क्या गांधी परिवार ने महात्मा गांधी का सरनेम चुराया: ‘नेहरू-इंदिरा ने देशवासियों को समस्या माना’; पीएम मोदी ने कौन से 4 बड़े दावे किए

कांग्रेस नेताओं ने गुजरात में नर्मदा नदी पर बन रहे सरदार सरोवर बांध के काम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 51 घंटे का अनशन बिताया था। इस अनशन के दौरान उन्होंने कहा, ‘सरदार पटेल ने इसका सपना देखा था, नेहरू ने इसकी आधारशिला रखी थी, और कई दशकों बाद मैंने इसका उद्घाटन किया। यही कांग्रेस की हालत है। वे सिर्फ कल्पना करते हैं, लेकिन उसे लागू नहीं कर पाते।’

इसके अलावा, पीएम ने कहा, ‘मोहब्बत की दुकान खोलने वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी दुकान है जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करते हैं? ये कौन से संविधान से सीखा है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करते हैं?’
 
मोदीजी के हाल में सोचता हुआ तो लगता है उनके लिए चुनावों का मौसम ही पूरा है। सरदार सरोवर बांध पर अनशन करने के बाद भी वहीं शुरू कर देते हैं नारे? 🤣 और तो और, यह नारा लगाने वालों को सोचते हुए तो लगता है उनके लिए कोई राजनीतिक मौसम नहीं होता। ये दुकान तो केवल उनकी पकड़ की बात करती है, जिसमें उनके समर्थक अपनी कब्र खुद कर देते हैं! 😂
 
अरे, यह तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है... प्रधानमंत्री की बात सुनकर लगता है कि कांग्रेस नेताओं को उनकी राजनीतिक कल्पनाशीलता पर हावी होने की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी उन्हें अपने विचारों को साफ-सफाई से रखना चाहिए, जैसे कि मोदी जी ने कहा है... और यह बात सच तो है कि कांग्रेस की राजनीति में अक्सर कल्पना और दावा करना शामिल होता है, लेकिन प्रभावी नीतियों से जुड़ने की जरूरत भी है।

क्या हमें लगता है कि प्रधानमंत्री की बात को सुनने और दूसरों की राय को समझने में कोई गलतफहमी नहीं है? 🤔
 
मुझे यही लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलचाल में कुछ अजीब सा हो रहा है। वह अक्सर अपने विरोधियों पर हमला करते हैं, लेकिन कभी भी उनकी खोज में नहीं आते। यह देखकर याद आ जाता है कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने गुजरात को एक मजबूत और संगठित राज्य बनाने के लिए बहुत कुछ कर चुके थे। उनकी मृत्यु के बाद भी, उनका विरासत अनुसरण करने की कोशिश की जाती रही। लेकिन आजकल ऐसा लगता है कि सरकार और प्रधानमंत्री दोनों एक ही पथ पर नहीं जा रहे। यह तो जरूरी है कि हम उनकी बोलचाल को ध्यान से सुनें और उनके खिलाफ हुए कार्रवाई की जाए। 🙏
 
मुझे लगा कि सरदार सरोवर बांध के बारे में कितनी जानकारी नहीं थी। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सुनहरी नदी पर बन रहा है लेकिन मैं तो सुनहरी नदी कौन सी है? क्या वास्तव में ऐसी कोई नदी नहीं है जो सरदार सरोवर बांध के पास हुई?

