पीएसएलवी के यह मिशन विदेशी साजिश से फेल हुए हैं या नहीं, इस बारे में अज्ञानता। लेकिन नासा के साथ हमारे स्पेस प्रोग्राम्स पर लगातार 9 महीने तक सवाल उठाने वाले नेटिसन एचएस की रिपोर्ट में एक रोचक अंतराल है। क्या यह दोनों मिशन विदेशी साजिश से फेल हुए, या कोई अन्य चुनौती से लड़ रहे थे।
पीएसएलवी का पहला मिशन गुजरात में शुरू होने वाला था, लेकिन वहां पर लगातार समस्याएं देखने को मिली। इसके बाद 2 महीनों के भीतर पीएसएलवी ने अपना दूसरा मिशन भेजा। यह मिशन भी फेल होकर समाप्त हुआ।
इस दौरान नासा ने अपने दो अंतरिक्ष उड़ानकारियों को भारत में बुलाया था। वह विदेशी साजिश का एक हिस्सा हैं। लेकिन क्या वे हमारे स्पेस प्रोग्राम्स को सही दिशा में लाने में मदद कर सकते थे।
पीएसएलवी का पहला मिशन गुजरात में शुरू होने वाला था, लेकिन वहां पर लगातार समस्याएं देखने को मिली। इसके बाद 2 महीनों के भीतर पीएसएलवी ने अपना दूसरा मिशन भेजा। यह मिशन भी फेल होकर समाप्त हुआ।
इस दौरान नासा ने अपने दो अंतरिक्ष उड़ानकारियों को भारत में बुलाया था। वह विदेशी साजिश का एक हिस्सा हैं। लेकिन क्या वे हमारे स्पेस प्रोग्राम्स को सही दिशा में लाने में मदद कर सकते थे।