजट है, तो इसका मतलब यह होगा कि हमारे रिटायर्ड सैनिकों को अच्छी पेंशन मिलेगी। खुशी होगी, पर क्या ये खर्च वास्तव में सुरक्षा के लिए करने जा रहे हैं? 🤔

और पाकिस्तान से आगे होने की बात, तो लगता है कि हमारी सेना पाकिस्तान की तुलना में बड़ी और मजबूत है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपनी सुरक्षा के बारे में चिंतित नहीं हैं। 🙏

लेकिन सबसे ज्यादा, बजट में ऑपरेशन सिंदूर की बात है, तो लगता है कि सरकार ने फिर से अपने वादों को पूरा करने का दावा किया है। और हमें उम्मीद है कि अगले बजट में भी ऐसा ही होगा। 🤞
 
ऑपरेशन सिंदूर की बात में तो बहुत खुश है 🙌, लेकिन समझ नहीं आता कि इतनी बड़ी रक्षा बजट में क्या अच्छा हुआ। पिछले 10 सालों में इतना इजाफा करने से देश की आर्थिक स्थिति कैसे मजबूत होगी। और नए एयरक्राफ्ट के लिए इतना पैसा खर्च करने का क्या फायदा? 🤔
 
मुझे लगने लगा है कि हमारी सेना को बहुत ज्यादा पैसे दिए जा रहे हैं 🤑। पहले तो मैंने सोचा था कि 114 राफेल की डील तो बहुत मुश्किल लेगी, लेकिन लगता है हमारे पास इतने पैसे हैं। और नए एयरक्राफ्ट क्यों नहीं बनाया, बेच दिया जा रहा है? 🤔

लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि यह बजट अच्छा है। सेना को मजबूत करने के लिए हमें पैसे जरूर चाहिए। और रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन देना भी बहुत जरूरी है। ज्यादातर मामलों में पैसा अच्छे उपयोग पर लगेगा, तो फिर कोई बात नहीं 💸

और हमारी नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपए दिया गया है, वाह! यह तो बहुत ज्यादा पैसा है। मुझे लगता है कि हमारी सेना अच्छी तरह से तैयार होगी। 🙏
 
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