'पारो' के नाम बड़ा खिताब, ऑस्कर 2026 की रेस में शामिल हुई 'हीरामंडी' एक्टर की फिल्म

ताहा शाह की फिल्म 'पारो' ने ऑस्कर अवॉर्ड्स में बड़ा खिताब जीतने का दौर शुरू किया है. संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हीरामंडी' पर आधारित यह फिल्म दुल्हन खरीद-फरोख्त और अगवा करने वाली महिलाओं की दर्दनाक कहानी को प्रस्तुत करती है.

ताहा शाह ने इंस्टाग्राम पर अपने बारे में बताया, 'मेरा दिल खुशी से भर गया है, क्योंकि मेरी फिल्म पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स की कंटेंशन लिस्ट में शामिल हो गई है. यह फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि उन आवाजों का प्रतिनिधित्व है, जिन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता है.

यह फिल्म सरहदों से परे देखी और सुनी जानी चाहिए. मैं पूरी टीम और उन सभी लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने इस सफर पर भरोसा किया. उम्मीद है कि यह पहचान मीनिंफुल सिनेमा के लिए नए दरवाजे खोलेगी, जो संवेदना, जागरूकता और बदलाव को इंस्पायर करे.

दुल्हन प्रथा में होने वाले शोषण पर बनी यह फिल्म दुनियाभर में लोगों के दिलों को छू रही है. अलग-अलग देशों में हुई स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों की नम आंखें और प्यार भरे मैसेज इस सफर को मेरे दिल के बहुत करीब बना देते हैं.'

ताहा शाह की फिल्म 'पारो' एक ऐसी कहानी है, जिसे लोग सुनना चाहेंगे और सोचना चाहेंगे. यह फिल्म उन आवाजों का प्रतिनिधित्व करती है, जो अक्सर अनसुनी रहती हैं और इसे सुनने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है.
 
ताहा शाह की फिल्म 'पारो' को ऑस्कर अवॉर्ड्स में जीतना बेहद प्रसंगी है! यह दर्शकों को ऐसे विषयों पर ध्यान दिलाता है, जिन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता है. लेकिन फिर भी, हमारे समाज में ये समस्याएं अभी भी तेजी से बढ़ रही हैं! यह तो एक अच्छा संदेश है कि लोग इस तरह की कहानियों पर ध्यान देने लगे हैं, लेकिन हमें अभी भी अपने समाज में बदलाव लाने के लिए काम करना होगा.
 
ताहा शाह की फिल्म 'पारो' की जीत ने मुझे बहुत खुशी दी 🤩। मैं इस फिल्म को देखकर बिल्कुल भावुक हुआ था। यह फिल्म एक ऐसी कहानी है जिसने मेरा दिल छू लिया था। मैं उम्मीद करता हूं कि यह पहचान संवेदनशील और जागरूकनीय सिनेमा के लिए नए दरवाजे खोलेगी 🚪
 
अगर मैं थोड़ा देखूं तो लगता है कि यार फिल्म 'पारो' ने ऑस्कर अवॉर्ड्स में बड़ा खिताब जीतने का दौर शुरू कर दिया है, लेकिन क्या यही सब अच्छा है? 🤔

मुझे लगता है कि अगर आप इस फिल्म को देखना चाहते हैं तो आपको पहले इसके बारे में जानना चाहिए। इसकी कहानी तो बहुत दर्दनाक है, यह दुल्हन खरीद-फरोख्त और अगवा करने वाली महिलाओं की सच्ची कहानी को प्रस्तुत करती है. 🚫

मुझे लगता है कि इस फिल्म ने बहुत सारे लोगों को छू दिया है, खासकर उन्हें जो अक्सर अनसुना रहते हैं और उनकी आवाज नहीं सुनी जाती. 👂

आपको यह फिल्म देखने में बाध्य करने वाली कोई कारण नहीं है! 🎥 [यहाँ पर आपको ऑस्कर अवॉर्ड्स 98वें कंटेंशन लिस्ट देख सकते हैं](https://www.oscarawards.org/en/2023-nominations)
 
मेरी फिल्म 'पारो' 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में इतनी बुर्की चढ़ गई कि अब और नहीं जा सकती, :D यह तो पूरा मजाक नहीं था, लेकिन सचमुच टाहा शाह की कहानी दुनियाभर के दिलों को छू रही है... मैंने खुद ही 'पारो' की फिल्म का स्क्रीनिंग किया था और अब भी उसे नहीं छोड़ पाया... यह तो अच्छी बात है कि हमारी फिल्म ने दुनियाभर में लोगों को सोच-विचार करने पर मजबूर किया...
 
मुझे लगता है कि यह फिल्म दुल्हन प्रथा को ठीक करने में बहुत बड़ा योगदान कर सकती है. लेकिन क्या हमारे समाज में यह परिवर्तन होने में सफल हो सकता है? 😐

मैं सोचता हूं कि फिल्म निर्माण के साथ-साथ, प्रेषकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है. क्या हमारे द्वारा बनाई गई फिल्में हमारे समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं? 🤔
 
मुझे यह बात बहुत पसंद है कि टाहा शाह की फिल्म 'पारो' ने ऑस्कर अवॉर्ड्स में भाग लिया है, खासकर जब यह एक ऐसी दुर्भावनापूर्ण और दर्दनाक कहानी को प्रस्तुत करती है जिस पर अक्सर अंधश्राव किया जाता है. यह फिल्म हमें सोचने पर मजबूर करेगी और हमें उन आवाजों को सुनने के लिए प्रेरित करेगी, जिन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता है.

मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों के दिलों को छूकर नई पहचान बनाएगी और हमारे समाज में बदलाव की लहर को बढ़ावा देगी. फ़िल्म की सफलता ने मुझे खुशी से भर दिया है और मैं इस सफर पर भरोसा करने वाली पूरी टीम का आभारी हूं.
 
ताहा शाह की फिल्म 'पारो' ने ऑस्कर अवॉर्ड्स में अपनी जगह बनाने का दौर शुरू किया है, लेकिन याद रखना चाहिए कि यह फिल्म सिर्फ एक खिताब नहीं है, बल्कि गरिमा और सच्चाई को प्रस्तुत करती है.

फिल्म 'पारो' ने दर्शकों के दिलों पर अपना राज कर लिया है और यह केवल सिनेमा की दुनिया में नहीं है, बल्कि हमारे समाज में भी इसकी संदेश प्रगति की ओर ले जाने वाला है.
 
पारो की फिल्म में दिखाए गए शोषण का पीड़ितों के खिलाफ लड़ाई बहुत जरूरी है... हमें जागरूकता बढ़ानी चाहिए और ऐसे सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, जो दुनिया भर में गहराई से छुपे हुए हैं...
 
मुझे लगता है कि 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में शामिल होने के बाद भी फिल्म की प्रमोशन में थोड़ा कमजोर होने का एहसास होता है। प्लेटफार्म पर यह बहुत धूम हो रही है, लेकिन मुझे लगता है कि इंस्टाग्राम पर अधिक विविधता और रचनात्मकता दिखाई जानी चाहिए। ताहा शाह की फिल्म पारो बहुत ही संवेदनशील है, लेकिन इसके बाद की प्रमोशन में थोड़ा सा विविध बनावट डालने की जरूरत है। 📺😐
 
मुझे लगा कि इस फिल्म ने ऑस्कर अवॉर्ड्स में शामिल होने का यह दौर तो बहुत जल्दी ही पूरा कर लेगी और वह भारतीय सिनेमा के लिए बहुत ही अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त कर लेगी, लेकिन जो सच है ये तो यही है कि इस फिल्म ने पहले ऑस्कर अवॉर्ड्स में शामिल होने का दौर शुरू करना ही एक अच्छा संकेत है।
 
ताहा शाह की फिल्म 'पारो' ने ऑस्कर अवॉर्ड्स में बड़ा खिताब जीतने का दौर शुरू किया है, और यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। लेकिन इस पर हमेशा सोचें, कि एक फिल्म जो दर्शकों के दिलों को छूती है और बदलाव की बात करती है, वास्तव में सोशल चेंज होने की शक्ति रखती है या नแค?

यह सवाल हमेशा से उठता रहेगा, और इसका उत्तर भी कभी नहीं मिल पाएगा। लेकिन यह बात तो सच है, कि एक फिल्म जो लोगों को सोचती है और उन्हें नए दृष्टिकोण से देखती है, वास्तव में समाज को बदलने में मदद करती है।

इसलिए, ताहा शाह की फिल्म 'पारो' एक बहुत ही महत्वपूर्ण कहानी है, जिसे हमें सुनना चाहिए और सोचना चाहिए। यह हमें उन आवाजों का प्रतिनिधित्व करती है, जो अक्सर अनसुनी रहती हैं और हमें अपने आसपास की दुनिया को एक नए तरीके से देखने की शक्ति देती है।

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मुझे लगता है कि ताहा शाह की फिल्म 'पारो' बहुत ही दिलचस्प कहानी है और इसे देखना चाहिए. यह फिल्म महिलाओं के अधिकारों और उनके अनुभवों को उठाती है, जिसे आज भी लोग सुनना चाहते हैं और सोचना चाहते हैं।

ताहा शाह ने कहा है कि यह फिल्म उन आवाजों का प्रतिनिधित्व करती है, जो अक्सर अनसुनी रहती हैं, और मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है। हमें अपने समाज में ऐसे विषयों पर बात करनी चाहिए, जिनका बोलबाला नहीं होता है, और ताहा शाह की फिल्म इसी तरह के विषयों को उठाने में सफल रही है।

अब जब यह फिल्म ऑस्कर अवॉर्ड्स में भाग ले रही है, तो मुझे लगता है कि यह एक अच्छा संदेश है और इस फिल्म को देखने वालों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
 
बात तो मेंगी फिल्म को देखा और समझा, तो बहुत दर्दनाक लगी, यह पारो की कहानी। शोषण की जो बातें बताई गई हैं, वो दुनिया से छुपाई नहीं जा सकती. ये एक सच्ची कहानी है जिसे लोगों को सुनना चाहिए.
 
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