मुझे याद है मेरा दोस्त ने बताया था कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी वाला नारा किसने लगाया था। मैंने उसे कभी नहीं सुना था लेकिन लगता है कि वही बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही हैं।

मुझे पता नहीं है क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह तय हुआ है कि हमारा संविधान देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करेगा? या फिर वही पुरानी बात है जो लोग अक्सर कहते हैं कि मोहब्बत की दुकान खोलने वाले…
 
मेरी राय, यह कांग्रेस वालों की नई गोली है। मुझे लगता है उन्हें अपने सरकार बनने और फिर भी इतना अनशन करने से समझ आ गई न? लेकिन पीएम की बात तो सच सुनाई देती है, क्योंकि वे खुद जानते हैं कि संविधान में ऐसी बातें नहीं हैं।
 
मोहब्बत की दुकान? 😂 ऐसे नारे लगाना तो थोड़ा भ्रमित करने वाला है। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी बिल्कुल सही कह रहे हैं। हमें अपने देश के लिए लड़ना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की कब्र खोदने की बात करें। इससे तो हमारे संविधान और मानवता की जड़ें टूट सकती हैं। क्या हमें अपने देश के निर्माण में कोई भी व्यक्ति को बाधित करना चाहिए? 🤔
 
આ મોડી તેઓનું કર્યું છે, અંદરથી-બહારના વિચારો તેઓએ ભૂલી જશે. કંગ્રેસ દુર્બળ છે, પરંતુ આવેલા રહેવાનો જ શ્રમ કરે છે. એટલે સિદ્ધ થઈ ગયા તેઓ અવરોધના આંતરને કહે છે.
 
क्या मोदी जी को लगता है कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन वाकई तो उन्हें भी पता नहीं है कि देश किसे कैसे पसंद करता है। सरदार सरोवर बांध पर अनशन करना और फिर मोहब्बत की दुकान खोलने वालों से लड़ना तो कुछ भी नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि कांग्रेस नेताओं को ज्ञान होता है और उन्हें लगता है कि वे वास्तव में देश के लिए कुछ कर सकते हैं।
 
कुछ लोगों को लगता है कि नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध का प्रोजेक्ट ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि ये एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है जिससे देश के कई छोटे-छोटे शहरों को पानी और ऊर्जा मिलेगी। अगर हमारे पास कुछ नहीं था तो ये सिर्फ कल्पना नहीं कर सकते।
 
सरदार सरोवर बांध की बात आती है तो मुझे लगता है कि यहाँ हमें अपने देश के इतिहास और उसके नेताओं पर विचार करना चाहिए। जिसने इस सपने को देखा था, वहीं की आधारशिला रखी थी, लेकिन आज भी कांग्रेस में यही मानसिकता है कि कल्पना कर, लेकिन इसका परिणाम लाना नहीं।

मोदीजी ने कहा है कि ये दुकान खोलने वाले लोग देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक बड़ा भ्रम है। हमें अपने देश को एक ऐसा स्थान बनाना चाहिए जहाँ हर कोई सम्मानित महसूस करे, नहीं तो हमारा समाज पूरी तरह से खराब हो जाएगा।

आजकल लोगों में नागरिकता और देशभक्ति की भावना कम होती जा रही है। यहाँ हमें एक नई यात्रा पर चलना चाहिए, जहाँ हम अपने देश को एक ऐसा स्थान बनाएं जहाँ हर कोई सम्मानित महसूस करे।
 
मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को गलत समझा गया है ... यार तो सिर्फ एक दुकान खोलने वाले नारे लग रहे हैं ... और क्या भी नहीं? लेकिन फिर प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह दुकान कौन सी है ... मुझे लगता है कि यह तो एक बड़ा भ्रम है ... और अगर सच्चाई तो सामने आती तो क्या होगा? लेकिन फिर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री जी से 51 घंटे का अनशन बिताया था ... मुझे लगता है कि यह तो बहुत बड़ा आंदोलन होगा अगर सच्चाई में बदलाव आएगा ... लेकिन फिर क्या हुआ? कोई जवाब नहीं दिया गया ... 🤔
 
मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी की बात में थोड़ा भारीपन है। ये देखकर अच्छा लगता है कि कांग्रेस नेताओं ने अपना अनशन करने का फैसला किया, लेकिन उनकी राय में कहीं भी नेहरू जी या सरदार पटेल जी की बात नहीं करनी चाहिए। यह तो उनकी स्थिति है, हमें उनकी बात पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। और मोदी जी का नारा किसी की कब्र खुदेगी... यह तो एक बहुत बड़ा विवादक बयान है और इसके पीछे कुछ गहराईयों की जरूरत है।
 
