मुंबई: पिता पर दिव्यांग बेटी से दुष्कर्म कर गर्भवती करने का आरोप, डीएनए जांच में हुआ खुलासा

मुंबई में एक हाल ही में सामने आया मामला, जहां 50 वर्षीय सफाई कर्मचारी पर अपनी 20 वर्षीय दिव्यांग बेटी के साथ हुए दुष्कर्म और गर्भावस्था करने का आरोप है। पीड़िता बोलने और सुनने में असमर्थ है, जिसके कारण उसके पिता ने भी इस अपराध को लेकर कोई शिकायत नहीं दर्ज की थी।

आरोपी सफाई कर्मचारी पर 17 लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए थे, जिन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब में जांच के लिए भेजा गया। जांच के बाद यह साफ हो गया कि गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक संबंध पीड़िता से है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़िता के पिता ने आरोपों से इनकार किया था, लेकिन बाद में डीएनए रिपोर्ट आने पर उसका डीएनए भ्रूण से मेल खाने की पुष्टि हुई।

इस मामले में, यह दिखाया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह मामला दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
 
यह तो बहुत बुरा है.. 20 वर्षीय दिव्यांग लड़की पर ऐसा क्या करने वाला है.. पापा का भी आरोपों से इनकार हुआ था, लेकिन जब डीएनए रिपोर्ट आयी तो सबकुछ बदल गया। यह तो बहुत गलत है। मैं उन्हें सजा दिलाना चाहता हूं.. और पुलिस ने अच्छा काम किया है उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है।
 
अरे, ये तो बहुत ही गंभीर मामला है... 20 वर्षीय दिव्यांग बेटी पर ऐसा हुआ, और उसकी पीड़ा में जान-माल की चोट पहुंची। पुलिस ने जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। लेकिन यह मामला तो दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, पीड़िता बोलने और सुनने में असमर्थ है, जिसके कारण उसके पिता ने भी इस अपराध को लेकर कोई शिकायत नहीं दर्ज की थी। यह तो बहुत ही दुखद स्थिति है।
 
यह मामला बहुत गंभीर है और यह हमें अपने समाज की दुर्घटनाओं के बारे में सोचने पर मजबूर करता है। जब तक हमारी लड़कियाँ विकलांग नहीं होतीं, उन्हें भ्रूण हत्या करने और उनके बच्चों को पलाने की अनुमति नहीं थी। लेकिन अब हमारी सामाजिक परिवर्तन आंदोलनों ने लड़कियों को जागरूक किया है और उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए कदम उठाए हैं।

इस मामले में, पुलिस ने जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह दिखाया जा रहा है कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी को लेकर कदम उठाए हैं और दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है।
 
मुझे लगता है कि यह मामला तो बहुत दुखद है, लेकिन अभी भी कुछ सवाल उठते हैं... जैसे कि क्या पुलिस ने साफ-सफाई और सबूतों की जांच करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, या केवल इसलिए ताकि कुछ 'सामाजिक' चिंता हो।

मुझे लगता है कि दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, और ऐसे मामलों में जल्दी कार्रवाई करना जरूरी है। लेकिन यह भी सच है कि पुलिस और न्यायपालिका दोनों को अपनी जिम्मेदारियों को संभालने की कोशिश करनी चाहिए।

अब अगर हम बात करें तो यह मामला एक बड़ा झटका है, और हमें उम्मीद है कि पुलिस और न्यायपालिका दोनों ने इस मामले में अपनी भूमिका संभाल ली होगी।
 
😔 इस तरह के अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं तो? 20 वर्षीय दिव्यांग बेटी पर ऐसा आरोप लगना, और पिताजी ने शिकायत नहीं की, तो यह बहुत ही चिंताजनक है 🤕। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद, अब पीड़िता के परिवार को सुरक्षा की बात करनी पड़ रही है। लेकिन इतनी तेजी से गिरफ्तारी और जांच, यह अच्छा है 🤞। अभी भी कई सवाल हैं - पुलिस कैसे पकड़ सकी, और अन्य संदिग्धों की भूमिका तय करेंगे? यह मामला हमेशा के लिए सुर्खियों में रहने वाला होगा।
 
मैंने इस तरह से पढ़ा है कि पुलिस ने जल्दी से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और अब अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह बहुत अच्छी बात है कि पुलिस ने जल्दी से कार्रवाई की है, ताकि अपराधियों को सजा मिल सके। लेकिन फिर भी, हमें इस तरह के अपराधों के खिलाफ लड़ने के लिए और अधिक जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। हमें अपने दिव्यांग भाई-बहनों को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट होना चाहिए। 🚫💔
 
