Parliament Budget Session LIVE: 'अमेरिका को हमने डील नहीं ढील दी', लोकसभा में व्यापार समझौते पर अखिलेश ने घेरा

अमरीका से व्यापार समझौते पर दिलचस्प बोल: अखिलेश यादव ने कहा, अमेरिका से डील नहीं बल्कि ढील दी है। 500 बिलियन डॉलर का व्यापार? एकतरफा? हमारी आत्मनिर्भरता कहां जाएगी?

बजट में तेलंगाना की कई परियोजनाओं की उपेक्षा: अखिलेश यादव ने बजट चर्चा में भाग लेते हुए अमरीका-भारत व्यापार समझौते पर सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'अमेरिका से डील नहीं बल्कि ढील दी है। 500 बिलियन डॉलर का व्यापार? एकतरफा? हमारी आत्मनिर्भरता कहां जाएगी?' उन्होंने आगे कहा, 'किसान संकट से दौर से गुजर रहा है।'

बजट में आर्थिक मदद को बढ़ाने पर ध्यान: केरल की तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से निर्वाचित कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम किसान सम्मान निधि (PMKY) के तहत किसानों को दी जाने वाली आर्थिक मदद का मुद्दा उठाया। उन्होंने मनरेगा को बदलकर बनाए गए वीबी जी राम जी कानून का मुद्दा भी उठाया।

स्पीकर ओम बिरला पर अविश्वास प्रस्ताव: विपक्ष के करीब 120 सांसदों ने लोकसभा महासचिव को नोटिस दिया है।

लोकसभा में कामकाज शुरू होने की संभावना: लंबे गतिरोध के बाद लोकसभा में दोपहर दो बजे कामकाज शुरू हुआ। आम बजट 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद ने पीएम किसान सम्मान निधि (PMKY) के तहत किसानों को दी जाने वाली आर्थिक मदद का मुद्दा उठाया।

विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी खेमा अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है।
 
मैंने पढ़ा कि बजट में तेलंगाना की कई परियोजनाओं को उपेक्षा में छोड़ दिया गया, और अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से हमारी आत्मनिर्भरता कहां जाएगी। तो लगता है कि अगर हम एकतरफा व्यापार करने लगते हैं तो दूसरों को भी फायदा होगा?

मुझे लगने लगा कि शशि थरूर ने बजट में आर्थिक मदद को बढ़ाने पर ध्यान देने की बात कही और पीएम किसान सम्मान निधि का भी मुद्दा उठाया। तो लगता है कि सरकार वास्तव में अपने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रख रही है।

लेकिन सबसे ज्यादा मजेदार बात यह है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव देने की तैयारी कर ली है। तो लगता है कि सरकार को अपने स्पीकर को बचाने के लिए खिलवाड़ करना पड़ेगा। 🤣
 
मैंने पढ़ा तो अमरीका से 500 बिलियन डॉलर का व्यापार? लेकिन फिर मुझे याद आया कि यह देश हमेशा से बाजारों में खेल रहा है और कभी भी सच्चाई नहीं बताता। मैंने सोचा कि 500 बिलियन डॉलर वास्तव में अमेरिका से क्या लाएगा? शायद हमें अपनी आर्थिक स्वतंत्रता पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो यह सभी बातें बस एक मजाक होंगी।

मुझे लगता है कि बजट में तेलंगाना की कई परियोजनाओं की उपेक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन फिर भी, हमें अपने विकास के लिए एक स्पष्ट दिशा की आवश्यकता है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने PMKY को बढ़ाने पर ध्यान देने की बात कहा, लेकिन मुझे लगता है कि इस पर जोर देने से हमें अपने किसानों के साथ भागीदार बनने की जरूरत है।
 
मेरा मन है कि सरकार दोहरी मेहनत करती है, पहले से ही अमरीका के साथ व्यापार समझौते पर हस्तक्षेप करने लगी है। 500 बिलियन डॉलर का व्यापार? यह तो हमारी आत्मनिर्भरता को कैसे बचाएगी? मुझे लगता है कि सरकार को सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए, नहीं तो हमारे देश की परिस्थितियों के अनुसार व्यापार समझौते करने की जरूरत है।

और बजट में तेलंगाना की कई परियोजनाओं की उपेक्षा कैसे की गई? यह तो सरकार की बुद्धिमत्ता को देखने लायक है। हमें अपने देश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने चाहिए, नहीं तो विपक्षी दलों को भी सरकार पर सवाल उठाने का मौका मिल जाएगा।

मुझे लगता है कि आर्थिक मदद को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए, खासकर किसान संकट से। हमें अपने देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए।

अब यह तो सरकार की बुद्धिमत्ता को देखने लायक है... 🤔
 
ये बात में बहुत बड़ा संदेह है कि हमारे देश में अमरीका से 500 बिलियन डॉलर का व्यापार समझौता हो रहा है। पहले तो यह कहा जाता था कि इसमें सिर्फ तीन क्षेत्र होंगे - एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा, लेकिन अब यह बताया गया है कि इसमें शायद कई और क्षेत्र भी शामिल हैं। यह बहुत बड़ा सौदा है, लेकिन हमें यह पूछने की जरूरत है कि अमरीका से हमारी ऐसी बातचीत करने का क्या मकसद है। 🤔

और बजट में तेलंगाना की परियोजनाओं को उपेक्षित कर दिया गया है, यह बहुत निराशाजनक है! हमारे देश के विकास के लिए इन परियोजनाओं की जरूरत है, लेकिन अब ये सब माफी करने की बात कह रही हैं। 🚨

किसान संकट से दौर से गुजर रहा है! यह बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है और हमें इसके बारे में ध्यान रखना चाहिए। पीएम किसान सम्मान निधि को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। 🌾
 
🤣📈 अमेरिकी 500 बिलियन डॉलर से भारत को नहीं बल्कि अपने मुंह से 500 बिलियन डॉलर खांची बना दिया! 🤑😂
 
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर बातचीत का फैसला अच्छी नहीं लग रहा है... पूरी तरह से एकतरफा में खत्म होने देना तो अच्छा नहीं होगा। क्या हम अपने निर्णय लेते समय सोच-विचार कर रहे हैं या बस समझौते पर चलने की ओर धकेले जा रहे हैं? 🤔 500 बिलियन डॉलर से पहले हमें यह तय करना होगा कि हम अपनी आत्मनिर्भरता कहां गंवाएंगे।
 
मुझे लगता है कि सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद करने में बुरा समय गंवाया है। PMKY से पहले भी किसानों को कोई मदद नहीं दी, तो फिर इसके लिए इतना जोर से पेश किया गया।
 
बात करते हैं अमरीका-भारत व्यापार समझौते, तो यह बहुत ही दिलचस्प बात है 🤔। 500 बिलियन डॉलर का व्यापार एकतरफा? यह तो हमारी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठा रहा है। क्या हमें अपने स्वाद को चखने का मौका देने के लिए अमेरिका से समझौता करना चाहिए?

किसानों की समस्या तो बहुत जटिल है, उन्हें आर्थिक मदद देने पर ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन एकतरफा समझौते में उनकी बात कहीं नहीं आ रही है। क्या हमें अपनी खुद की राह चुननी चाहिए? या फिर अमेरिका से मदद लेने की बात करनी चाहिए? यह तो एक बहुत ही मुश्किल सवाल है 🤷‍♂️
 
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