[ਨਰੇਂਦਰ ਮੋਦੀ] 😒👊

[ਅਜੇ ਡੀਐਸ] 🤡😂

[ਵਾਲਮिकੀ ਆਨਲਾਈਨ] 🌉💧 "ਬਿਹਾਰ में 10 साल बाद किसानों ने एक सिंचाई प्रणाली बनाई, लेकिन गुजरात में 50 साल बाद भी कोई नहीं" 🤦‍♂️
 
मैं समझ नहीं पाया, प्रधानमंत्री जी क्यों ऐसे बयान देते हैं? यहाँ पर सरदार वल्लभभाई पटेल का सपना और नेहरू जी की आधारशिला लेना भूल गए, और अब कांग्रेस की हालत तो यही है। वे चुनावों में लड़ते हैं और फिर वोटों पर जीत जाते हैं, लेकिन अपने वादों को पूरा नहीं कर पाते। मुझे लगता है कि ऐसा बयान देना बुद्धिमत्ता की जगह झूठ की ओर इशारा करता है। 🤔
 
सरदार सरोवर बांध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दावा थोड़ा अजीब लग रहा है । 51 घंटे का अनशन करने के बाद भी उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने सिर्फ कल्पना करते हैं लेकिन उसे लागू नहीं कर पाते। यह तो बहुत ही व्यक्तिपरक बात लग रही है और मुझे लगता है कि इस पर एक विस्तृत चर्चा करने की जरूरत है। क्या हमें यह पता चलना चाहिए कि प्रधानमंत्री कौन हैं और उनके द्वारा क्या सोचा जाता है? मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर एक निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण लेने की जरूरत है।
 
अरे, मुझे लगता है कि यह पूरा मामला कुछ और भी गहरा है। कांग्रेसी उनके समर्थन में तो हैं, लेकिन क्या उन्होंने कभी सोचा है कि बाबा साहब की दुकान खोलने वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगाते समय, उनके देश के नागरिकों को कैसा महसूस होता है? मुझे लगता है कि कांग्रेसी अपने और भी अधिक सामाजिक दृष्टिकोण चाहते हैं।
 
मेरी यादें वापस आ गईं... जब मैं बच्चा था, तो हमारे दादा-दादी कहते थे कि सरदार पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बनाने का सपना देखा था। और अब यह बात है कि कांग्रेस नेताओं ने 51 घंटे का अनशन बिताया है... मुझे लगता है कि उन्हें अपनी बात समझानी होगी। लेकिन पीएम जी ने उनकी बात कैसे सुनेगा, जो तो कहते हैं वही कर देते हैं। 🤔
 
मुझे लगता है कि यह सब और भी गहरा मुद्दा है। पूरा यह व्यवहार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया गया सिर्फ राजनीतिक प्रचार के लिए है, जिसमें कांग्रेस को बदनाम करने का भी युक्ति शामिल है। तो फिर क्यों ऐसा कर रहे हैं?
 
मोदीजी तो क्या करेंगे, उन्हें अपने पूर्व प्रियों के विरोध में फुल खेल खेलना पसंद है 🤣। लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें यह नहीं पता कि सरदार सारोवर बांध की वास्तविकता क्या है, न कि कल्पना का। और वह तो हमेशा से कह रहे थे कि नर्मदा नदी पर बांध बनाना एक बड़ा काम है 🌊। लेकिन मोदीजी तो बिल्कुल नहीं सोचते कि उनके पूर्व प्रियों ने देश के लिए क्या कर दिया था। और अब वे अपने राजनीतिक जीवन को खोने का तरीका ढूंढ रहे हैं। लेकिन मुझे लगता है कि उनकी यह बहस कांग्रेस नेताओं पर नहीं चलेगी, बल्कि देश के लोगों पर 🤔
 
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