अरे, इस मामले से हमें यह सुनकर दुःख होता है कि एक सफाई कर्मचारी ने अपनी बेटी के साथ ऐसा किया। लेकिन इतना ही नहीं, पुलिस ने जल्दी से काम कर के आरोपी को गिरफ्तार कर दिया है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच हो रही है। यह मामला सचमुच दिव्यांग लोगों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए एक प्रेरणा है। हमें इस तरह के मामलों से निपटने के लिए सरकार और पुलिस की तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। 🚫
 
मुझे लगता है कि यह मामला बहुत ही गंभीर है, लेकिन फिर भी यह सोचने योग्य है कि पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया, लेकिन क्या उन्होंने पर्याप्त सबूत इकट्ठे कर लिए? मुझे लगता है कि डीएनए रिपोर्ट आ गई है, लेकिन फिर भी यह सोचने योग्य है कि पीड़िता के पिता ने आरोपों से इनकार किया, और अब उनका डीएनए भ्रूण से मेल खाने की पुष्टि हुई है, लेकिन क्या यह वास्तव में सही है? 🤔👀
 
अरे, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण मामला है 🤕। दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा के बारे में इतना चिंतित नहीं होता, लेकिन अब पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह तो एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन मुझे लगता है कि अभी भी बहुत सारे ऐसे मामले हैं जहां पुलिस धीमी हो कर काम करती है। और दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ इतना हिंसा कैसे होती है, यह तो बहुत ही चुनौतीपूर्ण मुद्दा है 🤔
 
अरे, यह तो बहुत ही घटित हुआ में... 50 वर्षीय दुल्हान कर्मचारी पर बेटी के साथ जो छुआ है तो यह तो बर्बादी है... पीड़िता को बोलने में भी असमर्थ है, तो उसके पिता ने भी शिकायत नहीं करायी, लेकिन डीएनए सैंपल से पता चला तो यह तो कोई मजाक नहीं है... पुलिस ने जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया, और अन्य लोगों की भूमिका की जांच हो रही है, यह तो बहुत अच्छा है... लेकिन मुझे लगता है कि कुछ इस तरह के मामलों में पीड़िता की शिकायत नहीं करना चाहिए, और पुलिस को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए...
 
🚨 मेरा अनुमान है कि इस मामले में आरोपी को जल्द से जल्द सजा मिल जाएगी। लेकिन यह सवाल उठता है कि ऐसे अपराधों के लिए पुलिस कितनी तेजी से कार्रवाई कर सकती है? 🤔

मुझे लगता है कि इस मामले में डीएनए रिपोर्ट आने पर पीड़िता के पिता ने अपने दृष्टिकोण को बदल दिया है। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या उन्हें पता था कि उनकी बेटी पर ऐसा अपराध होगा? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि इस मामले में पुलिस ने सही काम किया है, लेकिन यह सवाल उठता है कि हमारे समाज में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए क्या करना चाहिए? 🤝

यह मामला एक बहुत बड़ा झटका है और मुझे लगता है कि इस पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए। 🌟

Source: https://www.ndtv.com/india-news/mum...-with-mother-s-father-denies-anything-2255559
 
ये बहुत ही गंभीर मामला है जो हमें सभी को चुनौती देता है। जब दिव्यांग व्यक्ति पर ऐसा दुष्कर्म होता है, तो यह उनके जीवन को कैसे प्रभावित करता है? हमें अपने समाज में दिव्यांग लोगों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एकजुट होना चाहिए। पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है, जो अच्छा है। अब अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए ताकि वे भी दंडित किए जा सकें। हमें अपने समाज में शिक्षा, सामाजिक सुधार और महिलाओं के अधिकारों को लेकर एकजुट होना चाहिए।
 
मुझे इस तरह से तो ऐसे मामले नहीं देखना आ रहा है जब तक कि... मैं 10वीं क्लास में था, जैसे कि 15 साल पहले, जब हमारी एक छोटी सी दुकान में एक बूढ़ा, सफाई कर्मचारी ने अपनी भतीजी पर ऐसा ही अपराध किया था। लेकिन फिर उस समय पुलिस की तेजी से कार्रवाई नहीं हुई, और वह बूढ़ा खुद गायब चल गया, जैसे कि एक हवा में निकल गया।

अब जब यह मामला सामने आया है, तो पुलिस ने जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह अच्छा है कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही हो। लेकिन फिर भी, हमें याद रखना चाहिए कि पीड़िता और उसके परिवार को भी सहारा देने की जरूरत है।

