मुंबई में एक हाल ही में सामने आया मामला, जहां 50 वर्षीय सफाई कर्मचारी पर अपनी 20 वर्षीय दिव्यांग बेटी के साथ हुए दुष्कर्म और गर्भावस्था करने का आरोप है। पीड़िता बोलने और सुनने में असमर्थ है, जिसके कारण उसके पिता ने भी इस अपराध को लेकर कोई शिकायत नहीं दर्ज की थी।
आरोपी सफाई कर्मचारी पर 17 लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए थे, जिन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब में जांच के लिए भेजा गया। जांच के बाद यह साफ हो गया कि गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक संबंध पीड़िता से है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़िता के पिता ने आरोपों से इनकार किया था, लेकिन बाद में डीएनए रिपोर्ट आने पर उसका डीएनए भ्रूण से मेल खाने की पुष्टि हुई।
इस मामले में, यह दिखाया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह मामला दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
आरोपी सफाई कर्मचारी पर 17 लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए थे, जिन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब में जांच के लिए भेजा गया। जांच के बाद यह साफ हो गया कि गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक संबंध पीड़िता से है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़िता के पिता ने आरोपों से इनकार किया था, लेकिन बाद में डीएनए रिपोर्ट आने पर उसका डीएनए भ्रूण से मेल खाने की पुष्टि हुई।
इस मामले में, यह दिखाया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह मामला दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।