मैं एक बार अपनी बहन के साथ खेल रहा था, जब वह 10 साल की थी, लेकिन मुझे लगता है कि उस समय हमें जैसा सहारा नहीं मिला, वैसा आज भी निकलता है। लेकिन शायद, इस तरह के मामलों को रोकने और दिव्यांग व्यक्तियों को सुरक्षित रखने के लिए हमें एक-दूसरे पर भरोसा करना चाहिए।

अब, मैं अपने घर की खिड़की से बाहर निकलता हूं... 🌅
 
मैंने पढ़ा है कि 50 साल का सफाई कर्मचारी पर अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन यह तो बहुत दुखद है कि उनकी बेटी पूरी तरह से अंधी है और वह सुनने में भी असमर्थ है।

लेकिन सबसे ज्यादा आश्चर्यकारी बात यह है कि डीएनए सैंपल में पीड़िता का और आरोपी का जैविक संबंध साफ हो गया। यह तो बहुत अच्छा है कि पुलिस ने जल्दी से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुझे लगता है कि यह मामला अभी भी खुला है।

मैं उम्मीद करता हूं कि इस मामले में न्याय का सामना किया जाएगा और दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी सुरक्षा के लिए पूरा समर्थन मिलेगा। 🙏
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मामला है न? पहले तो पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया, फिर सोच रही थी कि शायद वह दोषी नहीं है। और अब जब डीएनए रिपोर्ट आई है, तो यह तो बहुत बड़ा सबूत है न? लेकिन मैं सोचने लगा कि अगर पीड़िता बोलने और सुनने में असमर्थ है, तो शायद उसकी खुशी नहीं होगी कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। और यह भी सवाल उठता है कि अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कैसे की जा रही है? कुछ लोग तो कहते हैं कि पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया था, इसलिए अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच नहीं की जा रही है। लेकिन मैं सोचता हूँ कि यह तो बहुत बड़ा गलतफहमी है न? पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए थी।
 
मुझे इस मामले पर बहुत गुस्सा हुआ, जब मैंने पढ़ा कि 20 वर्षीय दिव्यांग लड़की को अपने पिता ने अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए रोका था, क्योंकि वह बोलने और सुनने में असमर्थ है। यह बिल्कुल सही नहीं है, कि दिव्यांग व्यक्तियों को अपने शरीर पर नियंत्रण रखने का अधिकार नहीं है।

मुझे लगता है कि पुलिस ने इस मामले में बहुत अच्छी तरह से काम किया है, जब उन्होंने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है। यह दिखाया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। यह मामला दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

लेकिन, मुझे लगता है कि हमें इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए और भी कुछ करना होगा। हमें दिव्यांग व्यक्तियों को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करना होगा, और उन्हें अपने शरीर पर नियंत्रण रखने का अधिकार देने के लिए संघर्ष करना होगा। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पुलिस और अन्य अधिकारी दिव्यांग व्यक्तियों के साथ सम्मानजनक और न्यायपूर्ण तरीके से व्यवहार करें।
 
यह तो बहुत बुरा है 🤕, यह तो कोई अपराध नहीं है, यह तो जानवरी काम 🐒। आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया गया है, और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। 😬 यह मामला दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है। 🙏 पीड़िता को बोलने और सुनने में असमर्थ होने के कारण उसके पिता ने भी शिकायत नहीं दर्ज की, यह तो बहुत दुखद है 😔
 
मुझे इस मामले से बहुत दुख हुआ... यह तो भारतीय समाज की गहरी समस्याओं का एक उदाहरण है 🤕। अगर हमारे देश में ऐसे मामलों को लेकर चेतावनी दी जाती, तो शायद ये कभी न होता। लेकिन फिर भी यह सच है कि कई बार पीड़िता के परिवार को आरोपियंसे सामना करने की शक्ति नहीं मिलती।

मैं समझता हूँ कि ये एक जटिल मामला है, लेकिन यह तो सरकार और पुलिस पर उनकी प्रतिक्रियाओं की जांच करने की जिम्मेदारी है। चाहे वह आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया गया हो, या अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की गई हो।

अब मैं एक सवाल पूछना चाहता हूँ... अगर पीड़िता को बोलने और सुनने में असमर्थ है, तो यहाँ तक कि उसके पिता ने भी शिकायत नहीं कराई, लेकिन फिर भी आरोपियंसे गिरफ्तार किया गया। यह कैसा होगा अगर हमारे देश में ऐसे मामलों को सुनने और समझने की जिम्मेदारी वाली सरकार या पुलिस नहीं थी।
 
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